शाम की बिजली कटौती से उपभोक्ताओं में रोष
ब्यूरो रिपोर्ट-पीलीभीत

रोजाना 7 से 9 बजे तक बिजली गुल होने का आरोप, उपभोक्ताओं ने रोस्टर में बदलाव की उठाई मांग
पीलीभीत। जनपद पीलीभीत की घुंघचिहाई डिवीजन के अंतर्गत हरीपुर पावर हाउस क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति के वर्तमान रोस्टर को लेकर उपभोक्ताओं में लगातार नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीण उपभोक्ताओं का आरोप है कि बीते दिनों से प्रतिदिन शाम करीब 7 बजे से रात 9 बजे तक विद्युत आपूर्ति बाधित हो रही है। सबसे अधिक आपत्ति इस बात को लेकर है कि कटौती ऐसे समय की जा रही है, जब ग्रामीण परिवारों के लिए बिजली की आवश्यकता सर्वाधिक रहती है।
भोजन और घरेलू कामकाज के समय बिजली गुल होने से परेशानी
स्थानीय उपभोक्ताओं का कहना है कि शाम का समय ग्रामीण परिवारों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। इसी दौरान भोजन तैयार करने, बच्चों की पढ़ाई, घरेलू कार्यों तथा अन्य आवश्यक गतिविधियों के लिए बिजली की जरूरत रहती है। ऐसे में लगातार दो घंटे की आपूर्ति बाधित होने से आम उपभोक्ताओं को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि विद्युत व्यवस्था बनाए रखने के लिए रोस्टिंग आवश्यक है तो ऐसे समय में कटौती की जाए, जब ग्रामीण उपभोक्ताओं पर उसका न्यूनतम प्रभाव पड़े।
“शाम 6 से रात 10-11 बजे तक बिजली चाहिए”
ग्रामीण क्षेत्र के सैकड़ों उपभोक्ताओं ने एक स्वर में मांग उठाई है कि शाम 6 बजे से रात 10-11 बजे तक विद्युत आपूर्ति को यथासंभव निर्बाध रखा जाए। उपभोक्ताओं के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र में इस समय बिजली की मांग स्वाभाविक रूप से अधिक रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि रोस्टिंग करनी ही है तो शाम 6 बजे से पहले अथवा देर रात के समय की जाए। इसी प्रकार सुबह लगभग 3 बजे से 9-10 बजे तक भी ग्रामीण क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति की आवश्यकता अधिक रहती है। इनके बीच के समय में होने वाली कटौती का प्रभाव अपेक्षाकृत कम पड़ सकता है।
क्या रोस्टर उपभोक्ता सुविधा को ध्यान में रखकर बनाया गया है?
उपभोक्ताओं की सबसे बड़ी आपत्ति यह है कि यदि विद्युत कटौती का समय पूर्व निर्धारित रोस्टर के आधार पर है, तो रोस्टर तैयार करते समय स्थानीय उपभोक्ताओं की वास्तविक आवश्यकता और ग्रामीण क्षेत्र की दैनिक जीवनचर्या को कितना ध्यान में रखा गया है, इसका जवाब विद्युत विभाग से अपेक्षित है। यह भी स्पष्ट किया जाना चाहिए कि हरीपुर पावर हाउस से जुड़े क्षेत्र में शाम के समय प्रतिदिन की जा रही कटौती निर्धारित रोस्टर के अनुसार है अथवा किसी अन्य तकनीकी/प्रशासनिक कारण से, ताकि उपभोक्ताओं के बीच बनी असमंजस की स्थिति दूर हो सके।

उपभोक्ताओं के अधिकार और विभाग की जवाबदेही पर सवाल
विद्युत आपूर्ति एक आवश्यक सार्वजनिक सेवा है। उत्तर प्रदेश में विद्युत उपभोक्ताओं की शिकायतों के लिए UPPCL द्वारा 1912 शिकायत सेवा उपलब्ध कराई गई है। UPPCL की आधिकारिक वेबसाइट पर शिकायत पंजीकरण एवं समाधान के लिए 1912 तथा संबंधित शिकायत तंत्र की जानकारी दी गई है। वहीं, UPERC की व्यवस्था में विद्युत आपूर्ति की विश्वसनीयता और उपभोक्ता शिकायतों के निस्तारण से संबंधित मानक भी निर्धारित किए गए हैं। हालांकि, पूर्व निर्धारित रोस्टिंग और तकनीकी खराबी के कारण हुई आपूर्ति बाधित होने को एक ही श्रेणी में नहीं माना जा सकता; इसलिए वास्तविक स्थिति की जांच आवश्यक है।
उपभोक्ताओं की मांग
ग्रामीण उपभोक्ताओं ने विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि—
– हरीपुर पावर हाउस का वर्तमान विद्युत रोस्टर सार्वजनिक किया जाए।
– शाम 7 से 9 बजे के बीच होने वाली नियमित कटौती के कारणों की स्पष्ट जानकारी दी जाए।
– ग्रामीण उपभोक्ताओं की वास्तविक विद्युत आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए रोस्टर की समीक्षा की जाए।
– यदि कटौती आवश्यक हो तो उसका समय उपभोक्ताओं को न्यूनतम परेशानी वाले समय में निर्धारित किया जाए।
– तकनीकी खराबी और रोस्टिंग से होने वाली कटौती को स्पष्ट रूप से अलग-अलग बताया जाए।
– बार-बार होने वाली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में संबंधित अधिकारियों द्वारा स्थलीय स्तर पर समीक्षा की जाए।
उपभोक्ताओं का कहना है कि वे विद्युत व्यवस्था बनाए रखने की आवश्यकता को समझते हैं, लेकिन सवाल यह है कि कटौती का समय ऐसा क्यों हो, जिससे ग्रामीण परिवारों की दैनिक आवश्यकताएं सीधे प्रभावित हों। अब देखना यह है कि विद्युत विभाग उपभोक्ताओं की इस समस्या का संज्ञान लेकर रोस्टर में कोई व्यावहारिक बदलाव करता है या नहीं।
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