विधायक अशोक कोठारी ने सस्ती व सुलभ बजरी उपलब्ध कराने की उठाई मांग

विधानसभा के शून्यकाल में गूंजा बजरी का मुद्दा
विधायक अशोक कोठारी ने सस्ती व सुलभ बजरी उपलब्ध कराने की उठाई मांग
भीलवाड़ा,
राजस्थान विधानसभा के शून्यकाल के दौरान भीलवाड़ा विधायक अशोक कोठारी ने प्रदेश में बजरी की बढ़ती कीमतों, अवैध खनन और उससे बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर सरकार का ध्यान आकृष्ट किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में प्रदेश में विकास और निर्माण कार्यों की निरंतरता बेहद आवश्यक है, लेकिन बजरी की कमी और अत्यधिक महंगाई के कारण आमजन, निर्माणकर्ता और छोटे ठेकेदार गंभीर परेशानियों का सामना कर रहे हैं।
विधायक कोठारी ने सदन में कहा कि सरकार द्वारा लागू की गई एम-सैंड पॉलिसी सराहनीय है, लेकिन व्यावहारिक रूप से सभी प्रकार के निर्माण कार्यों में एम-सैंड का उपयोग संभव नहीं हो पाता। ऐसे में प्राकृतिक बजरी की मांग लगातार बनी हुई है, जबकि आपूर्ति सीमित है। इसी असंतुलन के कारण बजरी की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, जिससे कालाबाजारी और अवैध खनन को बढ़ावा मिल रहा है।

उन्होंने चिंता जताई कि अवैध बजरी खनन के चलते न केवल राजस्व को नुकसान हो रहा है, बल्कि इससे अपराधों में भी वृद्धि हो रही है और कानून व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा हो रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध बजरी परिवहन के कारण आए दिन विवाद, दुर्घटनाएं और सामाजिक तनाव की स्थिति उत्पन्न हो रही है।
विधायक कोठारी ने बताया कि जनहित को ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा बजरी नीति-2024 लागू की गई, जिसके अंतर्गत 50 से 100 हेक्टेयर के छोटे क्षेत्रों में 255 बजरी लीजों की पारदर्शी नीलामी की गई। डीएसआर (डिस्ट्रिक्ट सर्वे रिपोर्ट) के आधार पर भीलवाड़ा, टोंक, सवाई माधोपुर और अजमेर जैसे जिलों में बजरी खनन की संभावनाएं चिह्नित की गई हैं। बावजूद इसके, जमीनी स्तर पर बजरी की उपलब्धता अब भी चुनौती बनी हुई है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि नीलाम की गई लीजों को शीघ्र प्रभाव से चालू कराया जाए, परिवहन प्रक्रिया को सरल बनाया जाए तथा आमजन को सस्ती, सुलभ और वैध बजरी उपलब्ध कराने के लिए ठोस और त्वरित निर्णय लिए जाएं। विधायक ने कहा कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो इसका सीधा असर विकास कार्यों और आम जनता पर पड़ेगा।
— SvasJsNews
जनहित के मुद्दे, जिम्मेदार आवाज



