कैंसर के बढ़ते मामलों पर याचिका समिति सख्त, तीन सदस्यीय टीम करेगी सहारनपुर का दौरा…

कैंसर के बढ़ते मामलों पर याचिका समिति सख्त, तीन सदस्यीय टीम करेगी सहारनपुर का दौरा…
विधायक आशु मलिक ने समिति के समक्ष उठाये सवाल…
विशेष रिपोर्ट -मो कलीम अंसारी
सहारनपुर उत्तर प्रदेश विधानसभा की याचिका समिति की बैठक में लखनऊ स्थित विधान भवन में सभापति सतीश महाना की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में समिति सदस्य देहात विधायक आशु मलिक द्वारा सहारनपुर में काली नदी, ढमोला नदी और हिंडन नदी के आसपास के क्षेत्रों में कैंसर के बढ़ते मामलों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया।चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग से संबंधित लंबित याचिकाओं पर चर्चा के दौरान विधायक आशु मलिक बताया कि वर्ष 2022 से इन नदी क्षेत्रों के आसपास कैंसर के मामले बढ़ने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। इस संबंध में विधायक आशु मलिक ने बताया कि पूर्व में विधानसभा और याचिका समिति की बैठकों में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एवं स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम से जांच कराने, पानी के नमूने लेने तथा मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए गए थे। विधायक आशु मलिक ने आरोप लगाया कि संबंधित अधिकारियों द्वारा इन निर्देशों का अपेक्षित रूप से पालन नहीं किया गया। बैठक में विधायक आशु मलिक ने कहा कि समस्या केवल सहारनपुर विधानसभा क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि आसपास के विधानसभा क्षेत्रों और जनपदों में भी कैंसर के बढ़ते मामलों को लेकर चिंता जताई जा रही है। इस गंभीर विषय पर समिति ने संबंधित विभागों से अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी मांगी।निर्देशों के अनुपालन में लापरवाही पर सभापति सतीश महाना ने नाराजगी जताई। समिति ने निर्णय लिया कि उसके तीन सदस्य स्वयं सहारनपुर पहुंचकर पूरे मामले की जमीनी जांच करेंगे। साथ ही लापरवाही बरतने अथवा गलत रिपोर्ट देकर समिति को गुमराह करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। संबंधित विभागों को 15 दिन के भीतर जांच रिपोर्ट समिति के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में सहारनपुर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी को भी तलब किया गया। प्रमुख सचिव रितु माहेश्वरी, मुख्य अपर सचिव अमित घोष सहित स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी बैठक में मौजूद रहे। समिति के इस निर्णय से सहारनपुर और आसपास के क्षेत्रों में कैंसर के बढ़ते मामलों की जांच तथा संभावित कारणों की पड़ताल को गति मिलने की उम्मीद है। अधिकारियों को क्षेत्र के लोगों की समस्या के समाधान के लिए प्रभावी एवं ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।




