एक सप्ताह बाद भी कार्रवाई शून्य, खुटार पुलिस की कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल

एक सप्ताह बाद भी कार्रवाई शून्य, खुटार पुलिस की कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल
शाहजहांपुर जनपद के थाना खुटार क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत हरनाई से सामने आए मामले ने स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। हैरानी की बात यह है कि गांव का मुखिया यानी ग्राम प्रधान ही यदि सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता की सुरक्षा का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम प्रधान ने खुटार थाने में लिखित प्रार्थना पत्र देकर मारपीट, गुमचोट आने और जेब में रखे 1500 रुपये लूट लिए जाने का आरोप लगाया था। इसके बावजूद न तो पीड़ित का मेडिकल कराया गया और न ही कोई ठोस कानूनी कार्रवाई की गई। एक सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी पुलिस द्वारा मामले में संज्ञान न लेना पुलिस की उदासीनता को दर्शाता है।
मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस एवं जनपद मीडिया सेल द्वारा स्थानीय थाने को कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसके बाद मौके पर पहुंचे हल्का इंचार्ज ने पीड़ित से यह कहकर मामला टालने का प्रयास किया कि “इस बार खत्म कीजिए, अगली बार झगड़ा होगा तब कार्रवाई करेंगे।” यह बयान न केवल पीड़ित के साथ अन्याय है, बल्कि कानून व्यवस्था की भावना के भी विपरीत है।
जब एक ग्राम प्रधान को न्याय के लिए यूं भटकना पड़ रहा है, तो आम नागरिक की स्थिति क्या होगी, यह सोचने का विषय है। खुटार पुलिस की यह कार्यशैली निंदनीय है और उच्च अधिकारियों को तत्काल संज्ञान लेकर जिम्मेदारों पर कार्रवाई करनी चाहिए।
— SvasJsNews




