रात के अंधेरे में नाबालिगों से काम कराने का आरोप! बिना GST चल रही कढ़ाई फैक्ट्री पर किसका संरक्षण?

रात के अंधेरे में नाबालिगों से काम कराने का आरोप! बिना GST चल रही कढ़ाई फैक्ट्री पर किसका संरक्षण?
विशेष रिपोर्ट -मो कलीम अंसारी
सहारनपुर थाना देहात कोतवाली क्षेत्र स्थित प्रीतविहार कॉलोनी में संचालित एक कढ़ाई फैक्ट्री पर गंभीर आरोप सामने आए हैं। जानकारी के अनुसार, समाचार के लिए पहुंची मीडिया टीम के आने की भनक लगते ही फैक्ट्री संचालक ने कथित रूप से वहां काम कर रहे नाबालिक बालकों को तुरंत बाहर भेज दिया, हालांकि, मौके पर एक नाबालिग बालक काम करता मिला, जिसके बाद फैक्ट्री में बाल श्रम को लेकर सवाल और गहरे हो गए।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस फैक्ट्री में रात के समय 10 से 15 वर्ष की आयु के बच्चों से काम कराया जाता है। यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह बाल श्रम निषेध कानूनों का गंभीर उल्लंघन हो सकता है।
जांच के दौरान यह भी दावा किया गया कि संबंधित फैक्ट्री के पास जीएसटी पंजीकरण, अग्निशमन विभाग की अनापत्ति प्रमाणपत्र (फायर NOC) तथा सहारनपुर विकास प्राधिकरण से भवन का स्वीकृत मानचित्र उपलब्ध नहीं है। यदि यह तथ्य सही हैं, तो फैक्ट्री का संचालन कई आवश्यक नियमों और सुरक्षा मानकों के विपरीत माना जा सकता है। परन्तु अभी तक विकास प्राधिकरण द्वारा इस भवन पर सील की कार्यवाही अमल में नहीं लाई गई यह एक गंभीर विषय है?
आपको बता दे हाल ही में लखनऊ के एक कोचिंग संस्थान में हुई अग्निकांड की घटना के बाद प्रदेशभर में सुरक्षा मानकों को लेकर प्रशासन ने सख्ती के निर्देश दिए थे। ऐसे में सवाल उठता है कि यदि बिना आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था के संचालित ऐसी फैक्ट्रियों में कोई बड़ा हादसा हो जाए, तो उसकी जिम्मेदारी कौन तय करेगा?
स्थानीय लोगों का कहना है कि समय रहते ऐसे मामलों में प्रभावी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि किसी अप्रिय घटना से पहले ही खतरे को रोका जा सके।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि ये आरोप सही हैं, तो आखिर अब तक संबंधित विभागों ने क्या कार्रवाई की? क्या किसी प्रभावशाली व्यक्ति या राजनीतिक संरक्षण के कारण कार्रवाई नहीं हो पा रही, या फिर नियमित निरीक्षण व्यवस्था में कहीं चूक है?



