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सोहावल के लेखपाल उत्कर्षदीप प्रकरण में निष्पक्ष जांच की मांग, लेखपाल संघ ने सौंपा ज्ञापन

सोहावल के लेखपाल उत्कर्षदीप प्रकरण में निष्पक्ष जांच की मांग, लेखपाल संघ ने सौंपा ज्ञापन


ब्यूरो रिपोर्टर तुषार शुक्ला

गोला गोकर्णनाथ–  खीरी अयोध्या की सोहावल तहसील में लेखपाल उत्कर्षदीप के खिलाफ हुई ट्रैप कार्रवाई को लेकर उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने विरोध जताते हुए निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। इस संबंध में गोला गोकर्णनाथ तहसील इकाई ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा।

लेखपाल संघ ने ज्ञापन में कहा कि भ्रष्टाचार के किसी भी रूप का समर्थन नहीं किया जाएगा। यदि कोई कर्मचारी रिश्वत मांगने या लेने का दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं, यदि किसी निर्दोष कर्मचारी को निजी रंजिश, षड्यंत्र, झूठी शिकायत या फर्जी ट्रैप के माध्यम से फंसाया गया है तो इसकी निष्पक्ष जांच कर वास्तविक तथ्य सामने लाए जाने चाहिए।

संघ के पदाधिकारियों के अनुसार, 20 अगस्त 2026 को जनपद अयोध्या की सोहावल तहसील में लेखपाल उत्कर्षदीप से संबंधित घटना से लेखपाल संवर्ग में रोष है। संघ ने मामले से जुड़े सीसीटीवी फुटेज, वायरल वीडियो, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और शिकायत से संबंधित सभी तथ्यों की निष्पक्ष समीक्षा कराने की मांग की है।

ज्ञापन में भविष्य में किसी लेखपाल के खिलाफ ट्रैप कार्रवाई से पहले शिकायत की सत्यता, शिकायतकर्ता की पृष्ठभूमि, संभावित रंजिश, शिकायत के उद्देश्य तथा संबंधित कार्य में लेखपाल की वास्तविक भूमिका और अधिकार क्षेत्र की जांच किए जाने की मांग की गई है। संघ ने कहा कि ट्रैप कार्रवाई के लिए स्पष्ट **Standard Operating Procedure (SOP)** निर्धारित किया जाना चाहिए, ताकि प्रक्रिया पारदर्शी और जवाबदेह बनी रहे।

लेखपाल संघ ने इस प्रकरण के विरोध में प्रदेश के सभी 75 जनपदों की 351 तहसीलों में एक दिवसीय कलम बंद हड़ताल और धरना-प्रदर्शन किए जाने की बात भी कही है।

संघ ने मुख्यमंत्री से मामले में हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच कराने, जांच में निर्दोष पाए जाने वाले कर्मचारी को न्याय दिलाने तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।

ज्ञापन में कहा गया कि लेखपाल राजस्व विभाग की महत्वपूर्ण कड़ी हैं और भूमि विवाद, पैमाइश, अतिक्रमण समेत विभिन्न राजस्व कार्यों में सीधे जनता के बीच रहकर अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं। ऐसे में उन्हें भयमुक्त, सुरक्षित, सम्मानजनक और निष्पक्ष कार्य वातावरण उपलब्ध कराया जाना आवश्यक है।

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