किसानों की समस्याओं पर डीएम अंजनी कुमार सिंह का फोकस, योजनाओं का लाभ दिलाने के दिए निर्देश

किसानों की समस्याओं पर डीएम अंजनी कुमार सिंह का फोकस, योजनाओं का लाभ दिलाने के दिए निर्देश
21 अगस्त को कृषि यंत्रों की ई-लॉटरी, एक सप्ताह में फार्मर आईडी बनवाने की अपील
ब्यूरो रिपोर्टर तुषार शुक्ला
लखीमपुर खीरी, 19 अगस्त। विकास भवन सभागार में बुधवार को जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह की अध्यक्षता में किसान दिवस का आयोजन किया गया। बैठक में कृषि, पशुपालन, मत्स्य, लघु सिंचाई एवं वन विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी किसानों को दी गई। इस दौरान किसानों की समस्याओं और सुझावों को भी सुना गया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीएम अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। खेती-किसानी से जुड़ी सरकारी योजनाओं की जानकारी अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाने के साथ पात्र किसानों को योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से दिलाया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों की समस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
सीडीओ अभिषेक कुमार ने किसानों को प्रतिबंधित पेड़ों की सूची की जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रतिबंधित पेड़ों की सूची किसानों के व्हाट्सएप ग्रुप में साझा की जाए। इसके साथ ही आगामी किसान दिवस में सूची के पंपलेट भी वितरित किए जाएं, जिससे किसान अनजाने में नियमों का उल्लंघन करने से बच सकें।
बैठक की शुरुआत उप कृषि निदेशक गिरीश चंद्र ने अधिकारियों, प्रगतिशील कृषकों, पशुपालकों एवं मत्स्य पालकों का स्वागत करते हुए की। उन्होंने किसानों को कृषि विभाग की योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि कृषि यंत्रों की ई-लॉटरी 21 अगस्त को दोपहर 12 बजे स्वामी विवेकानंद सभागार, विकास भवन में आयोजित की जाएगी। कृषि यंत्रों की बुकिंग करा चुके इच्छुक किसान ई-लॉटरी में प्रतिभाग कर सकते हैं।
उप कृषि निदेशक ने बताया कि जिले में अब तक सामान्य वर्षा 608 मिलीमीटर के सापेक्ष अधिक वर्षा हुई है, जो कृषि के लिए अच्छा संकेत है। उन्होंने उन किसानों से, जिन्होंने अभी तक फार्मर आईडी नहीं बनवाई है, एक सप्ताह के भीतर स्वयं तथा कृषि योग्य भूमि रखने वाले परिवार के सदस्यों की फार्मर आईडी बनवाने की अपील की।
बोरिंग से लेकर मछली पालन तक योजनाओं की जानकारी
किसान दिवस में सहायक अभियंता, लघु सिंचाई ने किसानों को उथली, मध्यम एवं गहरी बोरिंग पर मिलने वाले अनुदान की जानकारी दी। उन्होंने आवेदन प्रक्रिया और योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवश्यक प्रक्रिया के बारे में भी किसानों को बताया।
मत्स्य पालन विभाग की ओर से संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी किसानों को दी गई। अधिकारियों ने मछली पालन से संबंधित योजनाओं, पात्रता और विभाग की ओर से उपलब्ध कराए जाने वाले लाभों के बारे में विस्तार से बताया।
वन विभाग की ओर से उत्तर प्रदेश में कटान के लिए प्रतिबंधित पेड़ों की सूची किसानों को पढ़कर सुनाई गई। अधिकारियों ने किसानों से नियमों का पालन करने और प्रतिबंधित पेड़ों के कटान से बचने की अपील की।
बैठक में किसानों ने खेती-किसानी से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और सुझावों को अधिकारियों के सामने रखा। संबंधित विभागों के अधिकारियों ने किसानों की समस्याओं को सुना और उनके समाधान के संबंध में आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई।
किसान दिवस में डीडी कृषि, जिला कृषि अधिकारी, एलडीएम, भूमि संरक्षण अधिकारी (गोमती), मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी सहित कृषि, पशुपालन, मत्स्य, लघु सिंचाई एवं वन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा बड़ी संख्या में प्रगतिशील किसान, पशुपालक एवं मत्स्य पालक भी बैठक में शामिल हुए।
अंत में डीडी कृषि ने जिलाधिकारी, अधिकारियों एवं किसानों का आभार व्यक्त किया और किसान दिवस बैठक के समापन की घोषणा की।



