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थाना सदर बाजार पुलिस एंव यूपी एसटीएफ की संयुक्त टीम द्वारा जीएसटी चोरी के मुकदमें का खुलासा 02 शातिर अभियुक्त गिरफ्तार, कब्जे से 07 मोबाइल ,01 चैक बुक ,01 पैनकार्ड एंव 01 लैपटॉप बरामद

थाना सदर बाजार पुलिस एंव यूपी एसटीएफ की संयुक्त टीम द्वारा जीएसटी चोरी के मुकदमें का खुलासा 02 शातिर अभियुक्त गिरफ्तार, कब्जे से 07 मोबाइल ,01 चैक बुक ,01 पैनकार्ड एंव 01 लैपटॉप बरामद


विशेष रिपोर्ट -मो कलीम अंसारी

सहारनपुर पुलिस उपमहानिरीक्षक/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आशीष तिवारी के निर्देशन में जनपद में अपराध नियंत्रण, चोरी,लूट, नकबजनी,जीएसटी चोरी आदि आपराधिक घटनाओं की रोकथाम व इन घटनाओं में संलिप्त अपराधियों की गिरफ्तारी हेतु जनपदीय पुलिस द्वारा लगातार संघन चैकिंग अभियान चलाया जा रहा है इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक नगर व्योम बिंदल एवं पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी नगर द्वितीय मनोज कुमार यादव के पर्यवेक्षण में तथा प्रभारी निरीक्षक कपिल देव के कुशल नेतृत्व मे सटीक सूचना पर प्रभारी निरीक्षक कपिल देव की पुलिस टीम के द्वारा जीएसटी चोरी की घटना को खोलते हुए दो शातिर अभियुक्तगण 1 मोहम्मद शादाब पुत्र स्व० भूरे खान 2 मोहम्मद आलम पुत्र मोहम्मद रफीक को शालीमार गार्डन से गिरफ्तार किया गया । जिनके कब्जे से 07 मोबाइल फोन, 01 चैक बुक, 01 पैनकार्ड एंव 01 लैपटॉप बरामद हुए।गिरफ्तार अभियुक्त गण के विरूद्ध उचित क़ानूनी कार्यवाही कर जेल भेजने की तैयारी की गई हैं पूछताछ करने पर गिरफ्तार अभियुक्त मोहम्मद आलम ने बताया कि मैंने वर्ष 2018 मे टैली(TALLY) की ट्रेनिंग की थी। उसके बाद करोल बाग में कपड़े की दुकान पर वर्ष 2022 तक कार्य किया। मेरी मुलाकात मेरठ मे आरटीओ आफिस के पास रहने वाले मौहसीन सैफी से मुस्तफाबाद जमुना विहार मे वर्ष 2023 में हुई थी। मोहसीन ने मुझसे अपनी तीन फर्मो की बिलिंग के लिए कहा। शादाब भी टेली का कार्य का जानकार था।हम दोनो मोहसीन की फर्मो का बिलिंग का कार्य करने शुरु कर दिया था। मोहसीन के द्वारा मुझे शुरूआत में 25000/- रूपये दिये जाते थे।मोहसीन की बोगस फर्में ज्यादा थी। बाद में हम दोनो ने बिलिंग का कार्य छोड़कर मौहसीन की सभी बोगस फर्मो की जीएसटी आर-1, 3बी रिटर्न का कार्य करने लगे थे।बीलिंग करने वाले एंकाउन्टेंट मोहसीन की बोगस फर्मो की बिलिंग कर उनका डेटा शादाब के ब्हाटसएप नं0 9718695943, 999790484, 8750309147 पर भेज देते थे। जीएसटी आर-1 3बी रिटर्न शादब द्वारा दाखिल किया जाता था। जीएसटी आर-1, 3बी रिटर्न दाखिल होने के बाद फर्म की पीडीएफ फाइल शादाब द्वारा मौहसीन को भेज दी जाती थी। कुछ समय बाद शादाब को इसी कार्य के लिये 50 हजार रूपये महिने दिया जाने लगा। शादाब द्वारा यह कार्य अपने घऱ से किया जाता था। शादाब द्वारा 05 माह पहले की एक आफिस बी-1, बी-2 ग्राउण्ड फ्लोर नियर भगत सिंह डी0एल0एस दिलशाद गार्डन गाजियाबाद मे खोला गया था। गिरफ्तार अभियुक्तगण ने एक स्वर में बताया कि जाली दस्ताबेजो का प्रयोग कर बोगस फर्मे रजिस्टर्ड की गई थी। जिनके दस्तावेज आलम निवासी फरूखनगर टीला मोड़ गाजियाबाद रखा गया था। शादाब एक बोगस फर्म के दस्तावेज बनाने के 10,000/- रूपये लेता था। जाली दस्तावेजो में जो पैनकार्ड/आधारा कार्ड इस्तेमाल होता था। वह वास्तविक धारक का होता था। क्योकि फर्म का जीएसटी रजि0 करते समय उसका ओटीपी आधार से लिक मोबाइल पर ही जाता था। फर्म के रजिस्टेसन मे कोई भी नं0 डाल दिया जाता था तथा शादाब द्वारा भी कई बोगस फर्मे बनायी गयी थी। मेरे तथा शादाब के द्वारा उन फर्मो से प्रति एक करोड़ के बिल पर एक लाख रूपये कमिशन लिया जाता था। सैल पर्चेज को वास्तविक रूप देने के लिए बोगस/बास्तविक फर्मो से कैश/एकाउण्ट मे जमा करा दिया जाता था।
गिरफ्तार अभियुक्तों के नाम व पता
1मोहम्मद शादाब पुत्र स्व० भूरे खान नि०-प्लाट नं0-149 टाप फ्लोर फ्लैट न०-2 शालीमार गार्डन साहिबाबाद थाना शालीमार गार्डन गाजियाबाद 2.मोहम्मद आलम पुत्र मोहम्मद रफीक, निवासी ई/56, आर 31, विलेज खेड़ा, नियर स्वामी दयानंद हास्पिटल,शाहदरा दिल्ली वर्तमान फारूखनगर,असालतपुर, लोनी गाजियाबाद

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