एमसीएच में प्रसूताओं की मौत का मामला दोषियों पर आपराधिक मुकदमा दर्ज करने व उच्च स्तरीय जांच की मांग, मुख्यमंत्री के नाम सैन समाज ने सौंपा ज्ञापन

एमसीएच में प्रसूताओं की मौत का मामला दोषियों पर आपराधिक मुकदमा दर्ज करने व उच्च स्तरीय जांच की मांग, मुख्यमंत्री के नाम सैन समाज ने सौंपा ज्ञापन
विशेष रिपोर्ट -सत्यनारायण सेन गुरला
भीलवाड़ा महात्मा गांधी चिकित्सालय के मातृ एवं शिशु चिकित्सालय के ऑपरेशन थिएटर में संक्रमण के बावजूद लगातार सिजेरियन ऑपरेशन किए जाने और इसके चलते मात्र 6 दिनों में 5 प्रसूताओं की असमय मौत के खिलाफ भीलवाड़ा की जनता और विभिन्न संगठनों में भारी आक्रोश है। इस घोर लापरवाही और आपराधिक मामले को लेकर समस्त सेन समाज द्वारा मुख्यमंत्री के नाम भीलवाड़ा जिला कलेक्टर को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में अस्पताल प्रशासन की अत्यंत गंभीर अव्यवस्थाओं और आमजन के जीवन के साथ किए गए खिलवाड़ पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।
ज्ञापन में बताया कि अखबार और मीडिया माध्यमों से सामने आए तथ्य बेहद रोंगटे खड़े करने वाले हैं। ऑपरेशन थिएटर की कल्चर टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आने (संक्रमण की पुष्टि होने) के बावजूद वहां लगातार सिजेरियन ऑपरेशन किए जाते रहे। यह सीधे तौर पर एक गंभीर आपराधिक कृत्य है, जिसने पांच हंसते-खेलते परिवारों को उजाड़ दिया है। इस घटना से पूरे भीलवाड़ा क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल है।
ज्ञापन में – (1) पूरे प्रकरण की एक स्वतंत्र और उच्च स्तरीय कमेटी द्वारा तय समय सीमा में निष्पक्ष जांच कराई जाए और जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए, (2) संक्रमण की पुष्टि के बाद भी डिलीवरी जारी रखने वाले जिम्मेदार डॉक्टरों, अधिकारियों और दोषी कर्मचारियों को तत्काल निलंबित कर उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाए, (3) जब तक ऑपरेशन थिएटर पूरी तरह संक्रमण मुक्त और सुरक्षित न हो, तब तक वैकल्पिक सुरक्षित व्यवस्था की जाए। अस्पताल में इंफेक्शन कंट्रोल प्रोटोकॉल की तुरंत समीक्षा हो, (4) अस्पताल में प्रतिदिन होने वाले 30-40 सिजेरियन ऑपरेशनों की तुलना में सर्जिकल सेट व उपकरणों की भारी कमी है। वहां तुरंत आधुनिक उपकरण, पर्याप्त जीवन रक्षक दवाएं और नर्सिंग स्टाफ उपलब्ध कराया जाए, (5) मृत प्रसूताओं के परिवारों को उचित आर्थिक सहायता/मुआवजे के साथ त्वरित न्याय दिया जाए, (6) जिन परिवारों के मासूम बच्चे अपनी माँ को खो चुके हैं, उनके पालन-पोषण, उच्च शिक्षा तक निःशुल्क शिक्षा, छात्रवृत्ति तथा भविष्य की सुरक्षा के लिए विशेष सरकारी सहायता योजना लागू की जाए।
यदि इस बेहद संवेदनशील और मातृ सुरक्षा से जुड़े मामले में राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने शीघ्र एवं प्रभावी कार्रवाई नहीं की, तो क्षेत्र की जनता को न्याय के लिए उग्र आंदोलन को मजबूर होना पड़ेगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
इस दौरान लादूलाल सेन पुर, राजेश सेन दाढीवाला, लालचन्द सेन, गोविन्द सेन, ललित बनेकड़िया, यशोवर्धन सेन, महेश सांवरिया, जसराज सेन, सागर सेन, विकास सेन, संजय सेन, जितेन्द्र सेन, लक्ष्मण सेन, सुनील सेन, दीपक सेन, बबलू सेन, महेन्द्र सेन, दीपक सेन, गोपाल सेन, सोनू सेन, सहित समस्त सेन समाज के पदाधिकारीगण उपस्थित थे।



