पोषाणा की बेटियों ने बढ़ाया मान, संस्कार विद्या मंदिर ने जीती कबड्डी चैंपियनशिप
राजस्थान ब्यूरो समरथाराम सुंदेशा की विशेष खबर

पोषाणा की बेटियों ने बढ़ाया मान, संस्कार विद्या मंदिर ने जीती कबड्डी चैंपियनशिप
तीन दिवसीय संकुल स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता का हर्षोल्लास के साथ समापन, 326 विद्यार्थियों ने दिखाई खेल प्रतिभा
सायला/जालोर। | SvasJsNews | राजस्थान ब्यूरो समरथाराम सुंदेशा की विशेष खबर
सायला उपखंड क्षेत्र के पोषाणा में श्री मल्लीनाथ पब्लिक माध्यमिक विद्यालय में आयोजित तीन दिवसीय संकुल स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता का गुरुवार को उत्साह और हर्षोल्लास के साथ समापन हुआ। प्रतियोगिता में विभिन्न विद्यालयों के कुल 326 विद्यार्थियों ने भाग लेकर खेल प्रतिभा, अनुशासन और टीम भावना का शानदार प्रदर्शन किया। समापन समारोह के मुख्य अतिथि कुंवर सा गजेन्द्र पाल सिंह बालावत एवं समाजसेवी महेंद्रपाल सिंह बालावत रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्य सुरेंद्र कुमार अग्रवाल ने की। समारोह का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि गोपाल देवासी, कोमता पीईईओ विक्रम सिंह, प्रकाश कुमार उनडी, पीरूराम विशाला एवं जितेंद्र सिंह बालावत सहित कई गणमान्य लोग मंचासीन रहे। प्रधानाचार्य अर्जुन धांधल ने प्रतियोगिता का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।
कबड्डी में संस्कार विद्या मंदिर की छात्राओं का शानदार प्रदर्शन
प्रतियोगिता के परिणामों में कबड्डी छात्रा वर्ग में संस्कार विद्या मंदिर पोषाणा ने प्रथम स्थान हासिल कर चैंपियनशिप अपने नाम की। वहीं कबड्डी छात्र वर्ग में अलंकार चिल्ड्रन पब्लिक स्कूल पोषाणा प्रथम रहा।इसी प्रकार खो-खो छात्र वर्ग और छात्रा वर्ग दोनों में श्री मल्लीनाथ पब्लिक माध्यमिक विद्यालय ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। जिम्नास्टिक, दौड़ और लंबी कूद सहित विभिन्न स्पर्धाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को भी पुरस्कृत किया गया।
खेल जीवन में सिखाता है अनुशासन और नेतृत्व
मुख्य अतिथि महेंद्रपाल सिंह बालावत ने कहा कि खेल केवल शारीरिक विकास का माध्यम नहीं है, बल्कि इससे विद्यार्थियों में अनुशासन, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता विकसित होती है। ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता उन्हें उचित मंच और प्रोत्साहन देने की है।उन्होंने कहा कि जो बच्चा खेल मैदान में हार से सीखना जान जाता है, वह जीवन में कभी हार नहीं मानता। 326 विद्यार्थियों की भागीदारी क्षेत्र के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है। अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रधानाचार्य सुरेंद्र कुमार अग्रवाल ने कहा कि शिक्षा के साथ खेलकूद का भी विद्यार्थी जीवन में अत्यंत महत्व है। ऐसी प्रतियोगिताएं बच्चों में आपसी भाईचारा और सकारात्मक प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करती हैं। उन्होंने विजेता एवं उपविजेता टीमों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हारने वाले खिलाड़ी निराश न हों, क्योंकि हार ही अगली जीत की प्रेरणा बनती है। कार्यक्रम में रतन सिंह, पारसाराम राजपुरोहित, हिम्मताराम, वचनाराम देवासी, सापाराम, रेवाराम, फूलाराम माली, ललित माली, चेलाराम, सुरताराम, नैतीराम, नरपत कुमार सहित सैकड़ों ग्रामीण, अभिभावक, शिक्षक एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।
खेल से ही बनेगा सशक्त भारत के भविष्य का आधार।







