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बाढ़ के बीच गांव-गांव पहुंचा प्रशासन, एडीएम ने परखी राहत की रफ्तार

बाढ़ के बीच गांव-गांव पहुंचा प्रशासन, एडीएम ने परखी राहत की रफ्तार

जसनगर के बाद जीतपुरवा पहुंचे एडीएम नरेंद्र बहादुर सिंह, ग्रामीणों से सीधे संवाद कर जानीं समस्याएं; NDRF, SSB, राजस्व और पुलिस टीमें मुस्तैद

ब्यूरो रिपोर्टर- तुषार शुक्ला
लखीमपुर खीरी, 22 अगस्त। नदियों में जलस्तर बढ़ने और बाढ़ की चुनौती के बीच प्रशासन ने राहत एवं बचाव अभियान को पूरी गंभीरता के साथ जमीन पर उतार दिया है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में प्रशासनिक अधिकारियों की लगातार निगरानी के बीच शनिवार को एडीएम नरेंद्र बहादुर सिंह ने निघासन तहसील के बाढ़ प्रभावित गांवों का स्थलीय निरीक्षण कर राहत व्यवस्था की हकीकत परखी।

एडीएम सबसे पहले जसनगर गांव पहुंचे, जहां उन्होंने बाढ़ की स्थिति, प्रभावित आबादी और ग्रामीणों तक पहुंच रही राहत व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान मौके पर NDRF, SSB, राजस्व एवं पुलिस की टीमें मौजूद रहीं। आपदा की स्थिति को देखते हुए सभी टीमें अपने-अपने स्तर से राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी रहीं। एडीएम ने मौके पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों से क्षेत्र की स्थिति की जानकारी ली तथा प्रभावित लोगों की जरूरतों के अनुरूप राहत कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर जोर दिया।

ग्रामीणों के बीच पहुंचे एडीएम, सुनीं परेशानी
जसनगर के बाद एडीएम ने निघासन तहसील क्षेत्र के ही बाढ़ प्रभावित जीतपुरवा गांव का रुख किया। यहां उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद किया और बाढ़ से उत्पन्न परिस्थितियों तथा उनकी जरूरतों के बारे में जानकारी ली। ग्रामीणों ने भी अपनी समस्याएं प्रशासन के समक्ष रखीं। एडीएम ने उनकी बात गंभीरता से सुनी और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाढ़ प्रभावित परिवारों तक खाद्यान्न समेत सभी जरूरी राहत तत्काल पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। जहां भी किसी परिवार को किसी प्रकार की आवश्यकता हो, वहां संबंधित टीम तत्काल पहुंचे और जरूरी सहायता उपलब्ध कराए।

राहत में न हो देरी, आगे भी जारी रहे अभियान
एडीएम नरेंद्र बहादुर सिंह ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों की गति किसी भी स्थिति में कम नहीं होनी चाहिए। प्रभावित गांवों की लगातार निगरानी की जाए और स्थिति के अनुसार तत्काल राहत एवं सहायता उपलब्ध कराई जाए। बाढ़ का पानी कम होने तक ही नहीं, बल्कि परिस्थितियों के सामान्य होने तक प्रशासनिक टीमें क्षेत्र में सक्रिय रहकर लोगों की मदद करती रहें। उन्होंने राजस्व, पुलिस, NDRF और SSB समेत संबंधित टीमों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके।

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