य जगन्न थ! जॉ य मां चकेश्वरी ! मो र सबू भा ई,भौ णी ,मां ,मौ सी मा नंकु मो र नमो ê र।

जॉ य जगन्न थ! जॉ य मां चकेश्वरी ! मो र सबू भा ई,भौ णी ,मां ,मौ सी मा नंकु मो र नमो ê र।
मा ननी य रा ष्ट्रप द्रौपदी मुर्मू जी , रा ज्यपा ल श्र ह बा बु जी , यहां के लो क य मुख्यमंत्री मो हन चरण मा झी जी , उप
मुख्यमंत्री कनक वर्धन ह देव जी , प्रवती परी दा जी , ओ शा के मंत्री गणेश ह खूं या जी , कृष्ण चंद्र महा पा त्र जी ,
सां सद नबा चरण मा झी जी , मनमो हन सा मल जी , बैजयंत पां डा जी , अन्य महा नुभा व, भा इयों और बहनों ।
हमा रा ओ शा इन नों उत्सवों के आनंद में डूबा हुआ है। यहाँ का गणपर्व रज, छले हफ्त ही धूमधा म से मना या
गया है। महा प्रभु जगन्न थ जी की रथ या त्रा की तैया यां भी पुरजो श चल रही है। मयूरभंज के बा री पदा रथ या त्रा को
लेकर भी उत्स ह का मा हौ ल है। और, इस सबके बी च ही लो कतन्त्र का का स का उत्सव भी चल रहा है। ओ शा की
बी जेपी सरका र ने अपने 2 सा ल भी पूर्ण ए हैं। इस मौ के पर, आप सबके बी च आना , मयूरभंज आने का ये सौ भा ग्य,
और इतनी बड़ी संख्य में आप सबकी उप! , ये अवसर मेरे ए बहुत खा स है। आपका अपना पन मुझे बा र-बा र
यहां खीं च ला ता है। मैं आप सभी का हृदय से बहुत-बहुत अ नंदन करता ‡। और ओ शा की जनता को डबल इंजन
सरका र में का स या त्रा की भी बधा ई देता ‡, शुभका मना एं देता ‡। सा थ ही , इस अवसर पर मैं पं त रघुना थ मुर्मू जी ,
डॉ . दमयंती बेश्र जी , और श्र चरण हेम्ब्रम जी जैसी भू यों को भी नमन करता ‡। रघुना थ मुर्मू जी ने संथा ली भा षा
के ए ओल की का र्मा ण या था । हमा री सरका र ने संथा ली भा षा में भा रत के सं धा न को प्रस्तत या
है। ओ शा की संता नों को पद्म स� न देकर स� त या है। छले 2 वर्षों में ओ शा सरका र भी इन सभी
भू यों के सपनों को पूरा करने में न रा त पुरुषा र्थ कर रही है।
सा यों ,
आज का ये अवसर इस ए भी शेष है, � मयूरभंज की धरती पर पली -बढ़ीं , ओ शा की बेटी , मा ननी य
रा ष्ट्रप जी हमा रे बी च उप! त हैं। आज उनका जन्म न भी है। मैं रा ष्ट्रप द्रौ पदी मुर्मू जी को जन्म न की हा क
बधा ई और शुभकमा ना एं देता ‡, मैं उनके दी र्घा यु हो ने और उत्तम स्व स्थ्य की का मना करता ‡। जनगन्न थ जी भगवा न
के श्र चरणों में प्रा र्थना करता ‡। ओ शा की बेटी आज देश के इतने बड़े पद पर पहुची हैं, हमा रा मा र्गदर्शन कर रही
हैं, ये हम सभी के ए बहुत गौ रव की बा त है। रा ष्ट्रप जी का व्य! त्व, उनका उदा र और सहृदय स्वभा व, रा ष्ट्र और
समा ज की सेवा के ए उनका अटल समर्पण, उ\ ने मयूरभंज ही नहीं , पूरे ओ शा की पहचा न सशस्त की है। मैं इस
अवसर पर, उनका शेष रूप से अ नंदन करता ‡।
सा यों ,
ये का र्यक्रम जब बना , तो इसमें मूल का रण तो लॉ क था , लंबे अर्से से यहां आने के ए चर्चा चल रही थी ,
ले न को ई ता लमेल नहीं बैठता था । 21 जून को अंतर्रा ष्ट्र य यो गा वस को लका ता में तय हुआ, तो र मैंने कहा
अच्छ है, आज बंग वस भी है, तो � न मैं सुबह मयूरभंज हो कर के शा म को र को लका ता के का र्यक्रम में जा ऊं।और इसके का रण ये 20 जून तय हुई। ले न कुछ ची जें ऐसी हो ती हैं, सकी मंगल का मना एं ईश्वरआधी न हो ती हैं,
