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इशरत राइस मिल में अवैध भट्ठी और केमिकल प्लांट का आरोप: स्कूल के बगल में जनजीवन पर खतरा, SSP से निष्पक्ष जांच की मांग


इशरत राइस मिल में अवैध भट्ठी और केमिकल प्लांट का आरोप: स्कूल के बगल में जनजीवन पर खतरा, SSP से निष्पक्ष जांच की मांग

रंगदारी के आरोपों को बताया साजिश, शिकायतकर्ता ने कहा – एनओसी और सुरक्षा मानकों की तुरंत हो जांच

सहारनपुर -शहर के धोबी वाला क्षेत्र में स्थित इशरत राइस मिल परिसर को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। मिल परिसर में कथित रूप से संचालित लकड़ी सुखाने की भट्ठी और केमिकल प्लांट की वैधानिकता पर सवाल उठाते हुए स्थानीय निवासी वसीम पुत्र नईम ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र सौंपकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

वसीम ने अपने ऊपर लगे कथित रंगदारी के आरोपों को पूरी तरह निराधार और बदनाम करने की साजिश बताया है। उन्होंने कहा कि वह कोई व्यक्तिगत रंजिश के तहत नहीं, बल्कि जनहित और सार्वजनिक सुरक्षा को ध्यान में रखकर आवाज उठा रहे हैं।

स्कूल और आवासीय क्षेत्र के बीच खतरनाक संचालन का आरोप
शिकायती पत्र में सबसे गंभीर बिंदु यह उठाया गया है कि राइस मिल परिसर के ठीक बगल में एक स्कूल संचालित है और आसपास घनी आबादी वाला क्षेत्र है।

वसीम का कहना है कि बिना उचित सुरक्षा मानकों के चल रही भट्ठी और कथित केमिकल प्लांट से आग लगने, जहरीली गैस रिसाव, विस्फोट जैसी किसी भी दुर्घटना की स्थिति में बड़े पैमाने पर जनहानि हो सकती है। सबसे अधिक खतरा स्कूल में पढ़ने वाले सैकड़ों बच्चों पर है।

उन्होंने मांग की है कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, श्रम विभाग, अग्निशमन विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों से संयुक्त जांच कराई जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि उक्त इकाइयों के पास वैध एनओसी, अनुमति और लाइसेंस मौजूद हैं या नहीं।

प्रशासन से की तत्काल हस्तक्षेप की अपील
वसीम ने पत्र में स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति या संस्था को निशाना बनाना नहीं है। उन्होंने कहा, “मेरी शिकायत का आधार केवल जनसुरक्षा है। यदि नियमों के तहत सब कुछ वैध है तो जांच में वह भी सामने आ जाएगा। लेकिन नियमों की अनदेखी हुई तो भविष्य में होने वाली किसी बड़ी त्रासदी को रोका जा सकेगा।”

उन्होंने SSP से मामले में निष्पक्ष जांच कराकर रिपोर्ट सार्वजनिक करने और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

फिलहाल शिकायती पत्र मिलने के बाद पुलिस के उच्चाधिकारियों द्वारा मामले का संज्ञान लेने की बात कही जा रही है।

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