नागरिक सुरक्षा कोर के वार्डनों को एन डी आर एफ़ के उप निरीक्षक ने द्वारा आपदा प्रशिक्षण दिया

नागरिक सुरक्षा कोर के वार्डनों को एन डी आर एफ़ के उप निरीक्षक ने द्वारा आपदा प्रशिक्षण दिया
विशेष रिपोर्ट – मो कलीम अंसारी
सहारनपुर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की आठवीं वाहिनी, जो गाजियाबाद ने सहारनपुर आकर नगर के जैन बाग में स्थित जैन धर्मशाला मे एक महत्वपूर्ण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विभिन्न प्रकार की आपदाओं से बचाव और उनके प्रबंधन के लिए समुदाय को शिक्षित करना था। एनडीआरएफ (NDRF)के सम्मानित उप निरीक्षक बनवारी लाल और उनकी समर्पित टीम ने इस कार्यक्रम का नेतृत्व कर आये हुए प्रतिभागियों को कई महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूक किया, जिनमें भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाएं, बाढ़ की स्थिति से निपटने के तरीके, सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) और एफबीएओ (फॉरेन बॉडी एयरवे ऑब्स्ट्रक्शन) जैसी जीवन रक्षक प्राथमिक चिकित्सा तकनीकें, रक्तस्राव को नियंत्रित करने के प्रभावी उपाय, हड्डी टूटने की स्थिति में प्राथमिक उपचार, और खोज एवं बचाव (सर्च एंड रेस्क्यू) अभियान शामिल थे। टीम ने इन विषयों को व्यावहारिक प्रदर्शनों और विस्तृत जानकारी के साथ समझाया, ताकि प्रतिभागी इन महत्वपूर्ण कौशलों को आत्मसात कर सकें।
यह विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम राजेश कुमार जैन के कुशल नेतृत्व में आयोजित किया गया था, जिसमें नागरिक सुरक्षा से जुड़े 175 वार्डन और स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस प्रशिक्षण का प्राथमिक लक्ष्य इन वार्डन और स्वयंसेवकों की क्षमता को बढ़ाना था, ताकि वे भविष्य में किसी भी आपदा की स्थिति में ‘फर्स्ट रेस्पॉन्डर्स’ के रूप में प्रभावी ढंग से कार्य कर सकें। ऐसे प्रशिक्षित व्यक्ति आपदा के शुरुआती समय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जिससे जान-माल के नुकसान को कम किया जा सकता है।
इस महत्वपूर्ण अवसर पर कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे, जिन्होंने कार्यक्रम की सफलता में अपना योगदान दिया। इनमें राजेश कुमार जैन, चीफ वार्डेन,दिनेश कुमार,प्रभारी उप-नियंत्रक हंसराज सैनी, डिप्टी चीफ वार्डन ऋषभ अग्रवाल,देशबंधु शर्मा,वसीम अख्तर,शमशेर सिंह,एमपी सिंह चावला,अशोक सैनी,दीपक गुप्ता, श्रीमति अर्चना रानी,वीर सैन जैन, कुमारी हेमलता,अरुण सूरी,अमित सिंघल,आशीष प्रकाश गुप्ता,शमीम अहमद,खालिद सिद्दीकी,अवनीश कम्बोज, सुरेन्द्र कुमार,और रविन्द्र कुमार प्रमुख थे। इन सभी की उपस्थिति ने कार्यक्रम के महत्व को और बढ़ाया जिसमें आदि लोग मौजूद रहे।