और इस ए आज एक शुभ मंगल हो गया , रा ष्ट्रप का जन्म न भी , मुझे आज उनके गां व में जा कर के, उनको
शुभका मना एं देने का अवसर ला ।
सा यों ,
आज मैं रा ष्ट्रप जी के सा थ पहा ड़पुर भी गया था । मैं इस क्षेत्र के बÅ के ए उनके . रा बनवा ए गए êल भी
गया । बÅ के सा थ कुछ या दगा र समय ता ने का अवसर मुझे ला । मैं देख रहा था , बÅ के चेहरों की चमक,
रा ष्ट्रप जी की उप! और आत्म यता , वहां मुझे ऐसा कुछ भी नहीं लगा , सी बÅ को ये लगा हो रा ष्ट्रप
जी आई हैं, हर बÅ को लगता था उनकी मां आई है। वे बÅ भी बहुत भा ग्यवा न हैं, कैसे इस क्षेत्र के गरी ब, वं त और
आ वसी समा ज के बÅ को प्रेरणा ल रही है, उ\ देश के ए कुछ बड़ा करने का आत्म श्व स ल रहा है। मैं
रा ष्ट्रप जी का आभा री ‡ उ\ ने इन अनुभवों से गुजरने का आज मुझे अवसर या । ये मेरा न, एक प्रका र से
मेरी क्षा का वस था , कुछ सी खने का अवसर था मेरे ए।
सा यों ,
मैं आपको सरका र का ये र्णय भी बता ना चा हता ‡ पहा ड़पुर गां व को , अब तेजी से सुर्यग्रा म, सो लर लेज के रूप
में क त या जा एगा । या नी यहां हर घर में सो लर जली बने, इसे सु ! त या जा एगा । और हम तो बड़ा
गर्व के सा थ कह सकते हैं यही ओ शा है, जहां को णा र्क में सुर्य मं र की एक पहचा न है, वैसे ही पहा ड़पुर सुर्यग्रा म
की पहचा न बन जा एगा । सुर्यग्रा म, से पूरा गां व सो लर लेज के रूप में पहचा ना जा ए, इस शा में का म तुरंत शुरू हो
ऐसा मेरा प्रया स रहेगा । इस अ या न से, पहा ड़पुर के लो गों को मुफ्त सो लर जली भी लेगी और जो ज्य दा जली
हो गी , वो उनकी आय भी बढ़ाएगी ।
सा यों ,
ओ शा में डबल इंजन सरका र के 2 सा ल कई मा यनों में ऐ हा क रहे हैं। मुख्यमंत्री मो हन चरण मा झी जी के नेतृत्व
में, आज ओ शा तेज ग से का स के रा स्त पर आगे बढ़ रहा है। आज यहां गरी ब क¾ ण की यो जना ओं से
सा मा न्य मा नवी का जी वन बदल रहा है। ओ शा में आ क ग याँ वेश और उ, गों को आक त करने का
सा म आज नज़र आ रहा है। यहाँ रो जगा र के नए अवसरों के ए तेजी से का म हो रहा है।
सा यों ,
केंद्र सरका र का ज़न है- पूर्वी भा रत के का स से भा रत का का स। इसी ए, हम पूर्वो दय की नी पर का म कर
रहे हैं। स पूर्वी भा रत को काँ ग्रेस के दौ र में छड़ेपन का पर्या य बना या गया था , आज वो प्रग का प्रवेश . र बन
रहा है। आज ओ शा खुद इस बदला व का सा क्षी बन रहा है।
सा यों ,
ओ शा के पा स समुद्र है, ख ज संपदा है, कृ की श! है और सबसे सा मवा न यहां युवा प्र भा है। इस
सा म का पूरा उपयो ग करने के ए हम लकर का म कर रहे हैं। इसी ए, आज ओ शा में रेलवे इनफ्रा स्ट्रक्चर में
कॉ र्ड वेश हो रहा है। नई सड़कें और आ क कॉ डो र बन रहे हैं। पो र्ट्स का स्त र हो रहा है। ऊर्जा ,
सेमी कंडक्टर, ग्री न एनर्जी और आधु क उ, गों में वेश आ रहा है। आज भी यहां ओ शा के का स से जुड़ी अनेक
महत्वपूर्ण प यो जना ओं का लो का र्पण और ला न्य स हुआ है। इन प यो जना ओं पर लगभग 47 हजा र करो ड़ रुपये
खर्च ए जा एंगे। जली , सड़क, रेलवे, स्व स्थ्य और क्षा से जुड़ी इन प यो जना ओं से, आप सभी लो गों को बहुत
