#SvasJsNewsउत्तर प्रदेशदेशब्रेकिंग न्यूज़सहारनपुर

जिला कांवड़ सेवा संघ एवं स्वच्छ हरित कांवड़ यात्रा समिति ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दी जिला वासियों को आगामी कांवड़ यात्रा की हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं

जिला कांवड़ सेवा संघ एवं स्वच्छ हरित कांवड़ यात्रा समिति ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दी जिला वासियों को आगामी कांवड़ यात्रा की हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं

विशेष रिपोर्ट -मो कलीम अंसारी

सहारनपुर वर्ष कांवड यात्रा गुरु पूर्णिमा 29 जुलाई से प्रारम्भ होकर सावन माह की त्रयोदशी के दिन शिव जी के जलाभिषेक के साथ संपन्न होगी। जिला कांवड़ संघ के अध्यक्ष सजंय फुटेला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया।  सहारनपुर में शिव जी के भक्त उत्तराखंड के पवित्र स्थल हरिद्वार से हरियाणा, पंजाब एवं जम्मू कश्मीर की ओर पवित्र गंगा जल लेकर सहारनपुर से निकलेंगे, उनकी ये पावन कांवड़ यात्रा सफल, सुगम एवं सुरक्षित हो इसी मंगलकामना के साथ हम सभी शिविरों का आयोजन करते हैं, इस वर्ष कांवड यात्रा के लिए हमारा संकल्प है कि यात्रा हरित, स्वच्छ, सुरक्षित एवं अनुशासित रूप से संपन्न हो,इसके लिए हम यात्रियों से तथा शिविर संचालकों से  अनुरोध करते हैं ,सिंगल यूज प्लास्टिक, डिस्पोसल क्राकरी, पॉलिथीन एवं प्लास्टिक से बना सजावट का सामान उपयोग में ना लाए,डीजे की ध्वनि सरकार द्वारा तय मानकों के अनुरूप ही रखें एवं अपनी अपनी कांवड़ की बनावट भी नियमानुसार ही करे,अत्याधिक ऊंचाई वाली कांवड़ से परहेज करे,झांकी की ऊंचाई सीमित रखे तथा झांकी में किसी तरह से भगवान के स्वरूप बना कर प्रदर्शित ना करे, किसी प्रकार का कोई भी गलत संगीत या नृत्य ना करे, महादेव को प्रसन्न करने का वास्तविक मार्ग केवल पूजा नहीं बल्कि उनकी बनाई सृष्टि की रक्षा करना भी है, जिला कांवड़ संघ के महामंत्री रविकांत धीमान ने अपने सम्बोधन मैं कहा गत वर्षों की भांति इस वर्ष भी इस यात्रा की अगुवाई ऐतिहासिक होगी, जिले भर मैं लगभग 85 शिविरों का आयोजन किया जाएगा। प्रत्येक शिविर संचालक बहुत ही श्रद्धा भाव से पिछले 2 महीनों से सावन के माह का इंतजार करते है, और भोले की भक्ति मैं लीन होकर शिव भक्तों की शिविरों के माध्यम से सेवा करते है, स्वच्छ हरित कांवड़ यात्रा समिति, के सहारनपुर प्रभारी वैभव जी ने  कांवड़ सेवा शिविर संचालकों एवं कांवड़ यात्रियों से आगामी कांवड़ यात्रा को स्वच्छ, हरित एवं पर्यावरण-अनुकूल बनाने में सक्रिय सहयोग की अपील की,शिविर संचालकों से अनुरोध किया कि वे शिविरों में प्लास्टिक एवं डिस्पोजेबल सामग्री, जैसे प्लास्टिक के गिलास, प्लेट, कटोरी, चम्मच आदि का उपयोग पूर्णतः बंद करें तथा उनके स्थान पर स्टील अथवा अन्य पुनः उपयोग योग्य बर्तनों का प्रयोग करें। इससे प्लास्टिक कचरे में उल्लेखनीय कमी आएगी तथा पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्वच्छता को भी बढ़ावा मिलेगा।
प्रेस वार्ता में राजा जैन द्वारा यह भी आग्रह किया गया कि कांवड़ यात्री अपनी यात्रा के दौरान यथासंभव अपने खाने-पीने के बर्तन साथ रखें तथा एकल-उपयोग प्लास्टिक का प्रयोग न करें। छोटी-छोटी सावधानियाँ और जनसहयोग मिलकर कांवड़ यात्रा को अधिक स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यावरण हितैषी बना सकते हैं।

समिति का संदेश है—
“स्वच्छ कांवड़ – हरित कांवड़, पर्यावरण संरक्षण हमारी जिम्मेदारी।”

इस दौरान शिविर संचालक सजंय फुटेला,रविकांत धीमान, राजा जैन, यशपाल त्रेहन, पंकज बजाज,पीयूष जी,वैभव जी,सतीश जी, रामचन्द्र जी, आदि उपस्थित रहे।

Related Articles

Back to top button