#SvasJsNewsउत्तर प्रदेशदेशब्रेकिंग न्यूज़लखीमपुर खीरी

बाढ़ से निपटने का प्लान ऐसा हो, संकट में एक मिनट भी न गंवाना पड़े: आयुक्त

बाढ़ से निपटने का प्लान ऐसा हो, संकट में एक मिनट भी न गंवाना पड़े: आयुक्त

लखीमपुर खीरी में बाढ़ तैयारियों की समीक्षा, विभागवार जिम्मेदारियां और संसाधनों की जांच; ग्रांट नंबर 12 में पैदल पहुंचे विजय विश्वास पंत

ब्यूरो रिपोर्टर- तुषार शुक्ला

लखीमपुर खीरी, 14 अगस्त। संभावित बाढ़ और कटान को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। शुक्रवार को लखनऊ मंडल के आयुक्त विजय विश्वास पंत ने कलेक्ट्रेट के अटल सभागार में बाढ़ से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने विभागवार जिम्मेदारियां, संसाधनों की उपलब्धता और आपदा के समय त्वरित राहत पहुंचाने की व्यवस्था परखी। समीक्षा के बाद आयुक्त निघासन तहसील के कटान प्रभावित ग्राम ग्रांट नंबर 12 पहुंचे और पैदल गांव का भ्रमण कर ग्रामीणों से सीधे बातचीत की।

जनपद पहुंचने पर जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक डॉ. ख्याति गर्ग और मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक कुमार ने आयुक्त का स्वागत किया। समीक्षा बैठक में आयुक्त ने अधिकारियों से उनके दायित्वों की जानकारी लेते हुए बाढ़ प्रबंधन की तैयारियों का जायजा लिया।

पलिया में NDRF, PAC की फ्लड टीम तैनात

एडीएम नरेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि जिले में बाढ़ चौकियां, शरणालय, गोताखोर और राहत व्यवस्था तैयार है। NDRF की टीम पलिया में कैंप कर रही है, जबकि PAC की फ्लड टीम और पुलिस विभाग की चार मोटरबोट तैनात हैं। इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर भी क्रियाशील है।

अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल जिले में बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है। बाढ़ से संबंधित प्रमुख टेंडर पूरे किए जा चुके हैं तथा स्वास्थ्य, पुलिस और पशुपालन विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर तैयारियां पूरी की गई हैं।

12 बाढ़रोधी परियोजनाएं पूरी

अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड अजय कुमार ने घाघरा, शारदा, मोहाना और सुहेली नदियों की स्थिति तथा जिले की भौगोलिक संवेदनशीलता की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बाढ़रोधी परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जिले को अति संवेदनशील से संवेदनशील श्रेणी में लाया गया है। इस वर्ष स्वीकृत 12 बाढ़रोधी परियोजनाएं शत-प्रतिशत पूरी हो चुकी हैं।

प्रमुख नदियों का जलस्तर फिलहाल खतरे के निशान से नीचे है और लगातार निगरानी की जा रही है। बैठक में सुहेली नदी के पुनर्जीवन से संबंधित लघु फिल्म भी दिखाई गई। जालिमनगर पुल के गाइड बांध स्थित मंदिर को प्रोटेक्शन वर्क के जरिए सुरक्षित किए जाने की जानकारी दी गई।

हर प्रभावित तहसील का अलग प्लान तैयार करने के निर्देश

आयुक्त विजय विश्वास पंत ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ की स्थिति में राहत कार्यों में किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए। खाद्यान्न किट की आपूर्ति क्षमता का आकलन कर पर्याप्त स्टॉक रखने, बाढ़ चौकियों की क्रियाशीलता जांचने और एंटी वेनम की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक संभावित प्रभावित तहसील का अलग और स्पष्ट प्लान तैयार रहे। हर विभाग की भूमिका और जिम्मेदार अधिकारी पहले से निर्धारित हों, ताकि आपदा के समय राहत एवं बचाव कार्य में एक मिनट भी बर्बाद न हो।

ग्रांट नंबर 12 में पैदल पहुंचे आयुक्त

समीक्षा बैठक के बाद आयुक्त निघासन तहसील के कटान प्रभावित ग्राम ग्रांट नंबर 12 पहुंचे। उन्होंने कटान से क्षतिग्रस्त गांव की सड़क का निरीक्षण किया। इसके बाद दूसरे मार्ग से गांव पहुंचकर पैदल भ्रमण किया और कटान से हुए नुकसान तथा मौजूदा हालात का जायजा लिया।

आयुक्त ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं और फीडबैक जाना। मौके पर मौजूद अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई और राहत कार्यों को लेकर दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि संकट की स्थिति में शासन-प्रशासन पूरी मुस्तैदी के साथ उनके साथ खड़ा है।

इस दौरान डीएम अंजनी कुमार सिंह, एसपी डॉ. ख्याति गर्ग, सीडीओ अभिषेक कुमार, एसडीएम यदुवीर सिंह सहित जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

Related Articles

Back to top button