सहारनपुर में कथित स्मैक कारोबार पर गंभीर सवाल, नई पीढ़ी को नशे से बचाने की मांग तेज

सहारनपुर में कथित स्मैक कारोबार पर गंभीर सवाल, नई पीढ़ी को नशे से बचाने की मांग तेज
कई इलाकों में नशे की पुड़ियां बिकने की चर्चाएं, स्थानीय लोगों ने सप्लाई नेटवर्क की जांच की उठाई मांग
विशेष रिपोर्ट- मो. कलीम अंसारी
सहारनपुर। शहर में कथित रूप से चल रहे स्मैक के कारोबार को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शहर के कई इलाकों में नशीले पदार्थों की पुड़ियां आसानी से उपलब्ध होने की चर्चाएं हैं। लोगों की सबसे बड़ी चिंता यह है कि कथित नशे का असर अब युवा पीढ़ी पर भी पड़ रहा है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि इन शिकायतों में सच्चाई है तो केवल नशा बरामद कर आरोपियों को गिरफ्तार करना ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि नशीले पदार्थों की सप्लाई लाइन और इसके पीछे सक्रिय नेटवर्क तक पहुंचना भी जरूरी है।
आनंद नगर की घटना के बाद बढ़ी चर्चा
इसी बीच आनंद नगर क्षेत्र में पानी की टंकियों के पाइप उखाड़ने के आरोप में स्थानीय लोगों द्वारा एक युवक को पकड़कर पुलिस के हवाले किए जाने की घटना के बाद चोरी और नशे के कथित संबंध को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
स्थानीय लोगों का दावा है कि पकड़ा गया युवक नशे की हालत में था, जबकि उसका एक साथी मौके से फरार हो गया। हालांकि घटना की वास्तविक स्थिति और युवक के नशे में होने की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
500 रुपये की कथित पुड़िया को लेकर भी चर्चाएं
शहर में सलीम नाम के एक व्यक्ति को 500 रुपये की कथित स्मैक पुड़िया बेचने से जोड़कर चर्चाएं होने की बात सामने आई है। वहीं कमेले की पुलिया के आसपास भी नशीले पदार्थों की पुड़ियां बेचे जाने के आरोप स्थानीय स्तर पर लगाए जा रहे हैं।
हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में किसी व्यक्ति को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा। पूरे मामले में पुलिस जांच के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी।
इन इलाकों को लेकर भी उठ रहे सवाल
स्थानीय लोगों के अनुसार धोबी वाला, आजाद कॉलोनी, मेला कॉलोनी, बेहट अड्डा और देहरादून चौक सहित शहर के कुछ अन्य इलाकों में भी कथित रूप से स्मैक बिक्री को लेकर चर्चाएं हैं।
लोगों का कहना है कि यदि शिकायतों में सच्चाई पाई जाती है तो पुलिस को ऐसे स्थानों पर गोपनीय तरीके से जांच कराकर नशीले पदार्थों की बिक्री और सप्लाई से जुड़े लोगों तक पहुंचना चाहिए।
क्या नशे की लत और चोरी की घटनाओं में कोई कनेक्शन है?
हाल की कुछ घटनाओं के बाद स्थानीय नागरिकों के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या नशे की लत कुछ युवाओं को चोरी और दूसरे अपराधों की ओर धकेल रही है।
हालांकि किसी विशेष घटना को नशे से जोड़ने से पहले पुलिस जांच और ठोस साक्ष्यों का सामने आना जरूरी है। फिर भी नागरिकों का कहना है कि नशे के खिलाफ अभियान के साथ-साथ युवाओं की काउंसलिंग और पुनर्वास पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।
बड़ी बरामदगी के बावजूद बाजार तक कैसे पहुंच रहा नशा?
सहारनपुर में समय-समय पर पुलिस द्वारा नशीले पदार्थों की बड़ी बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी की कार्रवाई सामने आती रही है। इसके बावजूद यदि शहर के कुछ इलाकों में नशीली पुड़ियां आसानी से उपलब्ध होने की शिकायतें सामने आ रही हैं तो यह जांच का विषय जरूर है कि आखिर नशे की सप्लाई बाजार तक कैसे पहुंच रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कार्रवाई का असर तभी दिखाई देगा, जब नशे के छोटे विक्रेताओं के साथ-साथ उनके पीछे मौजूद कथित सप्लायर और सप्लाई नेटवर्क की भी जांच हो।
नई पीढ़ी को नशे से बचाना सबसे बड़ी चुनौती
नागरिकों ने पुलिस-प्रशासन से मांग की है कि संवेदनशील इलाकों में गोपनीय जांच कराकर नशीले पदार्थों की बिक्री से जुड़े लोगों का पता लगाया जाए। साथ ही स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों और युवाओं को नशे के नुकसान के प्रति जागरूक करने के लिए अभियान और काउंसलिंग को और मजबूत किया जाए।
अब देखना होगा कि इन स्थानीय शिकायतों और चर्चाओं को लेकर पुलिस क्या कदम उठाती है और जांच के बाद नशे के कथित नेटवर्क की वास्तविक तस्वीर क्या सामने आती है।
रिपोर्ट- मो. कलीम अंसारी



