#SvasJsNewsउत्तर प्रदेशदेशब्रेकिंग न्यूज़लखीमपुर खीरी

मलेरिया-डेंगू पर स्वास्थ्य विभाग की सख्ती, पिछले साल के मुकाबले मामलों में बड़ी गिरावट

मलेरिया-डेंगू पर स्वास्थ्य विभाग की सख्ती, पिछले साल के मुकाबले मामलों में बड़ी गिरावट

ब्यूरो रिपोर्टर – तुषार शुक्ला
लखीमपुर खीरी। जनपद में वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगातार अभियान चलाया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष गुप्ता के निर्देशन में चल रहे अभियान के बीच पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष मलेरिया, डेंगू, जेई और एईएस के मामलों में कमी दर्ज की गई है। संक्रमण की रोकथाम के लिए प्रोटोकॉल के तहत 24 से 48 घंटे के भीतर निरोधात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष गुप्ता ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क है और इस वर्ष स्थिति पिछले वर्ष की अपेक्षा नियंत्रण में है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में मलेरिया के 445, डेंगू के 68, एईएस के सात और जेई के पांच मामले सामने आए थे। वहीं, वर्ष 2026 में अब तक मलेरिया के 89, डेंगू के 11, जेई के तीन और एईएस के पांच मामले सामने आए हैं।

रोगों की रोकथाम के लिए जनपद में एंटोमोलॉजिकल सर्विलांस, सोर्स रिडक्शन, एंटी लार्वल स्प्रे, फीवर ट्रैकिंग, डोर-टू-डोर सर्वे, फॉगिंग और जनजागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।

31 अगस्त को निघासन क्षेत्र के सिंघाही कला गांव में निसार अली (41) के डेंगू और प्रीतम पुरवा में असगर रजा (5) के जेई से संबंधित मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दोनों गांवों में कुल 170 घरों का सर्वे किया। सर्वे के दौरान कुछ घरों में रखे पात्रों में मच्छरों का लार्वा मिला, जिसके बाद तत्काल सोर्स रिडक्शन कराया गया। लार्वा पाए जाने वाले दो घरों के मुखियाओं को नोटिस भी जारी किया गया।

फीवर ट्रैकिंग अभियान के तहत 22 संभावित बुखार पीड़ितों की मलेरिया आरडीटी से जांच की गई। जांच में सभी की रिपोर्ट मलेरिया निगेटिव पाई गई।

जिला मलेरिया अधिकारी की टीम द्वारा अति संवेदनशील क्षेत्रों और पूर्व में अधिक मामले सामने आने वाले इलाकों में लगातार निगरानी, एंटी लार्वल स्प्रे और डोर-टू-डोर सर्वे किया जा रहा है। इसके अलावा जलभराव वाले स्थानों में मच्छरों के लार्वा को नियंत्रित करने के लिए गैम्बूसिया मछली भी छोड़ी जा रही है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अगस्त 2026 में आवास विकास कॉलोनी, शिव कॉलोनी, मीरपुर, नौरंगाबाद, गंगोत्री नगर, अर्जुन पुरवा, महाराज नगर और छाउछ समेत विभिन्न क्षेत्रों के 150 से अधिक जलभराव वाले स्थानों में गैम्बूसिया मछली छोड़ी गई है।

सीएमओ डॉ. संतोष गुप्ता ने लोगों से अपील की है कि घर और कार्यालय के आसपास पानी जमा न होने दें तथा साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम में आमजन का सहयोग बेहद महत्वपूर्ण है।

Related Articles

Back to top button