बिना पंजीकरण और स्टाफ के चल रहे अस्पतालों में मची खलबली

बिना पंजीकरण और स्टाफ के चल रहे अस्पतालों में मची खलबली
मरीजों को जिला पुरुष व महिला अस्पताल में कराया गया शिफ्ट
ब्यूरो रिपोर्टर- तुषार शुक्ला
लखीमपुर खीरी। जनपद में अवैध रूप से संचालित निजी अस्पतालों और क्लीनिकों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने बेहद सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष गुप्ता के निर्देश पर एसीएमओ/क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट नोडल अधिकारी डॉ. रवि मोहन गुप्ता व उनकी टीम ने पुलिस की संयुक्त टीम के साथ सलेमपुर कोन क्षेत्र में ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस औचक निरीक्षण के दौरान बिना पंजीकरण और बिना डॉक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ के धड़ल्ले से चल रहे दो अस्पतालों को मौके पर ही सील कर दिया गया, जबकि कमियां पाए जाने पर दो अन्य अस्पतालों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
सीएमओ डॉ. संतोष गुप्ता ने कहा कि आम जनता की जिंदगी से खिलवाड़ करने वाले अवैध अस्पतालों और क्लीनिकों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग की यह कार्रवाई आगे भी लगातार और बड़े पैमाने पर जारी रहेगी।
सलेमपुर कोन चौराहा (औरंगाबाद रोड) पर स्थित ‘न्यू सम्राट हॉस्पिटल’ में जांच के दौरान न तो कोई पंजीकरण मिला और न ही कोई डॉक्टर या पैरामेडिकल स्टाफ मौके पर उपस्थित था। इसे टीम ने दोपहर बाद 3:11 बजे सील कर दिया। इसके बाद राजकीय पॉलिटेक्निक के पास संचालित ‘शुभ आदर्श हॉस्पिटल’ पर छापा मारा गया, जहाँ कोई स्टाफ न मिलने पर उसे शाम 4:53 बजे सील कर दिया गया। इस अस्पताल में भर्ती तीन मरीजों में से एक को जिला चिकित्सालय और दो को महिला चिकित्सालय में 102 एम्बुलेंस की मदद से सुरक्षित शिफ्ट कराया गया।
वहीं, राजकीय पॉलिटेक्निक के सामने स्थित ‘जानकी हॉस्पिटल’ के ओटी रूम में एनेस्थीसिया ट्रॉली गायब मिलने पर उन्हें नोटिस जारी कर बिल व फोटो सहित जवाब मांगा गया है। इसके अतिरिक्त, निकट ही स्थित ‘सत्यम हॉस्पिटल’ का पंजीकरण तो ऑनलाइन आवेदन में था, लेकिन मौके पर कोई जिम्मेदार इंचार्ज मौजूद नहीं था। वहां भर्ती 6 मरीजों को डिस्चार्ज करने के उपरांत अस्पताल बंद कर चाबी जमा करने की नोटिस दी गई है।
इस पूरी कार्रवाई के दौरान मौके पर मुख्य रूप से एसीएमओ/क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट नोडल अधिकारी डॉ. रवि मोहन गुप्ता, विजय वर्मा, प्रभाकर और सुरक्षा व कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस टीम मुस्तैद रही। विभाग की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से क्षेत्र के अवैध रूप से क्लिनिक व अस्पताल चलाने वाले संचालकों में हड़कंप मच गया है।