सु धा हो ने वा ली है। मैं इन प यो जना ओं के ए ओ शा के लो गों को बहुत बहुत बधा ई देता ‡।
सा यों ,
हमा री सरका र ओ शा के संसा धनों को , ओ शा की संभा वना ओं में बदल रही है। ओ शा में बड़ा वेश आए, यहाँ
नए उ, ग लगें, इसके ए उत्कर्ष ओ शा जैसे अ या न चला ए जा रहे हैं। इसके तहत, अब तक करी ब 20 ला ख
करो ड़ रुपए के वेश प्रस्त व ल चुके हैं। सा ढ़े 3 ला ख करो ड़ रुपए से ज्य दा की अनेक मेगा प यो जना ओं पर भऔर इसके का रण ये 20 जून तय हुई। ले न कुछ ची जें ऐसी हो ती हैं, सकी मंगल का मना एं ईश्वरआधी न हो ती हैं,
और इस ए आज एक शुभ मंगल हो गया , रा ष्ट्रप का जन्म न भी , मुझे आज उनके गां व में जा कर के, उनको
शुभका मना एं देने का अवसर ला ।
सा यों ,
आज मैं रा ष्ट्रप जी के सा थ पहा ड़पुर भी गया था । मैं इस क्षेत्र के बÅ के ए उनके . रा बनवा ए गए êल भी
गया । बÅ के सा थ कुछ या दगा र समय ता ने का अवसर मुझे ला । मैं देख रहा था , बÅ के चेहरों की चमक,
रा ष्ट्रप जी की उप! और आत्म यता , वहां मुझे ऐसा कुछ भी नहीं लगा , सी बÅ को ये लगा हो रा ष्ट्रप
जी आई हैं, हर बÅ को लगता था उनकी मां आई है। वे बÅ भी बहुत भा ग्यवा न हैं, कैसे इस क्षेत्र के गरी ब, वं त और
आ वसी समा ज के बÅ को प्रेरणा ल रही है, उ\ देश के ए कुछ बड़ा करने का आत्म श्व स ल रहा है। मैं
रा ष्ट्रप जी का आभा री ‡ उ\ ने इन अनुभवों से गुजरने का आज मुझे अवसर या । ये मेरा न, एक प्रका र से
मेरी क्षा का वस था , कुछ सी खने का अवसर था मेरे ए।
सा यों ,
मैं आपको सरका र का ये र्णय भी बता ना चा हता ‡ पहा ड़पुर गां व को , अब तेजी से सुर्यग्रा म, सो लर लेज के रूप
में क त या जा एगा । या नी यहां हर घर में सो लर जली बने, इसे सु ! त या जा एगा । और हम तो बड़ा
गर्व के सा थ कह सकते हैं यही ओ शा है, जहां को णा र्क में सुर्य मं र की एक पहचा न है, वैसे ही पहा ड़पुर सुर्यग्रा म
की पहचा न बन जा एगा । सुर्यग्रा म, से पूरा गां व सो लर लेज के रूप में पहचा ना जा ए, इस शा में का म तुरंत शुरू हो
ऐसा मेरा प्रया स रहेगा । इस अ या न से, पहा ड़पुर के लो गों को मुफ्त सो लर जली भी लेगी और जो ज्य दा जली
हो गी , वो उनकी आय भी बढ़ाएगी ।
सा यों ,
ओ शा में डबल इंजन सरका र के 2 सा ल कई मा यनों में ऐ हा क रहे हैं। मुख्यमंत्री मो हन चरण मा झी जी के नेतृत्व
में, आज ओ शा तेज ग से का स के रा स्त पर आगे बढ़ रहा है। आज यहां गरी ब क¾ ण की यो जना ओं से
सा मा न्य मा नवी का जी वन बदल रहा है। ओ शा में आ क ग याँ वेश और उ, गों को आक त करने का
सा म आज नज़र आ रहा है। यहाँ रो जगा र के नए अवसरों के ए तेजी से का म हो रहा है।
सा यों ,
केंद्र सरका र का ज़न है- पूर्वी भा रत के का स से भा रत का का स। इसी ए, हम पूर्वो दय की नी पर का म कर
रहे हैं। स पूर्वी भा रत को काँ ग्रेस के दौ र में छड़ेपन का पर्या य बना या गया था , आज वो प्रग का प्रवेश . र बन
रहा है। आज ओ शा खुद इस बदला व का सा क्षी बन रहा है।
सा यों ,
ओ शा के पा स समुद्र है, ख ज संपदा है, कृ की श! है और सबसे सा मवा न यहां युवा प्र भा है। इस
