बेलरायां चीनी मिल में 15 नवंबर से शुरू होगा पेराई सत्र

बेलरायां चीनी मिल में 15 नवंबर से शुरू होगा पेराई सत्र
70 लाख क्विंटल गन्ना पेराई और 7.70 लाख क्विंटल चीनी उत्पादन का लक्ष्य, डीएम ने 15 अक्टूबर तक मरम्मत पूरी कराने के दिए निर्द
ब्यूरो रिपोर्टर तुषार शुक्ला
लखीमपुर-खीरी, 18 सितंबर। सरजू सहकारी चीनी मिल बेलरायां में आगामी पेराई सत्र 15 नवंबर 2026 से शुरू करने का प्रस्ताव रखा गया है। शुक्रवार को मिल की वार्षिक सामान्य निकाय बैठक में 15 नवंबर से आठ अप्रैल 2027 तक 144 दिन पेराई सत्र चलाने तथा 70 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई का लक्ष्य प्रस्तावित किया गया। 11 प्रतिशत रिकवरी के आधार पर 7.70 लाख क्विंटल चीनी उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है।
डीएम एवं मिल अध्यक्ष अंजनी कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में गन्ना क्रय केंद्रों, मिल की वित्तीय स्थिति, आधुनिकीकरण और किसानों को समय से भुगतान समेत विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। मिलगेट सहित 32 गन्ना क्रय केंद्र सुरक्षित किए जाने का प्रस्ताव रखा गया। इसके अलावा पलिया चीनी मिल के सात, गुलरिया के 18 और ऐरा चीनी मिल के नौ क्रय केंद्रों के प्रस्ताव पर भी विचार किया गया।
बैठक में बताया गया कि विगत वित्तीय वर्ष में मिल ने 28 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया। डीएम ने कहा कि मिल की लाभ की स्थिति को बनाए रखने के लिए तकनीकी क्षमता बढ़ाने और व्यवस्थाओं को बेहतर करने की आवश्यकता है।
मिल के पुराने बॉयलरों को हटाकर नए बड़े बॉयलर व टरबाइन लगाने तथा प्रदूषण नियंत्रण के लिए वेट स्क्रबर स्थापित करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। लखहा, तिकुनियां, निघासन और गजियापुर में चार नए उर्वरक गोदामों के निर्माण तथा चार गोदामों की मरम्मत का प्रस्ताव रखा गया।
निघासन विधायक शशांक वर्मा ने मिल का समय से संचालन और किसानों को गन्ने का समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने किसानों को समय से बीज उपलब्ध कराने और पेराई सत्र के दौरान किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न होने देने की बात कही।
बैठक के बाद डीएम ने विधायक के साथ चीनी मिल का निरीक्षण भी किया। उन्होंने मिल हाउस, पावर हाउस समेत विभिन्न इकाइयों में चल रहे मरम्मत एवं रखरखाव कार्यों का जायजा लिया। डीएम ने सभी मरम्मत कार्य 15 अक्टूबर तक पूरा कराने तथा इसके बाद 15 दिन का ट्रायल कराने के निर्देश दिए, ताकि पेराई शुरू होने पर तकनीकी दिक्कत न आए।
उन्होंने जर्जर उपकरणों को बदलने, अनुपयोगी स्क्रैप का नियमानुसार निस्तारण कराने और भंडारण व्यवस्था बेहतर करने के निर्देश भी दिए। डीएम ने कहा कि पेराई सत्र समय से शुरू होना किसानों के हित में महत्वपूर्ण है, इसलिए सभी तैयारियां निर्धारित समयसीमा में पूरी की जाएं।
इस अवसर पर चीनी मिल के डायरेक्टर मनोज पांडे, उपाध्यक्ष सुच्चा सिंह, प्रबंध निदेशक राजेश कुमार, जिला गन्ना अधिकारी जितेंद्र कुमार मिश्र, चीफ इंजीनियर, चीफ केमिस्ट, मुख्य लेखाकार, सीसीओ समेत बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के सदस्य व संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।



