जरा याद करो कुर्बानी! कारगिल के शहीदों को शत् शत् नमन, डीएम ने दी श्रद्धांजलि

जरा याद करो कुर्बानी! कारगिल के शहीदों को शत् शत् नमन, डीएम ने दी श्रद्धांजलि
डीएम ने खीरी के 12 पराक्रमी कारगिल सैनिकों को किया सम्मानित
ब्यूरो रिपोर्टर: तुषार शुक्ला
लखीमपुर खीरी -जिलेभर में शुक्रवार को 27 वॉ “कारगिल शौर्य दिवस” को शौर्य दिवस मनाते हुए वीर जवानों को श्रद्धाजंलि दी गई। वहीं कलेक्ट्रेट स्थित जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास कार्यालय स्थित शहीद स्मारक में डीएम अंजनी कुमार सिंह ने देश की सुरक्षा की खातिर शहीद हुए कारगिल शहीदों को पुष्प चढ़ाकर नमन किया गया।
डीएम अंजनी कुमार सिंह ने जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास कार्यालय स्थित कारगिल शहीद स्मारक पर बलिदानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। कारगिल विजय दिवस की रजत जयंती पर कलेक्ट्रेट में भव्य कार्यक्रम हुआ, जिसमें डीएम ने कारगिल युद्ध में शामिल पराक्रमी 12 पूर्व सैनिकों (सूबेदार मेजर प्रेम कुमार, सूबेदार लखविंदर सिंह, सूबेदार परमजीत सिंह, नायक संदीप कुमार, ऑनरेरी कैप्टन अकरम खान, हवलदार सुभाष कुमार, हवलदार वली मोहम्मद, नायब सूबेदार नरेंद्र कुमार, नायब सूबेदार विपनेश कुमार, हवलदार राकेश कुमार, नायब सूबेदार प्रमोद कुमार सिंह एवं लांस नायक श्रीमती शांति रावत पत्नी राजकुमार रावत) को शील्ड एवं शाल भेंट कर सम्मानित किया।
डीएम अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि आज का दिन सिर्फ जीत को याद करने का नहीं है, बल्कि सेना के उन जवानों की वीरता, शौर्य, और अदम्य साहस को याद करने का दिन है… जिनके सजदे में देशवासियों का सिर हमेशा से झुकता आया है। आज पूरी देश करगिल युद्ध में शहीद हुए वीर सपूतो को याद कर रहा है।
डीएम ने कारगिल दिवस की बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कारगिल युद्ध में जवानों की योगदान को रेखांकित किया। एनसीसी कैडेट्स सेना के शौर्य को जानने के लिए उनकी इंस्पिरेशनल स्टोरी पढ़ें। पूर्व सैनिकों और उनके परिजनों को कोई असुविधा न हो इसका पूरी अफसर की टीम की ओर से हर संभव प्रयास करेंगे।
जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी विंग कमांडर धनंजय प्रसाद सिंह ने पूरा देश आज 27 वां कारगिल विजय दिवस मना रहा है। 1999 में आज ही के दिन भारत ने दुनिया के सबसे दुर्गम युद्ध क्षेत्रों में पाकिस्तानी सेना को खदेड़ कर कारगिल युद्ध में जीत में हासिल की थी। यह खास दिन देश के उन वीर सपूतों को समर्पित है, जिन्होंने कई मुश्किलों का सामना करते हुए 26 जुलाई, 1999 को पाकिस्तानी सेना को करगिल से खदेड़ कर दुर्गम चोटियों पर विजय पताका फहरायी थी. करगिल विजय।कार्यक्रम में एनसीसी कैडेट्स, सेवा के जवान मौजूद रहे।



