“विवाहिता की संदिग्ध मौत… और थाना प्रभारी की चुप्पी से उठा बड़ा सवाल!”
ब्यूरो रिपोर्ट-विकास सिंह

SvasJsNews की विशेष एक्सक्लूसिव पोस्ट
“विवाहिता की संदिग्ध मौत… और थाना प्रभारी की चुप्पी से उठा बड़ा सवाल!”
#बहेड़ी, बरेली
संदिग्ध परिस्थितियों में एक विवाहिता की मौत ने बड़ा हड़कंप मचा दिया है। मायके पक्ष ने जहर देकर हत्या का गंभीर आरोप लगाया है। मृतिका के दो मासूम नाबालिग बच्चे अब अनाथ जैसे हालात में हैं, लेकिन सिस्टम का रवैया सवालों के कटघरे में खड़ा है।
थाना प्रभारी फरीदपुर की खुली लापरवाही!
मायके वालों ने जब न्याय के लिए प्रार्थना पत्र देना चाहा, तो थाना प्रभारी ने साफ इनकार कर दिया। कहा—
👉 “पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद तहरीर देना।”
बार–बार गुहार लगाने के बावजूद रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। यह पुलिसिया रवैया न सिर्फ सवाल उठाता है, बल्कि कानून व्यवस्था पर सीधा प्रहार है।

📌 पति पर गंभीर आरोप
मृतिका ने कुछ समय पहले एक पत्र लिखकर पति पर गंभीर आरोप लगाए थे, जिसका फोटो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
फिर भी थाना प्रभारी की चुप्पी और कार्रवाई न करना—एक बड़ी लापरवाही, उदासीनता और जिम्मेदारी से भागना दर्शाता है।
📍 मृतिका मूल रूप से — जनपद पीलीभीत, थाना अमरिया क्षेत्र की रहने वाली है
📍 मौत की घटना — थाना फरीदपुर, तहसील बहेड़ी, जनपद बरेली की बताई जा रही है।
SvasJsNews का बड़ा सवाल––
जब एक मृतिका न्याय की आवाज बनकर “पत्र” छोड़ गई…
और उसके मासूम बच्चे इंसाफ की भीख माँग रहे हैं…
तो थाना प्रभारी फरीदपुर कार्रवाई से क्यों डर रहे हैं?
तुरंत FIR दर्ज क्यों नहीं की गई?
क्या कानून पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतज़ार करता है या पीड़ितों की आपात गुहार का?
हमारी मांग स्पष्ट है:
➡️ फरीदपुर थाना प्रभारी की लापरवाही पर तत्काल विभागीय जांच हो।
➡️ मायके पक्ष की तहरीर तुरंत दर्ज कर कार्रवाई शुरू की जाए।
➡️ वायरल पत्र की फॉरेंसिक जांच की जाए।
➡️ बच्चों को न्याय व सुरक्षा प्रदान की जाए।
न्याय टालने से नहीं, कार्रवाई से मिलता है!
SvasJsNews हर अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाता रहेगा।




