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नववर्ष पर श्रद्धा और सैर का संगम: प्रसिद्ध स्थलों पर उमड़ी भीड़, गुरला कालिका माता मंदिर बना सुकून भरा विकल्प

सत्यनारायण सेन, गुरला #SvasJsNews

नववर्ष पर श्रद्धा और सैर का संगम: प्रसिद्ध स्थलों पर उमड़ी भीड़, गुरला कालिका माता मंदिर बना सुकून भरा विकल्प

रिपोर्ट: सत्यनारायण सेन, गुरला #SvasJsNews

भीलवाड़ा। नववर्ष के स्वागत को लेकर देशभर में श्रद्धा, उत्साह और सैर-सपाटे का माहौल चरम पर है। साल के अंतिम दिनों से ही प्रसिद्ध मंदिरों और लोकप्रिय पिकनिक स्पॉट्स पर श्रद्धालुओं व पर्यटकों का सैलाब उमड़ पड़ा है। हालात ऐसे बन गए हैं कि कई स्थानों पर पैदल चलना भी मुश्किल हो रहा है। रविवार के साथ-साथ सोमवार को भी दिनभर रौनक बनी रही, मानो अघोषित मेला लगा हो। इस भारी भीड़ के चलते न सिर्फ श्रद्धालु बल्कि स्थानीय लोगों को भी आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।


भीड़ और अव्यवस्था को देखते हुए कई प्रमुख मंदिरों में वीआईपी पास की व्यवस्था अस्थायी रूप से बंद कर दी गई है। वहीं प्रशासन और मंदिर प्रबंधन द्वारा 25 दिसंबर से 5 जनवरी तक कुछ अत्यधिक भीड़ वाले धार्मिक स्थलों पर न आने की सलाह भी दी जा रही है, ताकि सुरक्षा और व्यवस्था बनी रहे। नववर्ष की आस्था में डूबे लोग जहां एक ओर दर्शन के लिए घंटों कतार में खड़े हैं, वहीं दूसरी ओर सुकून भरे, शांत स्थलों की तलाश भी तेज हो गई है।

भीड़ से दूर सुकून का ठिकाना बना गुरला कालिका माता मंदिर
इसी बीच भीलवाड़ा जिले से करीब 18 किलोमीटर दूर स्थित गुरला कालिका माता मंदिर नववर्ष मनाने के लिए एक उभरते हुए दर्शनीय स्थल के रूप में लोगों को आकर्षित कर रहा है। हरी-भरी पहाड़ियों पर स्थित यह मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर एक शांत पिकनिक स्थल भी है। यहां पहुंचते ही दूर-दूर तक फैली हरियाली, खुला आकाश और शांति मन को सुकून देती है। दिसंबर माह में रणजीत सागर तालाब का ओवरफ्लो पानी चादर की तरह बहता हुआ दिखाई देता है, जो इस स्थान की सुंदरता में चार चांद लगा देता है। भीड़भाड़ से दूर होने के कारण यहां परिवार, युवा वर्ग और प्रकृति प्रेमी बिना किसी अव्यवस्था के समय बिता सकते हैं। सेल्फी पॉइंट्स और प्राकृतिक नज़ारे इसे नववर्ष के लिए एक आदर्श स्थल बनाते हैं, जहां लोग यादगार पलों को कैमरे में कैद कर सकते हैं।

राजस्थान में बढ़ी अंतरराज्यीय आवक, युवा वर्ग सबसे आगे
नववर्ष के मौके पर राजस्थान के प्रसिद्ध मंदिरों और पिकनिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों में बड़ी संख्या युवा वर्ग की देखी जा रही है। आंकड़ों के अनुसार करीब 80 प्रतिशत लोग 45 वर्ष से कम उम्र के हैं। इनमें राजस्थान के साथ-साथ मध्यप्रदेश, गुजरात, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे राज्यों से भी बड़ी संख्या में लोग शामिल हैं। शिक्षित और घूमने-फिरने के शौकीन युवा वर्ग धार्मिक पर्यटन के साथ प्रकृति से जुड़ने को प्राथमिकता दे रहा है।

SvasJsNews के अनुसार, यदि आप नववर्ष पर भीड़ और शोर-शराबे से दूर, शांति और प्राकृतिक सौंदर्य के बीच समय बिताना चाहते हैं, तो गुरला कालिका माता मंदिर एक बेहतरीन विकल्प बनकर उभर रहा है। यह स्थान आस्था, प्रकृति और सुकून—तीनों का सुंदर संगम है, जहां नववर्ष का स्वागत यादगार बन सकता है।

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