जालोर के पोसाना क्लस्टर में प्राकृतिक खेती आमुखीकरण कार्यशाला सम्पन्न
🌾 जालोर के पोसाना क्लस्टर में प्राकृतिक खेती आमुखीकरण कार्यशाला सम्पन्नSvasJsNews | राजस्थान ब्यूरो – समरथाराम सुंदेशा की विशेष रिपोर्ट”प्राकृतिक कृषि प्रणालियों को बढ़ावा देना — भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल”जालोर, सायला उपखंड क्षेत्र के ग्राम पंचायत पांथेडी में राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत एकदिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम ग्राम पंचायत भवन पांथेडी में सहायक कृषि अधिकारी क्षेत्र पोसाना एवं कृषि विज्ञान केंद्र केशवना के संयुक्त सहयोग से संपन्न हुआ।कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को रसायनमुक्त खेती, स्थानीय संसाधनों एवं देसी गाय आधारित कृषि मॉडल अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा, ताकि उत्पादन लागत घटे और आय में वृद्धि हो सके।कार्यशाला में कृषि विज्ञान केंद्र केशवना से आए डॉ. पवन पारीक (उद्यान विशेषज्ञ) ने किसानों को प्राकृतिक खेती की वैज्ञानिक पद्धतियों, गोवंश आधारित कृषि मॉडल, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण और जैविक खेती के लाभ पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा—
“प्राकृतिक खेती हमारी संस्कृति, परंपरा और प्रकृति से जुड़ी है। रासायनिक खेती से हटकर हमें जैविक तरीकों को अपनाना होगा ताकि मिट्टी, जल, वायु और हमारे स्वास्थ्य की रक्षा हो सके।”
वहीं डॉ. बीरम सिंह गुर्जर ने किसानों को बीजामृत, जीवामृत, वर्मी कंपोस्ट, ब्रह्मास्त्र आदि प्राकृतिक तैयारियों के निर्माण और उपयोग की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ये उपाय मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ाने और कीट रोग नियंत्रण में अत्यंत कारगर हैं।सहायक कृषि अधिकारी छोटूसिंह राठौड़ ने कहा कि —
“प्राकृतिक खेती केवल उत्पादन प्रणाली नहीं, बल्कि जीवन का एक दर्शन है, जो भूमि, जल, पशु और मानव के संतुलन का आधार है।”
कृषि पर्यवेक्षक कैलाश कुमार गर्ग ने हरी खाद, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, गोबर-गोमूत्र उत्पादों और देशी बीजों के संरक्षण पर चर्चा की।
कृषि पर्यवेक्षक पूर्ण सिंह देवड़ा ने राज्य सरकार की कृषि योजनाएं जैसे तारबंदी, पाइपलाइन, फार्म पॉन्ड्स व गोवर्धन योजना के बारे में जानकारी दी।अंत में डॉ. पवन पारीक ने उपस्थित सभी कृषकों को “धरती माता बचाओ अभियान” की शपथ दिलाई।इस मौके पर ग्राम विकास अधिकारी इन्द्रपाल सिंह, किसान प्रतिनिधि प्रेमाराम मेघवाल, गजे सिंह परमार, दरगाराम मेघवाल, हकीम खां कोतवाल, केसर सिंह, धर्माराम देवासी, बगा राम गर्ग, डूंगर सिंह परमार, पहाड़ सिंह सहित अनेक किसान मौजूद रहे।🌿 यह कार्यशाला जालोर क्षेत्र में सतत कृषि और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सशक्त कदम मानी जा रही है।




