गड्ढों में विकास दफन, अतिक्रमण के आगे नतमस्तक प्रशासन – ओपी यादव

गड्ढों में विकास दफन, अतिक्रमण के आगे नतमस्तक प्रशासन – ओपी यादव
– वादकारियों की लाइनों व अतिक्रमण से हो सकता है बड़ा हादसा
रायबरेली। सेन्ट्रल बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एवं वरिष्ठ समाजवादी चिंतक ओपी यादव ने शहर की बदहाल सड़कों, बढ़ते अतिक्रमण और प्रशासनिक निष्क्रियता पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि वी.वी.आई.पी. पहचान रखने वाला रायबरेली आज बुनियादी सुविधाओं के मामले में गंभीर उपेक्षा का शिकार दिखाई देता है। विशेष रूप से दीवानी कचेहरी क्षेत्र और जिलाधिकारी आवास गेट नंबर-2 के आसपास की स्थिति प्रशासनिक दावों की वास्तविकता को उजागर करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि शहर की सड़कों की हालत इतनी जर्जर हो चुकी है कि यह तय करना मुश्किल हो जाता है कि सड़क में गड्ढे हैं या गड्ढों में सड़क। उनके अनुसार, नगर की सड़कें विकास के दावों का नहीं बल्कि प्रशासनिक विफलता और जनप्रतिनिधियों की संवेदनहीनता का दस्तावेज बन चुकी हैं। आम नागरिक प्रतिदिन जान जोखिम में डालकर आवागमन करने को मजबूर हैं, जबकि जिम्मेदार लोग वातानुकूलित वाहनों में बैठकर जमीनी सच्चाई से दूरी बनाए हुए हैं। श्री यादव ने दीवानी कचेहरी क्षेत्र को प्रशासनिक लापरवाही का सबसे बड़ा उदाहरण बताते हुए कहा कि जहां न्याय और प्रशासन की व्यवस्था का केंद्र होना चाहिए, वहीं अव्यवस्था, अतिक्रमण और बदइंतजामी ने स्थायी डेरा जमा लिया है। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी आवास के गेट नंबर-2 के आसपास फैला अतिक्रमण इस बात का प्रमाण है कि या तो जिम्मेदार अधिकारियों ने आंखें मूंद रखी हैं या फिर नियम-कानून केवल कागजों तक सीमित होकर रह गए हैं। श्री यादव ने तीखे शब्दों में कहा कि यदि प्रशासन अपने ही कार्यालयों और अधिकारियों के आवास के आसपास सार्वजनिक भूमि को अतिक्रमण से मुक्त नहीं करा पा रहा है, तो पूरे शहर में कानून-व्यवस्था और नगर प्रबंधन की स्थिति का सहज अनुमान लगाया जा सकता है। उनके अनुसार, ऐसा प्रतीत होता है कि अतिक्रमणकारियों को खुली छूट मिली हुई है और प्रशासन केवल मूकदर्शक की भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि शहर में मंत्री, जनप्रतिनिधि और जिम्मेदार अधिकारी होने के बावजूद जनता को टूटी सड़कों, जलभराव, अतिक्रमण और अव्यवस्था का सामना करना पड़ रहा है। यह स्थिति न केवल प्रशासनिक असफलता है बल्कि नागरिक अधिकारों की खुली उपेक्षा भी है। रायबरेली की जनता अब केवल आश्वासनों से संतुष्ट होने वाली नहीं है। जनता यह जानना चाहती है कि विकास के दावे आखिर धरातल पर कब दिखाई देंगे और कब यह वी.वी.आई.पी. शहर गड्ढों, अतिक्रमण और प्रशासनिक उदासीनता की पहचान से मुक्त होगा।
श्री यादव ने उत्तर प्रदेश के महमाहिम राज्यपाल को फैक्स भेजकर मांग की है कि दीवानी कचेहरी क्षेत्र, जिलाधिकारी आवास के आसपास तथा शहर के अन्य प्रमुख मार्गों का तत्काल निरीक्षण करवाकर गड्ढामुक्त सड़कें सुनिश्चित की जाएं और सभी अवैध अतिक्रमणों के विरुद्ध प्रभावी अभियान चलाया जाए। साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाए।



