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शिव बारात के रंग में रंगी सांवरिया बस्ती, विराट हिंदू सम्मेलन में उमड़ा जनसैलाब

रिपोर्ट-सत्यनारायण सिंह गुरला/भीलवाड़ा/राजस्थान

शिव बारात के रंग में रंगी सांवरिया बस्ती, विराट हिंदू सम्मेलन में उमड़ा जनसैलाब

चार हजार से अधिक लोगों ने ग्रहण किया ‘एक संगत–एक पंगत’ का सामूहिक भोज

भीलवाड़ा/सवाई भोज नगर
सांवरिया बस्ती (वार्ड 19–20) रविवार को आस्था, संस्कार, सामाजिक समरसता और हिंदू एकता के विराट उत्सव का साक्षी बनी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित ‘बस्ती विराट हिंदू सम्मेलन’ ने पूरे क्षेत्र को भक्ति और राष्ट्रभाव से सराबोर कर दिया। दिनभर चले इस ऐतिहासिक आयोजन में शिव भक्ति, सांस्कृतिक चेतना, नारी शक्ति, सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण का अद्भुत संगम देखने को मिला।

कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातःकाल वार्ड नंबर 19 स्थित सहजानंद आश्रम से निकाली गई प्रभात फेरी के साथ हुआ। भजन–कीर्तन के साथ निकली इस प्रभात फेरी ने पूरे क्षेत्र में जन-जागरण का कार्य किया। स्वयंसेवकों और कार्यकर्ताओं ने प्रमुख चौराहों पर दोपहर में निकलने वाली शिव बारात तथा ‘एक संगत–एक पंगत’ सामूहिक भोज की जानकारी दी। भगवा ध्वज थामे, “जय श्रीराम” के उद्घोष करते हुए बच्चे, युवा, बुजुर्ग और मातृशक्ति भक्ति के रंग में सराबोर होकर नाचते–गाते चले। वातावरण में ऐसी ऊर्जा थी मानो पूरी बस्ती एक ही स्वर, एक ही भाव और एक ही लक्ष्य से जुड़ गई हो।

सांवरिया सेठ मंदिर से निकली भव्य शिव बारात, धरती पर उतरा देवलोक


दोपहर में श्री सांवरिया सेठ मंदिर (वार्ड 20) से जब भव्य शिव बारात का शुभारंभ हुआ, तो ऐसा प्रतीत हुआ मानो कैलाश पर्वत स्वयं धरती पर उतर आया हो। सजीव झांकियों ने पूरे क्षेत्र को पौराणिक युग में पहुंचा दिया। दिनेश और दिलखुश सेन द्वारा महादेव और माता पार्वती के स्वरूप ने शिव–शक्ति की जीवंत अनुभूति कराई। दर्पण और कनक लोढ़ा ने भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी के वैभव को साकार किया। शिवरतन पारीक के ब्रह्मा रूप और मेहमान कलाकार रामचंद्र मूंदड़ा के नारद मुनि वेश ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
बस्ती की बालिकाओं द्वारा सुसज्जित राम दरबार ने मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के प्रति समाज की अटूट श्रद्धा को दर्शाया। बारात की एक विशेष पहचान यह रही कि इसमें शामिल सभी पुरुषों ने एक समान केसरिया साफा धारण किया, जो एकता, अनुशासन और सनातन संस्कृति की गरिमा का प्रतीक बना। ‘बुलेट राजा’ राहुल की गूंजती दहाड़ के साथ आगे बढ़ती इस बारात में जनसैलाब उमड़ पड़ा।


