माँगों का समाधान न होने पर 5 अगस्त से करेंगे अतिरिक्त प्रभार का बहिष्कार….

माँगों का समाधान न होने पर 5 अगस्त से करेंगे अतिरिक्त प्रभार का बहिष्कार….
विशेष रिपोर्ट -मो कलीम अंसारी
सहारनपुर उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने शासन और राजस्व परिषद के समक्ष अपनी लंबे समय से लंबित एवं न्यायोचित माँगों को लेकर एक बार फिर आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है।संघ द्वारा राजस्व परिषद के अध्यक्ष को सौंपे गए ज्ञापन में साफ कहा गया है कि यदि 4 अगस्त तक अंतरमंडलीय स्थानांतरण, पदोन्नति, विभिन्न भत्तों में वृद्धि और ग्राम सचिवालयों में बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो प्रदेश भर के लेखपाल 5 अगस्त से अपने मूल कार्य क्षेत्र के अलावा अन्य अतिरिक्त हलकों का प्रभार छोड़कर चरणबद्ध आंदोलन शुरू कर देंगे। लेखपाल संघ के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वर्ष 2018 के तहत किए गए अंतरमंडलीय व पारस्परिक तबादलों की प्रक्रिया को रद्द किए जाने से सैकड़ों लेखपाल अपने गृह जनपदों से 400 से 500 किलोमीटर दूर विषम परिस्थितियों में कार्य करने को मजबूर हैं, इसलिए स्थानांतरण हेतु ऑनलाइन पोर्टल तुरंत खोला जाना चाहिए। इसके साथ ही संघ ने वर्ष 2023 से 2026 तक की लंबित पदोन्नति सूचियों को शीघ्र जारी करने, नव-नियुक्त लेखपालों के परीक्षा परिणाम और प्रमाण-पत्र जारी कर उनका स्थायीकरण करने तथा लंबे समय से न बढ़े स्टेशनरी व वाहन भत्तों में तत्काल बढ़ोतरी करने की पुरज़ोर वकालत की है। संघ ने शासन का ध्यान खींचते हुए यह भी कहा कि पुलिस कार्यालयों व अन्य पटलों पर लेखपालों की असंवैधानिक संबद्धता को समाप्त किया जाए और ग्राम सचिवालयों में बैठने, इंटरनेट व कंप्यूटर जैसी न्यूनतम सुरक्षा व सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँ ताकि राजस्व कार्य सुचारू रूप से चल सकें। लेखपाल संघ ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इन माँगों पर सकारात्मक रुख नहीं अपनाया गया, तो 5 अगस्त से शुरू होने वाले इस कार्य बहिष्कार से आम जनता व प्रशासनिक व्यवस्था में उत्पन्न होने वाली किसी भी असुविधा की पूरी जवाबदेही उत्तर प्रदेश शासन और राजस्व परिषद की होगी।



