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नवीकरणीय ऊर्जा को लेकर उच्चस्तरीय मंथन, केंद्र–राज्य समन्वय को मिली नई दिशा

महोबा में नवीकरणीय ऊर्जा को लेकर उच्चस्तरीय मंथन, केंद्र–राज्य समन्वय को मिली नई दिशा

महोबा।नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में केंद्र सरकार की नीतियों को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने की दिशा में जनपद महोबा में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक गतिविधि देखने को मिली। भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के माननीय संयुक्त सचिव श्री जे0वी0एन0 सुब्रमण्यम, आईएएस के जनपद महोबा भ्रमण के अवसर पर जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन द्वारा उनका भव्य, गरिमामय एवं आत्मीय स्वागत किया गया।

जिलाधिकारी महोबा श्रीमती गजल भारद्वाज एवं पुलिस अधीक्षक महोबा श्री प्रबल प्रताप सिंह ने पुष्पगुच्छ भेंट कर माननीय संयुक्त सचिव का स्वागत किया, जो प्रशासनिक सौहार्द और सम्मान की परंपरा को दर्शाता है। स्वागत के पश्चात सुसज्जित गार्द द्वारा उन्हें सलामी दी गई, जिसने पूरे कार्यक्रम को औपचारिक गरिमा प्रदान की।

भ्रमण के दौरान प्रस्तावित कार्यक्रम के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा से जुड़े सभी प्रासंगिक बिंदुओं पर विस्तार से संवाद किया गया। गोष्ठी में केंद्र सरकार की योजनाओं, जनपद स्तर पर उनके क्रियान्वयन, संभावनाओं, चुनौतियों एवं स्थानीय आवश्यकताओं पर गहन चर्चा हुई। विशेष रूप से सौर ऊर्जा, स्वच्छ ऊर्जा संसाधनों के विस्तार और ग्रामीण क्षेत्रों तक योजनाओं की प्रभावी पहुंच पर विचार-विमर्श किया गया।


माननीय संयुक्त सचिव श्री जे0वी0एन0 सुब्रमण्यम ने अधिकारियों से जनपद में नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं की प्रगति, भविष्य की योजनाओं तथा प्रशासनिक सहयोग की स्थिति की जानकारी प्राप्त की। वहीं जिलाधिकारी महोबा ने जनपद की भौगोलिक, सामाजिक एवं आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए ऊर्जा परियोजनाओं की संभावनाओं पर प्रकाश डाला।

यह दौरा न केवल नीतिगत संवाद तक सीमित रहा, बल्कि केंद्र और जिला प्रशासन के बीच समन्वय को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने इसे जनपद महोबा के लिए विकासोन्मुख अवसर बताया।


SvasJsNews मानता है कि ऐसे प्रशासनिक संवाद ही नीतियों को कागज से जमीन तक पहुंचाने की असली कड़ी होते हैं, जिससे विकास, स्वच्छ ऊर्जा और आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को नई गति मिलती है।

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