मस्जिद पर बुलडोजर मामले पर गरमाई सियासत— मायावती से लेकर ओवैसी तक ने कार्रवाई पर उठाए सवाल

मस्जिद पर बुलडोजर मामले पर गरमाई सियासत— मायावती से लेकर ओवैसी तक ने कार्रवाई पर उठाए सवाल
प्रशासन ने की किसी भी अफवाह पर ध्यान न देकर शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील
विशेष रिपोर्ट -मो कलीम अंसारी
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर में बनी करीब 150 साल पुरानी बताई जा रही मस्जिद पर बुलडोजर की कार्रवाई से राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के नेताओं से लेकर एमआईएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने इस पर सवाल खड़े किए हैं वहीं मामले में प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई अदालत के आदेश के बाद की गई है सहारनपुर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन की ओर से लोगों से किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की गई है। समाजवादी पार्टी की वरिष्ठ नेता और कैराना से सांसद इकरा हसन का आरोप है कि मस्जिद को गिराने से पहले लोगों को अपनी बात रखने और हाई कोर्ट जाने का पर्याप्त समय नहीं दिया गया.
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ नेता इमरान प्रतापगढ़ी ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मस्जिद गिराए जाने को लेकर सरकार पर निशाना साधा.उन्होंने सवाल उठाया कि अगर करीब 100 साल पुरानी मस्जिद को भी अवैध बताया जा रहा है तो फिर देश में क्या कुछ वैध है? इमरान प्रतापगढ़ी का आरोप था कि सरकार की कार्यवाही धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने का हिस्सा है। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय आजाद सिंह ने भी इस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए हैं और उन्होंने सोशल मीडिया पर इसको लेकर एक पोस्ट भी की उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बसपा प्रमुख मायावती ने सहारनपुर की मस्जिद समेत उत्तर प्रदेश में धार्मिक स्थलों को लेकर हो रही कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए लिखा कि मस्जिदों को जल्दबाजी में अवैध बताकर गिराने का सरकारी अभियान ठीक नहीं है बसपा प्रमुख मायावती ने सरकार से ऐसे कदमों पर तुरंत लोक लगाने और विवादों का समाधान निकालने के दूसरे रास्ते तलाशने की अपील की.
एमआईएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष और लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भी इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी उन्होंने सहारनपुर में मस्जिद की जमीन पर सरकार के दावे को लेकर सवाल खड़े किए उन्होंने लिमिटेशन एक्ट का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार को किसी जमीन पर अपना दावा करने के लिए असीमित समय नहीं मिल जाता उन्होंने कहा कि अगर किसी जमीन पर एक सदी से ज्यादा वक्त से खुले तौर पर लगातार कब्जा रहा है तो सरकार अचानक यह नहीं कह सकती कि जमीन अब उसकी है।
सहारनपुर के मौजूदा कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने भी इस कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े करते हुए सभी से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की.वहीं प्रशासन के मुताबिक यह कार्रवाई अदालत के आदेश के बाद की गई. 4 सितंबर को जिला जज की अदालत ने मस्जिद कमेटी की अपील खारिज कर सिटी मजिस्ट्रेट के पहले के आदेश को बरकरार रखा था. इसके बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की।