सा म का पूरा उपयो ग करने के ए हम लकर का म कर रहे हैं। इसी ए, आज ओ शा में रेलवे इनफ्रा स्ट्रक्चर में
कॉ र्ड वेश हो रहा है। नई सड़कें और आ क कॉ डो र बन रहे हैं। पो र्ट्स का स्त र हो रहा है। ऊर्जा ,
सेमी कंडक्टर, ग्री न एनर्जी और आधु क उ, गों में वेश आ रहा है। आज भी यहां ओ शा के का स से जुड़ी अनेक
महत्वपूर्ण प यो जना ओं का लो का र्पण और ला न्य स हुआ है। इन प यो जना ओं पर लगभग 47 हजा र करो ड़ रुपये
खर्च ए जा एंगे। जली , सड़क, रेलवे, स्व स्थ्य और क्षा से जुड़ी इन प यो जना ओं से, आप सभी लो गों को बहुत
सु धा हो ने वा ली है। मैं इन प यो जना ओं के ए ओ शा के लो गों को बहुत बहुत बधा ई देता ‡।
सा यों ,
हमा री सरका र ओ शा के संसा धनों को , ओ शा की संभा वना ओं में बदल रही है। ओ शा में बड़ा वेश आए, यहाँ
नए उ, ग लगें, इसके ए उत्कर्ष ओ शा जैसे अ या न चला ए जा रहे हैं। इसके तहत, अब तक करी ब 20 ला ख
करो ड़ रुपए के वेश प्रस्त व ल चुके हैं। सा ढ़े 3 ला ख करो ड़ रुपए से ज्य दा की अनेक मेगा प यो जना ओं पर भ का म चल रहा है। उ, गों के ए अनुकूल वा ता वरण बने, इसके ए ओ शा के समग्र का स पर ध्य न या जा रहा
है। पा वर सेक्टर में 6 हजा र करो ड़ रुपए से ज्य दा का वेश हो रहा है। समृद्ध शहर यो जना के तहत शहरी का स को
ग दी जा रही है। आने वा ले वर्षों में इन प्रया सों का प णा म हमें देखने को लने वा ला है।
सा यों ,
डबल इंजन सरका र की बड़ी शेषता ये है वो खुद जनता तक पहुचती है। हमा रा प्रया स है सा मा न्य ना ग क को
सी समÿ के समा धा न के ए अना वश्यक चक्कर न लगा ने पड़े। इ\ प्रया सों का प णा म है युवा ओं,
म ला ओं, सा नों और आम लो गों की अपेक्षा एँ आज पूरी हो रही हैं। आप दे ए, धा न खरी द में सा नों को 3,100
रुपये प्र ” टल देने का र्णय या गया । सुभद्रा यो जना के मा ध्यम से एक करो ड़ से अ क मा ता ओं और बहनों
तक आ क सहा यता पहुचा ई गई। आयुå न भा रत को ला गू करके ओ शा के प वा रों के ए देशभर के अस्पता लों
में इला ज का रा स्त खो ला गया । आ वा सी , यों की पढ़ा ई बी च में न छूटे, इसके ए मा धो ह हा थ-खर्चा
यो जना शुरू की गई। महा प्रभु श्र जगन्न थ जी के भक्त की भा वना ओं का स� न करते हुए श्र मं र के श्रद्ध लुओं के
ए सा रे . र खो ल ए गए, चा रों -चा र . र खो ल ए गए। डबल इंजन की ता कत लने से आज यहां चा रों शा ओं
में का स सु ! त हो रहा है।
सा यों ,
यहां बी ते नों स्वच्छता को लेकर जो शेष अ या न चला है, उसकी भी मुझे जा नका री ली है। और मैं देख रहा था
सो शल मी या में तो सफा ई अ या न छा या हुआ है, या नी स्वच्छता से स्व गत, मैं ओ शा की इस पहल के ए, यहां
के नगा को का , सरका र का , मुख्यमंत्री जी का , इस प्रशंसनी य पहल के ए बहुत ही प्रशंसा करता ‡, संतो ष व्यक्त
करता ‡।
सा यों ,
स्वच्छता हमा रे जी वन शैली का हो नी चा ए, हर रो ज की आदत हो नी चा ए। मैं यहां स्वच्छता अ या न से जुड़े
सभी लो गों का हृदय से बहुत-बहुत अ नंदन करता ‡।
सा यों ,
मैंने अपने जी वन का कुछ महत्वपूर्ण का लखंड जनजा ती य क्षेत्रों में एक वा लं यर के रूप में का म करते हुए ता या है।
