उर्स-ए-हाफ़िज़ी व अहमदी: दीदार-ए-क़दम मुस्तफा के साथ कुल शरीफ की रस्म अदा

उर्स-ए-हाफ़िज़ी व अहमदी: दीदार-ए-क़दम मुस्तफा के साथ कुल शरीफ की रस्म अदा
SvasJsNews | रिपोर्ट: इमरान क़ादरी, तहसील अमरिया, पीलीभीत
पीलीभीत जनपद की तहसील अमरिया क्षेत्र स्थित घेरा शरीफ दरगाह में तीन दिवसीय उर्स-ए-हाफ़िज़ी व अहमदी पूरे अकीदत, एहतराम और शानो-शौकत के साथ संपन्न हो गया। उर्स का समापन कुल शरीफ की रस्म अदा होने के साथ हुआ। इस पवित्र आयोजन की सरपरस्ती सज्जादानशीन हज़रत मकसूद हुसैन साबरी मियां ने की, जिनके मार्गदर्शन में उर्स की तमाम रस्में परंपरागत तरीके से निभाई गईं।कुल शरीफ की रस्म का आग़ाज़ हाफ़िज़ नूर अहमद की दिल को छू लेने वाली नात और मनक़बत से हुआ। इसके पश्चात सज्जादानशीन हज़रत मकसूद हुसैन साबरी मियां ने अकीदतमंदों को दीदार-ए-क़दम मुस्तफा कराए। इस ऐतिहासिक और रूहानी मौके पर घेरा शरीफ दरगाह परिसर “या नबी सलाम अलैका” और सलातो-सलाम की सदाओं से गूंज उठा। दूर-दराज़ के इलाकों से बड़ी संख्या में जायरीन और अकीदतमंद दरगाह पहुंचे, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्सव और आस्था का वातावरण बन गया।
महफ़िल-ए-रंग के दौरान सज्जादानशीन हज़रत मकसूद हुसैन साबरी मियां ने मुल्क में अमन-चैन, भाईचारे और आपसी सौहार्द के लिए विशेष दुआ फरमाई। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि इस्लाम मोहब्बत, इंसानियत और अमन का पैगाम देता है। सभी धर्मों का सम्मान करना और समाज में आपसी भाईचारे को मजबूत करना हम सबकी जिम्मेदारी है। उर्स के इस मौके पर कई प्रमुख धार्मिक और सामाजिक हस्तियां मौजूद रहीं, जिनमें मुमताज हुसैन साबरी, जाहिद हुसैन साबरी, कमरुलजमा साबरी, हज़रत सूफी शाक़िर हुसैन मियां (सज्जादानशीन, धुंधरी दरगाह खानकाह), इरफान हुसैन मंसूरी, अफरोज़ अंसारी, असलम जावेद अंसारी (जिला पंचायत सदस्य), सलमान क़ादरी (फार्मासिस्ट), मुस्ताक अंसारी, दिलशाद पूर्व प्रधान, दानिश अंसारी और फ़ैज़ अंसारी प्रमुख रूप से शामिल रहे। तीन दिवसीय उर्स के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और पूरे आयोजन के दौरान दरगाह परिसर इबादत, आस्था और भाईचारे की मिसाल बना रहा। कुल शरीफ की रस्म के साथ संपन्न हुआ यह उर्स धार्मिक सौहार्द और सामाजिक एकता का सशक्त संदेश देकर समाप्त हुआ।



