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अवर अभियंता के तबादले की सूचना के बाद चरमराई सप्लाई, एक फ्यूज जोड़ने में लगे 7 घंटे

स्थानांतरण पर रोक के बावजूद पूरनपुर में बिगड़ी बिजली व्यवस्था!

अवर अभियंता के तबादले की सूचना के बाद चरमराई सप्लाई, एक फ्यूज जोड़ने में लगे 7 घंटे

UPPCL के पत्रांक संख्या 286-डीएस-अ0प्र0(23)/पाकलि./2026 के आदेशों पर उठे सवाल

पूरनपुर/पीलीभीत। भीषण गर्मी और हीट वेव के बीच प्रदेशभर में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने अपने पत्रांक संख्या 286-डीएस-अ0प्र0(23)/पाकलि./2026, दिनांक 26.05.2026 के माध्यम से स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि विद्युत विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के स्थानांतरण की निर्धारित अवधि को 15 जुलाई 2026 तक विस्तारित किया जाए, ताकि 24×7 विद्युत आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित न हो और उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।लेकिन पूरनपुर क्षेत्र में स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत दिखाई दे रही है। सूत्रों के अनुसार मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड द्वारा पोषित जनपद पीलीभीत के हरिपुर पावर हाउस में तैनात अवर अभियंता आर्यन पाण्डेय के बदायूं स्थानांतरण की सूचना के बाद विद्युत व्यवस्था पूरी तरह लड़खड़ाती नजर आई। आरोप है कि कर्मचारियों की कार्यशैली पर नियंत्रण कमजोर पड़ गया और एक मामूली तकनीकी खराबी को दूर करने में विभाग को पूरे 7 घंटे लग गए। 2 दिन से विद्युत व्यवस्था बिल्कुल खस्ता हाल हो गई है 8 घंटे सप्लाई बाधित रही लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका निश्चित समय में, जिसके चलते गर्मी के कारण बच्चों का बुरा हाल हो गया।

सुबह 3 बजे गुल हुई बिजली, 7 घंटे बाद लौटी सप्लाई, दो दिनों से विद्युत सप्लाई राम भरोसे।

जानकारी के अनुसार हरिपुर पावर हाउस क्षेत्र में सुबह करीब 3 बजे बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। कारण केवल एक फ्यूज उड़ना बताया जा रहा है, लेकिन इतनी छोटी समस्या के समाधान में विभाग को लगभग 7 घंटे का समय लग गया। इसके चलते हजारों उपभोक्ताओं को भीषण गर्मी में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। यह समस्या अवर अभियंता के स्थानांतरण के बाद बढ़ गई दो दिन से क्षेत्र में विद्युत सप्लाई प्रभावित है समय से समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है स्थानीय विद्युत कर्मचारी बे लगाम हो गए हैं।

“एक फ्यूज ने खोल दी व्यवस्था की पोल” अवर अभियंता के स्थानांतरण का दिखा असर

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि एक साधारण फ्यूज को बदलने या जोड़ने में 7 घंटे लग जाएं, तो यह विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद समय पर कार्रवाई नहीं की गई और लोग घंटों बिजली के लिए तरसते रहे। इसके साथ ही उपभोक्ताओं का कहना है अवर अभियंता के स्थानांतरण की सूचना के बाद इस प्रकार की समस्या का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि आर्यन पाण्डेय से शिकायत करने के बाद समस्या का समाधान तुरंत हो जाया करता था क्योंकि उनको पूरे क्षेत्र की विधिवत जानकारी है लेकिन अब 10 मिनट का काम 2 घंटे में हो पा रहा है जिसके चलते उपभोक्ताओं में रोष है।

UPPCL के आदेश और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर

UPPCL द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि भीषण गर्मी, बढ़ती बिजली मांग और उपकरणों के रखरखाव को देखते हुए अनुभवी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को उनके कार्यक्षेत्र में बनाए रखना आवश्यक है, जिससे विद्युत आपूर्ति सुचारु बनी रहे। इसके बावजूद हरिपुर क्षेत्र में अवर अभियंता के स्थानांतरण की सूचना के बाद उत्पन्न हालात ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

ज्ञापन की तैयारी, स्थानांतरण रुकने की चर्चा तेज

विभागीय सूत्रों के अनुसार विद्युत कर्मचारियों द्वारा उच्च अधिकारियों को ज्ञापन सौंपने की तैयारी की जा रही है। क्षेत्र में यह चर्चा भी जोरों पर है कि उपभोक्ताओं के हित और विभागीय आवश्यकताओं को देखते हुए अवर अभियंता आर्यन पाण्डेय का स्थानांतरण स्थगित किया जा सकता है। हालांकि अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है। होना भी चाहिए क्योंकि अगर अभियंता को क्षेत्र की पूरी जानकारी है ऐसी भीषण गर्मी में अनुभव बहुत ही जरूरी है, उपभोक्ताओं का कहना है अगर स्थानांतरण नहीं रुकता है तो वह सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे।

जनता का सवाल, और चेतावनी

जब UPPCL स्वयं 15 जुलाई तक स्थानांतरण रोककर निर्बाध बिजली आपूर्ति की बात कर रहा है, तो फिर हरिपुर क्षेत्र में एक फ्यूज की खराबी से 7 घंटे तक बिजली व्यवस्था क्यों ठप रही? अवर अभियंता के स्थानांतरण के बाद ही यह समस्या उत्पन्न हुई है आखिर हमारे ही पावर हाउस में ऐसा क्यों हो रहा है उपभोक्ताओं में आक्रोश है अगर स्थानांतरण निरस्त नहीं किया जाएगा तो उपभोक्ता सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होगा क्योंकि उसे हर हालत में निर्विघ्न विद्युत सप्लाई चाहिए ऐसी जानकारी हमारे सहयोगी संवाददाता के माध्यम से प्राप्त हो रही है। अब देखना यहां है कि आप विद्युत विभाग के उच्चधिकारी और अभियंता का स्थानांतरण स्थगित करते हैं या उपभोक्ताओं को अपने हित के लिए सड़कों पर उतरकर आंदोलन करना पड़ेगा। फिलहाल उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा जो पत्र जारी हुआ है उसमें स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि 15 जुलाई 2026 तक किसी भी विद्युत कर्मचारी का स्थानांतरण नहीं किया जाएगा।

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