जादू के खेल से युवाओं को बताया एड्स से बचाव का तरीका, दो माह का जागरूकता अभियान शुरू

जादू के खेल से युवाओं को बताया एड्स से बचाव का तरीका, दो माह का जागरूकता अभियान शुरू
अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस पर जिला चिकित्सालय ओयल में विशेष चिकित्सा शिविर, 58 लोगों की हुई नि:शुल्क जांच
ब्यूरो रिपोर्टर- तुषार शुक्ला
लखीमपुर-खीरी– अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर जिला चिकित्सालय ओयल में विशेष चिकित्सा शिविर एवं लोक कला कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष गुप्ता के निर्देश पर आयोजित इस कार्यक्रम में जिला क्षय रोग अधिकारी एवं नोडल अधिकारी डॉ. पीके रावत तथा प्रभारी सीएमएस डॉ. आरपी वर्मा की मौजूदगी रही। कार्यक्रम के साथ ही जनपद में दो माह तक चलने वाले सघन एचआईवी/एड्स जागरूकता अभियान की औपचारिक शुरुआत भी की गई। पूरे कार्यक्रम का संचालन एवं समन्वय अनुदीप वर्मा, डिस्ट्रिक्ट पीएमडीटी/टीबी-एचआईवी कोऑर्डिनेटर ने किया।
कार्यक्रम में युवाओं और आम लोगों को एचआईवी/एड्स के प्रति जागरूक करने के लिए कई गतिविधियां आयोजित की गईं। जागरूकता कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण जादू का शो रहा। जादूगर ने हैरतअंगेज करतब और मनोरंजक खेल प्रस्तुत करते हुए युवाओं को एचआईवी/एड्स के लक्षण, संक्रमण से बचाव के उपाय और बीमारी से जुड़ी सामाजिक भ्रांतियों के बारे में सरल भाषा में जानकारी दी। मनोरंजन के साथ दी गई स्वास्थ्य संबंधी जानकारी से कार्यक्रम में मौजूद युवाओं की दिलचस्पी बनी रही।
शिविर में आधुनिक तकनीक का भी इस्तेमाल किया गया। क्यूआर कोड स्कैन कर युवाओं और अन्य लोगों को ‘सेल्फ रिस्क असेसमेंट’ के बारे में जानकारी दी गई। इसके माध्यम से लोगों को अपने स्वास्थ्य संबंधी जोखिम को समझने और आवश्यकता पड़ने पर जांच व परामर्श लेने के लिए प्रेरित किया गया। जागरूकता के इस तरीके को युवाओं ने काफी पसंद किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला क्षय रोग अधिकारी एवं नोडल अधिकारी डॉ. पीके रावत ने कहा कि युवा देश का भविष्य हैं। एचआईवी/एड्स जैसी गंभीर बीमारी से बचाव के लिए सही और प्रमाणित जानकारी बेहद जरूरी है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे स्वयं जागरूक होने के साथ-साथ समाज में बीमारी को लेकर फैली भ्रांतियों और गलत धारणाओं को दूर करने में भी अपनी भूमिका निभाएं।
विशेष चिकित्सा शिविर के दौरान लोगों को नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच की सुविधा उपलब्ध कराई गई। शिविर में कुल 58 लोगों की एचआईवी एवं सिफलिस की जांच की गई। इसके अलावा इतने ही लोगों की हेपेटाइटिस-बी और हेपेटाइटिस-सी की भी जांच की गई। जांच के साथ ही विशेषज्ञों ने शिविर में पहुंचे युवाओं और अन्य लोगों की काउंसलिंग की तथा उन्हें स्वेच्छा से स्वास्थ्य जांच कराने के लिए प्रेरित किया।
प्रभारी सीएमएस डॉ. आरपी वर्मा ने बताया कि शासन के आदेश के अनुसार जनपद में अगले दो महीनों तक सघन एचआईवी/एड्स जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान जिले के विभिन्न ब्लॉकों, स्कूलों और ग्राम पंचायतों में लोक कला कार्यक्रम, जागरूकता रैलियां और गोष्ठियां आयोजित कर लोगों को एचआईवी/एड्स से बचाव के प्रति जागरूक किया जाएगा। अभियान का उद्देश्य युवाओं समेत आम लोगों तक सही जानकारी पहुंचाना और समय पर जांच व परामर्श के लिए प्रेरित करना है।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी लोगों को एचआईवी/एड्स से बचाव तथा जांच एवं परामर्श की सुविधाओं के बारे में जानकारी दी। जागरूकता अभियान के माध्यम से लोगों को बीमारी से जुड़े सामाजिक भेदभाव और भ्रांतियों को दूर करने का संदेश भी दिया गया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. अभिषेक कुमार, एमओ ओएसटी, परमानन्द फार्मासिस्ट टीबी क्लिनिक, गजेन्द्र पाल आईसीटीसी काउंसलर, प्रियंका तिवारी एसटीआई काउंसलर, अमन मेहरोत्रा एलटी आईसीटीसी, हर्षिता सक्सेना ओएसटी काउंसलर, अंजू पाल प्रोजेक्ट मैनेजर ग्रामीण विकास सेवा समिति तथा जितेन्द्र कुमार प्रोजेक्ट मैनेजर चित्रांश समाज कल्याण परिषद सहित फार्मासिस्टों, स्टाफ नर्सों और अन्य कर्मचारियों का सक्रिय योगदान रहा।