मा ननी य रा ष्ट्रप जी तो बरसों तक ऐसे क्षेत्रों में चुनौ यां का सा मना करती रही हैं। आप और हम जा नते हैं
जनजा ती य क्षेत्रों में जी वन की सु धा एं आसा नी से नहीं पहुचती थीं । इस ए, हमा री सरका र ने जनजा ती य का स को
बहुत प्रा थ कता दी है। हमने ऐसे इला कों को सु धा ओं से जो ड़ने के ए धरती आबा जनजा ती य ग्रा म उत्कर्ष
अ या न शुरू या । इसके तहत स्व स्थ्य, क्षा , सड़क, आवा स से जुड़े भा ग लकर के सर्वा गी ण का स के ए
का म कर रहे हैं। ता वहां रहने वा ले लो गों की क ना इयां 7र हो सकें। इसी तरह, पी एम जनमन अ या न तो
रा ष्ट्रप जी के सा थ हुई चर्चा ओं का , उनके मा र्गदर्शन का ही प णा म है। ये शेष रूप से देश के ऐसे जनजा ती य
समूहों के ए है, जो जनजा ती य समुदा य में भी सबसे पी छे रह गए हैं। ऐसे जनजा ती य समुदा यों तक अब सरका र स्वयं
चलकर उनके गां व, उनके दरवा जे तक पहुच रही है।
सा यों ,
आ वा सी समा ज के उ न के ए हम आ वा सी युवा ओं को क्षा और रो जगा र के अवसरों से जो ड़ रहे हैं। इन
बÅ को पढ़ाई की बेहतर सु धा ले, इसके ए देश में करी ब 500 एकलव्य मॉ डल êल खो ले गए हैं। करी ब
सा ढ़े सा त सौ एकलव्य êल स्व कृत ए गए हैं। प्री -मै क और पो स्ट मै क लेवल पर, डेढ़ करो ड़ से अ क
आ वा सी बÅ को सैकड़ों करो ड़ रुपए की ê ल प दी गई है। मुझे ये बता ते हुए भी खुशी है यहां मयूरभंज में
एक और नवो दय , लय बना ने के ए भी स्व कृ दे दी गई है।
सा यों ,
7र-दरा ज इला कों में रहने के का रण, जनजा ती य समा ज स्व स्थ्य से जुड़ी क ना इयों का भी का र रहा है। कल
सेल एनी या जैसी बी मा याँ एक बहुत बड़ी चुनौ ती रही हैं। हमने इनके ला फ देश भर में अ या न चला या , चा र
करो ड़ से ज्य दा हेल्थ का र्ड बां टे, मुफ्त इला ज के ए करो ड़ों आ वा सी ला भा यों को आयुå न का र्ड ये। जल
जी वन शन के तहत घर-घर सा फ पा नी पहुचा या जा रहा है। इन प्रया सों का प णा म आज हमें ख रहा है।
आ वा सी समा ज दशकों पुरा नी क ना इयों से बा हर आ रहा है, और, का स की मुख्यधा रा का बन रहा है।
सा यों ,
आने वा ले समय में हमा रे सा मने दो महत्वपूर्ण पड़ा व हैं। 2036 में ओ शा के गठन के 100 वर्ष पूरे हों गे। और, 2047
में भा रत की स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे हो ने वा ले हैं। या नी , ओ शा और देश का लक्ष्य एक ही शा में है। ओ शा की
अर्थव्यवõ मजबूत हो गी , तो भा रत मजबूत हो गा । मुझे ओ शा के सा म पर भरो सा है। हमें लकर ओ शा को
का स की बुलं यों पर पहुचा ना है।
सा यों ,
कल 21 जून को अंतर्रा ष्ट्र य यो ग वस भी मना या जा ना है। ज्ञा न और यो ग की धरती ओ शा , यो ग यहाँ के संê रों
का रहा है। मैं ओ शा की धरती से पूरे देश से, पूरी 7 या के लो गों से आ न करता ‡, आप सब ज्य दा से
ज्य दा संख्य में यो ग वस में लें। मैं एक बा र र आप सभी को आज के अवसर, और का स प यो जना ओं
की बहुत-बहुत बधा ई देता ‡। मैं मा ननी य रा ष्ट्रप जी का शेष रूप से आभा र प्रकट करता ‡, मुझे उनके सा थ
उनकी कर्मभू को देखने का मौ का ला । एक बा र र उ\ जन्म न की बहुत-बहुत बधा ई। बहुत-बहुत धन्यवा द।


