अखाड़े के हैरतअंगेज करतब, मातृशक्ति का शौर्य प्रदर्शन

जैसे-जैसे शोभायात्रा आगे बढ़ी, स्वागत और शौर्य के दृश्य और भी भव्य होते गए। मुख्य मार्गों पर पुष्पवर्षा, तिलक और सामूहिक आरती के माध्यम से बारातियों का अभिनंदन किया गया।
इस यात्रा का सबसे रोमांचक आकर्षण रहा ‘दुर्गा शक्ति अखाड़ा’। अखाड़ा प्रमुख बहन कविता और उनकी टीम ने लाठी और साहसी करतबों से नारी शक्ति का ऐसा अद्भुत प्रदर्शन किया कि पूरा जनसमूह वीर रस से ओतप्रोत हो उठा। यह प्रदर्शन नारी सशक्तिकरण का सशक्त संदेश बन गया। वहीं, सजी-धजी महिलाओं की मंडलियों ने भजन–कीर्तन और नृत्य से वातावरण को आनंदमय बना दिया। यह भव्य शोभायात्रा मुख्य मार्गों से होती हुई आज़ाद नगर स्थित अग्रसेन मांगलिक भवन पहुंचकर पूर्ण वैभव के साथ संपन्न हुई।

मंचीय कार्यक्रम, संत सानिध्य और वैचारिक उद्बोधन

अग्रसेन मांगलिक भवन में आयोजित मंचीय कार्यक्रम में सहजानंद आश्रम के श्रद्धानंद जी महाराज, संकट मोचन बालाजी मंदिर के रामनिवास महाराज, महानगर कार्यवाह दीपक जी सेन, एडवोकेट सुनीता सांखला, समिति अध्यक्ष जगदीश पुरोहित सहित अनेक गणमान्यजन मंचासीन रहे। दीप प्रज्वलन एवं गणेश वंदना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।
समिति कार्यकर्ता कैलाश विश्नोई ने संघ की प्रस्तावना रखते हुए कहा कि विजयदशमी 1925 को नागपुर में रोपा गया एक छोटा सा बीज आज विश्व का सबसे बड़ा स्वयंसेवी संगठन बन चुका है। संघ के 100 वर्ष केवल विस्तार के नहीं, बल्कि वैचारिक संघर्ष, प्रतिबंधों के विरुद्ध अडिग संकल्प और राष्ट्र की सांस्कृतिक चेतना के पुनर्जागरण की साधना के प्रतीक हैं।

हिंदुत्व युवा संघ की रोहित मारू टीम द्वारा प्रस्तुत महाकाल आरती ने पांडाल को शिवमय कर दिया। इसके पश्चात मुख्य वक्ता महानगर कार्यवाह दीपक जी सेन ने कहा कि संघ की असली शक्ति उसकी शाखा पद्धति है, जहां व्यक्ति निर्माण के माध्यम से राष्ट्र निर्माण होता है। उन्होंने प्रचारक जीवन को त्याग, तप और अनुशासन का आदर्श बताते हुए कहा कि समाज का अटूट विश्वास संघ के स्वयंसेवकों की निस्वार्थ कार्यशैली का परिणाम है।

सामाजिक समरसता का महासंगम: ‘एक संगत–एक पंगत’ बस्ती महाभोज

कार्यक्रम का समापन ‘एक संगत–एक पंगत’ के तहत आयोजित ऐतिहासिक बस्ती महाभोज के साथ हुआ। चार हजार से अधिक लोगों ने एक साथ बैठकर सामूहिक भोज ग्रहण किया। भोजन मंत्र के सामूहिक उच्चारण के साथ शुरू हुआ यह आयोजन केवल भोज नहीं, बल्कि जातिगत भेदभाव मिटाने और सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करने का सशक्त संदेश बन गया।
समिति अध्यक्ष जगदीश पुरोहित ने सभी सहयोगकर्ताओं, कार्यकर्ताओं और दानदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह आयोजन समाज की सामूहिक शक्ति का प्रतीक है। अंत में भारत माता की सामूहिक आरती के साथ कार्यक्रम का औपचारिक समापन हुआ।

सांवरिया बस्ती में आयोजित यह विराट हिंदू सम्मेलन निश्चित ही आने वाले समय में सामाजिक एकता, संस्कार और राष्ट्रभाव का प्रेरक उदाहरण बनकर स्मरण किया जाएगा।

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