25 अगस्त को खीरी में होगी महिला जनसुनवाई, राज्य महिला आयोग की सदस्या सुजीता कुमारी करेंगी निरीक्षण

25 अगस्त को खीरी में होगी महिला जनसुनवाई, राज्य महिला आयोग की सदस्या सुजीता कुमारी करेंगी निरीक्षण
आंगनबाड़ी केंद्र, महिला बंदी गृह, जिला महिला चिकित्सालय, वन स्टॉप सेंटर और कस्तूरबा विद्यालय का लेंगी जायजा
ब्यूरो रिपोर्टर तुषार शुक्ला
लखीमपुर-खीरी, 21 अगस्त। जनपद में महिला उत्पीड़न की रोकथाम तथा पीड़ित महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्या सुजीता कुमारी 25 अगस्त 2026 को जनपद के एक दिवसीय दौरे पर रहेंगी। इस दौरान वह संबंधित अधिकारियों की मौजूदगी में महिला जनसुनवाई करेंगी तथा विभिन्न महिला एवं बालिका संस्थानों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लेंगी।
जिला प्रोबेशन अधिकारी लवकुश कुमार भार्गव ने बताया कि राज्य महिला आयोग की सदस्या सुजीता कुमारी के प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत 25 अगस्त को प्रातः 10 बजे से 11 बजे तक आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया जाएगा। इसके बाद प्रातः 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक महिला जनसुनवाई आयोजित होगी। जनसुनवाई के दौरान महिला उत्पीड़न से संबंधित शिकायतों को सुना जाएगा और संबंधित अधिकारियों की मौजूदगी में समस्याओं के निस्तारण की कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि दोपहर 3 बजे से महिला बंदी गृह का निरीक्षण प्रस्तावित है। इसके बाद 3:35 बजे जिला महिला चिकित्सालय का निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, व्यवस्थाओं और संबंधित सेवाओं की स्थिति का जायजा लिया जाएगा।
कार्यक्रम के अंतिम चरण में शाम 4 बजे से 5 बजे तक वन स्टॉप सेंटर, लखीमपुर तथा कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, राजापुर का निरीक्षण किया जाएगा। इस दौरान महिला एवं बालिकाओं से संबंधित व्यवस्थाओं, सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली जाएगी।
राज्य महिला आयोग की सदस्या के दौरे को लेकर संबंधित विभागों को आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। महिला जनसुनवाई के माध्यम से पीड़ित महिलाओं को अपनी समस्याएं सीधे आयोग की सदस्या के समक्ष रखने का अवसर मिलेगा।
प्रशासन की ओर से संबंधित अधिकारियों को जनसुनवाई एवं निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान आवश्यक अभिलेखों और सूचनाओं के साथ उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। आयोग की सदस्या के दौरे का मुख्य उद्देश्य महिलाओं से संबंधित शिकायतों की सुनवाई, उनके अधिकारों एवं सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा तथा पीड़ित महिलाओं को त्वरित न्याय उपलब्ध कराने की दिशा में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना है।



