गन्ने से बनेगा बायोप्लास्टिक, खीरी में देश के पहले बायोपॉलिमर संयंत्र की तैयारी तेज

गन्ने से बनेगा बायोप्लास्टिक, खीरी में देश के पहले बायोपॉलिमर संयंत्र की तैयारी तेज
ब्यूरो रिपोर्टर -तुषार शुक्ला
लखीमपुर खीरी,गन्ने की खेती के लिए पहचान रखने वाला लखीमपुर खीरी अब पर्यावरण-अनुकूल बायोप्लास्टिक उत्पादन के क्षेत्र में भी नई पहचान बनाने की ओर बढ़ रहा है। बलरामपुर चीनी मिल लिमिटेड द्वारा 3080 करोड़ रुपये की लागत से कुंभी में देश का पहला ऐसा बायोपॉलिमर संयंत्र तैयार किया जा रहा है, जहां खेती में उत्पादित गन्ने से लेकर पीएलए (पॉली लैक्टिक एसिड) आधारित बायोप्लास्टिक के निर्माण तक की प्रक्रिया एक ही परिसर में होगी।
गुरुवार को डीएम अंजनी कुमार सिंह ने निर्माणाधीन संयंत्र का निरीक्षण कर कार्य की प्रगति एवं अक्टूबर में प्रस्तावित संचालन की तैयारियों की जानकारी ली। प्लांट के अधिकारियों ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के जरिए डीएम को संयंत्र का लेआउट, उत्पादन प्रक्रिया और अब तक हुए निर्माण कार्य की प्रगति समझाई। डीएम ने गन्ने से चीनी और फिर पीएलए आधारित बायोप्लास्टिक बनने की पूरी चरणबद्ध प्रक्रिया की जानकारी ली तथा तकनीकी पहलुओं को लेकर अधिकारियों से सवाल किए।
खास बात यह है कि खेती में पैदा होने वाले गन्ने से पीएलए तक का पूरा निर्माण एक ही परिसर में किया जाएगा। संयंत्र पॉली लैक्टिक एसिड आधारित बायोप्लास्टिक का उत्पादन करेगा, जिससे पर्यावरण-अनुकूल उत्पाद तैयार किए जा सकेंगे। प्लांट में ‘जीरो लिक्विड डिस्चार्ज’ प्रणाली भी होगी। यानी उत्पादन प्रक्रिया से निकलने वाला हानिकारक तरल अपशिष्ट नदियों या नालों में नहीं छोड़ा जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि संयंत्र का अक्टूबर माह में संचालन प्रस्तावित है और इसके लिए निर्माण कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। बताया गया कि फरवरी 2025 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देश के प्रथम बायोपॉलिमर संयंत्र की आधारशिला रखी थी।
डीएम अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि गन्ने के खेत से निकलकर बायोप्लास्टिक तक पहुंचने वाली यह परियोजना लखीमपुर खीरी में कृषि आधारित औद्योगिक विकास का नया अध्याय जोड़ रही है। देश के पहले इस तरह के संयंत्र के संचालन से क्षेत्र में पर्यावरण-अनुकूल उत्पादन और सतत औद्योगिक विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
निरीक्षण के दौरान प्लांट के यूनिट हेड ललित जैन, मुख्य तकनीकी अधिकारी शिवेर सिंह, कुंभी चीनी मिल के मुख्य महाप्रबंधक सुनील कुमार यादव, एसडीएम युगांतर त्रिपाठी समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।



