गुरलां में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का आगाज: ‘दो बूंद जिंदगी की’ पीकर सुरक्षित हुए नौनिहाल घर-घर दस्तक देकर छूटे हुए बच्चों को सोमवार से पिलाई जाएगी दवा, चिकित्सा विभाग ने झोंकी पूरी ताकत

गुरलां में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का आगाज: ‘दो बूंद जिंदगी की’ पीकर सुरक्षित हुए नौनिहाल घर-घर दस्तक देकर छूटे हुए बच्चों को सोमवार से पिलाई जाएगी दवा, चिकित्सा विभाग ने झोंकी पूरी ताकत
संवाददाता -सत्यनारायण सेन गुरला
गुरलां (भीलवाड़ा)।राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तहत रविवार को कस्बे सहित आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों में ‘दो बूंद जिंदगी की’ अभियान का जोरदार आगाज हुआ। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के निर्देशानुसार, सुबह से ही राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, उप-स्वास्थ्य केंद्रों और स्थानीय आंगनवाड़ी केंद्रों पर बने बूथों पर 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो रोधी खुराक पिलाने के लिए माता-पिता की भारी भीड़ उमड़ी।स्थानीय स्वास्थ्य प्रभारियों और मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर और बच्चों को दवा पिलाकर इस महाअभियान का विधिवत शुभारंभ किया गया।
ग्रामीणों में दिखा उत्साह, बूथों पर सजी कतारें
सुबह 8 बजे जैसे ही पोलियो बूथ खुले, ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता का असर साफ देखने को मिला। धूप और गर्मी की परवाह किए बिना जागरूक माता-पिता अपने छोटे बच्चों को गोद में लेकर केंद्रों पर पहुंचे। एएनएम, आशा सहयोगिनियों और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने मुस्तैदी से मोर्चा संभालते हुए हर बच्चे को दवा पिलाई और पहचान के लिए उनकी छोटी उंगली पर स्याही का निशान लगाया।
*घुमंतू और भट्ठा श्रमिकों के बच्चों पर विशेष फोकस*
चिकित्सा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, गुरलां क्षेत्र के तहत आने वाले कंस्ट्रक्शन साइट्स, ईंट भट्ठों, कृषि फॉर्मों और घुमंतू/गाड़िया लोहार परिवारों के बच्चों को सुरक्षा चक्र में शामिल करने के लिए विशेष मोबाइल टीमों का गठन किया गया था। इन टीमों ने दूर-दराज के क्षेत्रों और अस्थायी आवासों में जाकर मौके पर ही बच्चों को पोलियों की बूंदें पिलाईं।
सोमवार और मंगलवार को टीम आएगी आपके द्वार
स्वास्थ्य केंद्र के अधिकारियों ने बताया कि रविवार को बूथ स्तर पर कवरेज के बाद अब आगामी दो दिनों तक (सोमवार और मंगलवार) विशेष घर-घर दस्तक (House-to-House) अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान स्वास्थ्य कर्मी गुरलां के हर वार्ड, गली और मोहल्ले में जाकर उंगली के निशान की जांच करेंगे। यदि कोई बच्चा रविवार को किसी कारणवश दवा पीने से चूक गया है, तो उसे घर पर ही दवा पिलाई जाएगी, ताकि क्षेत्र में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया जा सके।



