पांच दिन से लापता 83 वर्षीय वृद्ध का शारदा नहर में मिला शव, रेस्क्यू कर बाहर निकाला गया

पांच दिन से लापता 83 वर्षीय वृद्ध का शारदा नहर में मिला शव, रेस्क्यू कर बाहर निकाला गया
ब्यूरो रिपोर्टर- तुषार शुक्ला
लखीमपुर खीरी के सदर कोतवाली क्षेत्र के अर्जुन पुरवा गांव निवासी 83 वर्षीय श्यामलाल जायसवाल का शव रविवार को शारदा नहर में बहता हुआ मिला। श्यामलाल 26 अगस्त से लापता थे। परिजनों ने उनके शारदा नहर में छलांग लगाने की आशंका जताई थी, जिसके बाद शारदानगर थाने में उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। पांच दिन बाद नहर में शव मिलने की सूचना से परिवार में कोहराम मच गया।
श्यामलाल जायसवाल पुत्र मैकूलाल 26 अगस्त को घर से लापता हो गए थे। परिजनों ने रिश्तेदारों, परिचितों और आसपास के संभावित स्थानों पर उनकी काफी तलाश की, लेकिन उनका कोई पता नहीं चल सका। इसके बाद परिजनों ने नहर में छलांग लगाने की आशंका जताते हुए पुलिस को सूचना दी। पुलिस भी वृद्ध की तलाश में जुटी हुई थी।
31 अगस्त की सुबह करीब 11 बजे शारदानगर थाना प्रभारी बृजमोहन बनमाली को सूचना मिली कि रबहीं पुल के पास शारदा नहर में एक शव बहता हुआ दिखाई दे रहा है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और शव को बाहर निकालने के लिए बाढ़ राहत दल की मदद मांगी गई।
इसके बाद द्वितीय वाहिनी पीएसी सीतापुर की बाढ़ राहत टीम को मौके पर बुलाया गया। रबहीं पुल के पास पहुंची टीम ने नहर के तेज बहाव के बीच रेस्क्यू अभियान शुरू किया। बाढ़ राहत दल के प्रभारी एससी विदेशी प्रसाद के नेतृत्व में जवान अब्दुल शमी, राजकमल वर्मा, अमित सोलंकी, शैलेन्द्र यादव और अनिल कुमार नहर में उतरे और शव को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया।
पुलिस के अनुसार, शव करीब पांच दिन पुराना होने के कारण फूल गया था, जिसके चलते उसे बाहर निकालने में सावधानी बरतनी पड़ी। टीम ने करीब 11:30 बजे शव को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इसके बाद पुलिस ने शव की पहचान कराई तो उसकी शिनाख्त लापता श्यामलाल जायसवाल के रूप में हुई।
शव बरामद होने के बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही वृद्ध की मौत के वास्तविक कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि श्यामलाल ने वास्तव में नहर में छलांग लगाई थी या वह किसी अन्य परिस्थिति में नहर तक पहुंचे। पुलिस इस बिंदु को भी जांच का हिस्सा मानकर चल रही है। परिजनों ने नहर में छलांग लगाने की आशंका तो जताई थी, लेकिन इसके पीछे की वजह अभी सामने नहीं आई है।
पुलिस 26 अगस्त को घर से निकलने के बाद श्यामलाल किन परिस्थितियों में शारदा नहर तक पहुंचे, इस संबंध में परिजनों के बयान और अन्य तथ्यों की जानकारी जुटा रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, परिजनों के बयान और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
शव की तलाश और उसे नहर से बाहर निकालने में शारदानगर थाना पुलिस, थाना प्रभारी बृजमोहन बनमाली, एसआई राजीव कुमार तथा पीएसी बाढ़ राहत दल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। तेज बहाव वाली नहर में सावधानीपूर्वक रेस्क्यू अभियान चलाकर टीम ने शव को बाहर निकाला।
वृद्ध की मौत की खबर से अर्जुन पुरवा गांव में शोक का माहौल है। वहीं, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।



