पन्नाधाय जयंती पर गुर्जर महासभा का भव्य आयोजन, समाज ने याद किया बलिदान

पन्नाधाय जयंती पर गुर्जर महासभा का भव्य आयोजन, समाज ने याद किया बलिदान
SvasJsNews | विशेष रिपोर्ट

रिपोर्ट: नरेंद्र कुमार रेगर | SvasJsNews
भीलवाड़ा। अखिल भारतीय गुर्जर महासभा के तत्वावधान में महान त्याग और राष्ट्रभक्ति की प्रतीक पन्नाधाय की जन्मजयंती के अवसर पर एक गरिमामय एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में गुर्जर समाज के लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लेते हुए पन्नाधाय के अद्वितीय बलिदान और कर्तव्यनिष्ठा को श्रद्धापूर्वक नमन किया तथा उनके आदर्शों को समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया। कार्यक्रम में महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरीश भाटी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता कालू लाल गुर्जर ने की। इस अवसर पर अखिल भारतीय गुर्जर महासभा की ओर से कालू लाल गुर्जर को संगठन का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष घोषित किया गया। घोषणा होते ही कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित समाजजनों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी। विभिन्न जिलों से आए जिलाध्यक्षों एवं समाज के प्रतिनिधियों ने उन्हें माला पहनाकर और साफा बांधकर सम्मानित किया।

इस अवसर पर आयोजित समारोह में राजस्थान प्रदेशाध्यक्ष पुरुषोत्तम फागणा, राजस्थान कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष मोहन लाल वर्मा, समाजसेवी देवकीनंदन, दीप्ति किरण माहेश्वरी, मालासेरी डूंगरी भगवान देवनारायण मंदिर के मुख्य पुजारी हेमराज गुर्जर सहित अनेक गणमान्य अतिथियों की गरिमामय उपस्थिति रही। इसके अलावा भीलवाड़ा जिला अध्यक्ष शंकरलाल गुर्जर, चित्तौड़ जिला अध्यक्ष मांगीलाल गुर्जर, प्रतापगढ़ जिला अध्यक्ष मनोहर गुर्जर, झालावाड़ जिला अध्यक्ष सूरत राम गुर्जर तथा राजसमंद जिला अध्यक्ष मांगीलाल गुर्जर समेत विभिन्न जिलों के पदाधिकारी, समाजजन और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कालू लाल गुर्जर ने माता पन्नाधाय के त्याग, बलिदान और राष्ट्रभक्ति का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका बलिदान विश्व इतिहास में अद्वितीय उदाहरण है। उन्होंने कहा कि एक मां द्वारा राष्ट्रधर्म की रक्षा के लिए अपने पुत्र का बलिदान देना मानवता और कर्तव्यनिष्ठा की सर्वोच्च मिसाल है। उन्होंने कहा कि गुर्जर समाज का इतिहास शौर्य, पराक्रम और बलिदान की गौरवशाली गाथाओं से भरा हुआ है, जिसमें माता पन्नाधाय का योगदान अत्यंत प्रेरणादायक है। कालू लाल गुर्जर ने समाज में शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, संस्कार, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक एकता को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने केंद्र और राजस्थान सरकार से यह मांग भी की कि माता पन्नाधाय के जीवन, त्याग और राष्ट्रभक्ति की गाथा को विद्यालयों के पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी उनके आदर्शों से प्रेरणा ले सकें। समारोह में उपस्थित सभी वक्ताओं ने माता पन्नाधाय के अद्वितीय त्याग को समाज के लिए प्रेरणादायक बताते हुए उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम का समापन समाज की एकता, विकास और संगठन को मजबूत करने के संकल्प के साथ हुआ।



