उत्तर प्रदेश सिख गुरुद्वारा पमैनेजमेंट कमेटी की सहारनपुर में चौथी महत्वपूर्ण बैठक, गरिमापूर्ण माहौल में आयोजित की गई।

उत्तर प्रदेश सिख गुरुद्वारा पमैनेजमेंट कमेटी की सहारनपुर में चौथी महत्वपूर्ण बैठक, गरिमापूर्ण माहौल में आयोजित की गई।
विशेष रिपोर्ट -मो कलीम अंसारी
सहारनपुर बैठक में सिख समुदाय की स्वतंत्र पहचान की रक्षा, धार्मिक मर्यादा और युवाओं के भविष्य को लेकर कई दूरगामी निर्णय लिए गए। उत्तर प्रदेश सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी द्वारा विशेष तौर पर गुरप्रीत सिंह बग्गा में सहारनपुर को 2014 में हुए सिख दंगों में मुख्य रूप से आगे बढ़कर उनके द्वारा की हुई मदद व सिख समाज को प्रशासनिक व नाययिक निस्वार्थ सहयोग प्रदान करने के लिए गुरप्रीत बग्गा को यूपीएसजीएमसी द्वारा नवाब कपूर सिंह सेवा अवार्ड दिया गया| बैठक में अध्यक्ष
हरविंदर सिंह लॉर्ड ने कहा कि हम सिख/खालसा, सिख समाज के हर पंथ, नानक नाम लेवा और सिंधी समाज को साथ लेकर चलेंगे तथा सिख स्वतंत्र पहचान की लड़ाई लड़ेंगे। उन्होंने उत्तराखंड सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि वहां जो गलत हो रहा है, उसके खिलाफ हमें आवाज उठानी चाहिए और नेगी जैसे असामाजिक तत्वों को केंद्र सरकार द्वारा सबक सीखना चाहिए,उन्होंने आनंद कारज (सिख विवाह) में मर्यादा के उल्लंघन पर चिंता जताते हुए कहा कि ये संस्था प्रचार प्रसार के माध्यम से सिखों को मर्यादा के खिलाफ कुछ भी गलत नहीं करने के लिए प्रेरित करना होगा,और इस मंच के माध्यम से कुरीतियां रोकने का काम करेगी| गुरप्रीत सिंह बग्गा प्रदेश कोर कमेटी सदस्य ने पंथक विचारों को दृढ़ता से रखते हुए कहा कि “राज बिना न धरम चले हैं, धरम बिना सब दले मले हैं।” यानी बिना शक्ति के धर्म सुरक्षित नहीं रहता और बिना धर्म के सब कुछ नष्ट हो जाता है, इस नीति से ही सिखों को सम्मान और भागीदारी मिलेगी,तभी सिखों की चर्दीकला होगी।
सरदार राजिंदर पाल सिंह राजू चड्ढा सदस्य एडवाइजरी बोर्ड ने कहा इस संस्थान की बहुत ज़रूरत लम्बे समय से उत्तर प्रदेश के सिखों को थी, इस संस्था ने सिखों का मान सामान को चर्दीकला में रखने और सिख संगत को ग्राउंड लेवल तक मदद व सहयोग पहुँचाने में कारगर रहेगी|। निर्मल सिंह (उपाध्यक्ष) ने भी संगठन की मजबूती और गुरुद्वारा प्रबंधन के सुधारों पर अपने विचार साझा करते हुए सिख जनगणना के फॉर्म को प्रकाशन कराया और स्किल डेवलपमेंट पर ज़ोर देते हुए कहा की उज्वल भविष्य की राह यही से होगी| धर्मवीर बग्गा (प्रदेश कोर कमेटी सदस्य) ने युवाओं के लिए एक बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि लखनऊ और कानपुर में आगामी 22 और 23 अगस्त से यूपीएससी (UPSC) की मुफ्त कोचिंग और काउंसलिंग शुरू की जाएगी।व सिखों को एक संगठित रूप में काम करना होगा |सुरिंदर पाल सिंह बख्शी (महासचिव) ने बैठक की शुरुआत की और पंजाबी भाषा में “जी आया नू” सभी का स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने पिछली बैठक आगरा की कार्यवाही पढ़कर सुनाई और आज की बैठक का विस्तृत एजेंडा सबके सामने रखा, जिस पर गहन चर्चा हुई।
सू जसबीर सिंह, सहरानपुर गुरुद्वारा प्रधान,ने संगठन को पूरा सहयोग व साथ देना का संकल्प लिया, अमानप्रीत सिंह,जनरल सेक्रेटरी, ने युवा सिखों को यूपीएसजीएमसी से जुड़ने का अवाहान किया, एडवोकेट दलजीत कोचर,व हरिन्दर सिंह चड्ढा, ने सिख सम्मेलन करने और स्थानीय गुरुद्वारो को जोड़ने का खाका तैयार कीया| सुरिंदर पाल सिंह बक्शी ने बताया की 25 जिलों से सिख प्रधान और मुख्य सेवादार आये और अपने सुझाव रखे,मोहन सिंह झास,कानपुर,गुरशरण सिंह उन्नाव,तिरलोचन सिंह,नारंग सतपाल सिंह, गोल्डी, भूपेंद्र पिण्डा, बाबा विजय सिंह,जाथेदार प्रीतम सिंह,इन्दर जीत सिंह बत्रा, जसबीर सिंह बग्गा,गुरविंदर सिंह भोला,बलबीर सिंह, धीर सरदार, ई.प.सिंह,बरैली मालिक सिंह,धामपुर सातनामत सिंह सलूझा, बिजनौर मनदीप सिंह शामली,गुरलाल सिंह ग़ज़िआबाद, बालप्रीत सिंह,सतपाल सिंह मान मुज़फरनगर, सरदार जसवन्त सिंह बत्रा, सरदार रमनदीप सिंह लक्क़ी, उपस्थित रहे।



