गोंडा में रिश्वत लेते वरिष्ठ लिपिक रंगे हाथों गिरफ्तार, सीएमओ ऑफिस में मचा हड़कंप

गोंडा में रिश्वत लेते वरिष्ठ लिपिक रंगे हाथों गिरफ्तार, सीएमओ ऑफिस में मचा हड़कंप
SvasJsNews विशेष रिपोर्ट
गोंडा––उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा करने वाला मामला सामने आया है। देवीपाटन मंडल की एंटी करप्शन टीम ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय में तैनात वरिष्ठ लिपिक शशिकांत सिंह को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के बाद पूरे सीएमओ ऑफिस में अफरा-तफरी मच गई और कर्मचारी दहशत में आ गए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुधवार को एंटी करप्शन टीम को शिकायत मिली थी कि एक वरिष्ठ लिपिक रिटायर्ड अधिकारी के चिकित्सा प्रतिपूर्ति (Medical Reimbursement) से जुड़े दस्तावेज़ों पर रिपोर्ट लगाने के बदले अवैध वसूली कर रहा है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए टीम ने पूरी योजना बनाकर trap कार्रवाई की और लिपिक शशिकांत सिंह को तयशुदा रिश्वत लेते ही मौके पर दबोच लिया। गिरफ्तारी के तुरंत बाद टीम आरोपी को लेकर देहात कोतवाली पहुंची, जहां मुकदमा दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

रिटायर्ड अधिकारी के पुत्र की शिकायत से खुला घोटाला
बहराइच जनपद के जरवल रोड थाना क्षेत्र स्थित आदमपुर गांव के निवासी आशीष पांडेय पुत्र अंगद प्रसाद पांडेय ने बताया कि उनके पिता वर्ष 2014 में गोंडा सीएमओ ऑफिस से रिटायर हुए थे। रिटायरमेंट के बाद उनके मेडिकल बिलों के निस्तारण के लिए वरिष्ठ लिपिक ने कई बार पैसे की मांग की। इससे परेशान होकर उन्होंने एंटी करप्शन टीम से संपर्क किया और पूरा मामला उजागर किया।
आशीष पांडेय के अनुसार, लिपिक लगातार अलग-अलग बहानों से भुगतान रोक रहा था और फाइल आगे बढ़ाने के नाम पर रिश्वत मांगता था। अंततः उन्होंने कानून का सहारा लिया और शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया।
इस पूरी घटना ने गोंडा स्वास्थ्य विभाग में फैले भ्रष्टाचार की पोल खोल दी है। आम जनता अब विभागीय व्यवस्था पर सवाल उठा रही है और इस गिरफ्तारी के बाद अन्य कर्मचारियों की भूमिका पर भी निगाहें टिक गई हैं। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार पर बड़ा प्रहार मानी जा रही है।



