बेटे पर झपटा बाघ तो पिता भिड़ गया, ग्रामीणों ने शोर मचाकर बचाई जान

बेटे पर झपटा बाघ तो पिता भिड़ गया, ग्रामीणों ने शोर मचाकर बचाई जान
गन्ने के खेत में घास काट रहे किसान पर बाघ का हमला, गंभीर हालत में सीएचसी मोहम्मदी में भर्ती
ब्यूरो रिपोर्टर तुषार शुक्ला
लखीमपुर-खीरी। मोहम्मदी वन क्षेत्र के अंतर्गत ककराही गांव में शुक्रवार को गन्ने के खेत में घास काट रहे किसान पर बाघ ने अचानक हमला कर दिया। बाघ के हमले में किसान केपी जोशी पुत्र शिवकरण लाल गंभीर रूप से घायल हो गए। बेटे पर बाघ का हमला होते देख पिता शिवकरण लाल ने अपनी जान की परवाह किए बिना शोर मचाते हुए बाघ का सामना किया। पिता की हिम्मत और ग्रामीणों के समय पर पहुंचने से किसान की जान बच सकी।
बताया गया कि ककराही गांव निवासी केपी जोशी गलरई भट्ठे के पास स्थित गन्ने के खेत में घास काट रहे थे। इसी दौरान गन्ने के बीच छिपे बाघ ने अचानक उन पर झपट्टा मार दिया। बाघ के हमले से केपी जोशी चीखने लगे। उनकी आवाज सुनकर पास में मौजूद उनके पिता शिवकरण लाल मौके की ओर दौड़े।
बेटे को बाघ के चंगुल में देख शिवकरण लाल ने हिम्मत जुटाते हुए शोर मचाना शुरू कर दिया। शोर सुनकर आसपास के खेतों में काम कर रहे अन्य ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। कई लोगों के एक साथ शोर मचाने और बाघ को ललकारने पर बाघ घायल किसान को छोड़कर गन्ने के घने खेतों में भाग गया।
बाघ के चंगुल से छूटने के बाद केपी जोशी लहूलुहान हालत में किसी तरह खेत से बाहर निकले, लेकिन कुछ ही दूरी पर पहुंचकर बेहोश होकर गिर पड़े। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और 108 एंबुलेंस की मदद से गंभीर रूप से घायल किसान को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मोहम्मदी पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
पिता शिवकरण लाल ने बताया कि ग्रामीणों के समय पर मौके पर पहुंचने और सभी के एक साथ शोर मचाने से बाघ पीछे हट गया, जिससे उनके बेटे की जान बच सकी। घटना के बाद से परिवार में दहशत का माहौल है।
घटना की सूचना वन विभाग को दे दी गई है। गन्ने के खेतों में बाघ की मौजूदगी की जानकारी से ककराही और आसपास के गांवों में भी भय का माहौल है। ग्रामीण खेतों में जाने से डर रहे हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में प्रभावी निगरानी और बाघ की तलाश के लिए आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की है, ताकि ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।



