विद्यालयों की सुरक्षा को लेकर डीएम-एसपी ने दिए कड़े निर्देश

विद्यालयों की सुरक्षा को लेकर डीएम-एसपी ने दिए कड़े निर्देश
16 बिंदुओं की चेकलिस्ट से होगा सुरक्षा ऑडिट, सीसीटीवी, पैनिक बटन और स्टाफ सत्यापन पर जोर
ब्यूरो रिपोर्टर -तुषार शुक्ला
लखीमपुर खीरी, 23 सितंबर। विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। बुधवार को अटल सभागार में जिलेभर के विद्यालयों के प्रबंधन तंत्र के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक डॉ. ख्याति गर्ग ने स्कूल प्रबंधकों को सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए।
डीएम ने कहा कि अभिभावक विश्वास के साथ अपने बच्चों को विद्यालय भेजते हैं। ऐसे में स्कूल परिसर में प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति की पहचान और उद्देश्य स्पष्ट होना चाहिए। मुख्य गेट पर आगंतुकों का सत्यापन किया जाए और किसी भी अनधिकृत व्यक्ति को प्रवेश न दिया जाए। एसपी ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
अधिकारियों के प्रमुख निर्देश
• विद्यालय में एक मुख्य प्रवेश द्वार से प्रवेश की व्यवस्था रखी जाए और अन्य गेट बंद रखे जाएं।
• आगंतुक रजिस्टर में नाम, मोबाइल नंबर, पहचान पत्र तथा प्रवेश और निकास का समय दर्ज किया जाए।
• 16 बिंदुओं की चेकलिस्ट के आधार पर विद्यालयों का नियमित सुरक्षा ऑडिट कराया जाएगा।
• विद्यालयों में सीसीटीवी कैमरे सक्रिय रखे जाएं। कॉरिडोर, पार्किंग, खेल मैदान और अन्य कम दृश्यता वाले स्थानों पर भी निगरानी सुनिश्चित की जाए।
• सीसीटीवी के डीवीआर को सुरक्षित स्थान पर रखा जाए तथा कैमरों की सक्रियता का दैनिक रजिस्टर बनाया जाए।
• शिक्षकों, संविदाकर्मियों, बस चालक-परिचालक, कैंटीन कर्मचारियों और सफाईकर्मियों का प्रत्येक छह माह में पुलिस सत्यापन कराया जाए।
• विद्यालयों में पैनिक बटन और इमरजेंसी अलार्म सिस्टम की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
• समय-समय पर स्कूल बैग की आकस्मिक जांच की जाए और संदिग्ध अथवा प्रतिबंधित वस्तु मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
• विद्यार्थियों को गुड टच-बैड टच और पॉक्सो कानून के प्रति जागरूक किया जाए तथा नियमित मॉक ड्रिल कराई जाए।
• विद्यालयों के प्रमुख स्थानों पर चाइल्डलाइन 1098, आपातकालीन सेवा 112 और महिला हेल्पलाइन 1090 के नंबर प्रदर्शित किए जाएं।
• स्कूल परिसर के बाहर अव्यवस्थित पार्किंग और यातायात बाधित होने की स्थिति से बचने के लिए स्कूल प्रबंधन आवश्यक व्यवस्था करे।
• पिक एंड ड्रॉप के दौरान बच्चों की सुरक्षा के लिए आई-कार्ड अथवा ओटीपी से सत्यापन की व्यवस्था की जाए।
• स्कूल समय में अनावश्यक रूप से बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगाई जाए।
• सुरक्षा गार्डों की ड्यूटी स्कूल समय के अनुसार सुनिश्चित की जाए और लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाए।
• शिक्षकों एवं स्टाफ के फोटो, पद और संपर्क नंबर का विवरण मुख्य गेट अथवा रिसेप्शन पर प्रदर्शित किया जाए।
• अभिभावकों को यातायात नियमों और बच्चों को हेलमेट पहनाने के लिए जागरूक किया जाए।
डीएम ने अभिभावकों से अपील की कि बच्चों को दोपहिया वाहन से स्कूल छोड़ते समय स्वयं हेलमेट पहनें और बच्चों को भी हेलमेट जरूर पहनाएं। उन्होंने कहा कि बच्चे वही सीखते हैं जो अपने बड़ों को करते देखते हैं। बैठक में डीआईओएस विनोद कुमार मिश्र, बीएसए प्रवीण तिवारी समेत विद्यालय प्रबंधन से जुड़े लोग मौजूद रहे।



