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मानवता और सेवा की अनुपम मिसाल बना औघड़ आश्रम का प्याऊ

मानवता और सेवा की अनुपम मिसाल बना औघड़ आश्रम का प्याऊ
– 15 वर्षों से निरंतर बुझा रहा राहगीरों की प्यास

रायबरेली। भीषण गर्मी, तपती धूप और उमस भरे मौसम के बीच जहां आमजन राहत की तलाश में इधर-उधर भटकते नजर आते हैं, वहीं औघड़ भगवान राम कुष्ठ सेवा आश्रम द्वारा संचालित प्याऊ मानवता, सेवा और परोपकार की अद्भुत मिसाल बनकर लोगों को राहत पहुंचा रहा है। आश्रम के तत्वावधान में विगत 15 वर्षों से प्रतिवर्ष गर्मी के मौसम में यह सेवा कार्य अनवरत रूप से संचालित किया जा रहा है। इस प्याऊ में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को शुद्ध एवं शीतल पेयजल उपलब्ध कराया जाता है। साथ ही गुड़, बताशा और पेठा वितरित कर लोगों को गर्मी से राहत पहुंचाने का पुनीत कार्य किया जाता है।

स्थानीय दीवानी कचहरी से कोतवाली रोड जाने वाले मार्ग पर स्थापित यह प्याऊ आज जिले में सेवा भावना, सामाजिक समर्पण और मानवीय संवेदनाओं का प्रतीक बन चुका है। कचहरी आने वाले वादकारी, अधिवक्ता, रिक्शा चालक, श्रमिक, व्यापारी, राहगीर और आम नागरिक यहां रुककर पानी पीते हैं और आश्रम की इस निःस्वार्थ सेवा की मुक्त कंठ से सराहना करते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि गर्मी शुरू होते ही उन्हें औघड़ आश्रम के प्याऊ लगने का इंतजार रहने लगता है, क्योंकि यह प्याऊ केवल पानी पिलाने का माध्यम नहीं बल्कि इंसानियत और सेवा का जीवंत संदेश है।
     उल्लेखनीय है कि इस सेवा कार्य की शुरुआत वर्ष 2011 में की गई थी। उस समय मुख्यालय पड़ाव, वाराणसी आश्रम से पधारे साधु मगहिया राम की गरिमामयी उपस्थिति में व्यापारी नेता मुकेश रस्तोगी के प्रतिष्ठान पर इस प्याऊ का भव्य शुभारंभ किया गया था। धीरे-धीरे यह सेवा कार्य जनमानस के दिलों में अपनी विशेष पहचान बनाता चला गया और आज यह पूरे जनपद में प्रेरणा का स्रोत बन चुका है। आश्रम की इस पहल से प्रेरित होकर अब जिले के विभिन्न बाजारों, चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर भी सामाजिक संगठनों एवं जागरूक नागरिकों द्वारा प्याऊ लगाए जाने लगे हैं।  धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियों में अग्रणी औघड़ भगवान राम कुष्ठ सेवा आश्रम केवल गर्मी में प्याऊ लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संस्था वर्षों से समाज सेवा के अनेक कार्यों में बढ़-चढ़कर भागीदारी निभा रही है। आश्रम परिसर में प्रत्येक रविवार को पथरी के रोगियों को फकीरी पद्धति से निःशुल्क दवा वितरित की जाती है। दूर-दराज क्षेत्रों से आने वाले लोग यहां उपचार प्राप्त कर लाभान्वित होते हैं।  इसके अतिरिक्त समाज से उपेक्षित एवं असहाय कुष्ठ रोगियों के लिए भी आश्रम किसी वरदान से कम नहीं है। समाज जिन कुष्ठ रोगियों को उपेक्षा और तिरस्कार की दृष्टि से देखता है, उन्हें आश्रम न केवल आश्रय प्रदान करता है, बल्कि सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर भी उपलब्ध कराता है। आश्रम में रहने वाले कुष्ठ रोगियों की सेवा, भोजन, चिकित्सा और देखभाल की समुचित व्यवस्था की जाती है। यही कारण है कि यह संस्था वर्षों से मानवता की सेवा में समर्पित होकर समाज के लिए प्रेरणा का केन्द्र बनी हुई है।  आश्रम द्वारा केवल गर्मी में प्याऊ संचालन ही नहीं, बल्कि वर्ष भर विभिन्न सामाजिक एवं मानवीय सेवा कार्य संचालित किए जाते हैं। ठंड के मौसम में आश्रम की ओर से विशेष शिविर लगाकर जरूरतमंदों को रजाइयों का वितरण किया जाता है। इतना ही नहीं, रात के समय आश्रम के सेवादार रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों पर पहुंचकर असहाय एवं जरूरतमंद लोगों को बिना किसी प्रचार-प्रसार के चुपचाप कंबल ओढ़ाने का कार्य करते हैं। सेवा का यह अनूठा स्वरूप लोगों के दिलों में अपनी अलग पहचान बना चुका है और आश्रम की मानवीय संवेदनाओं को समाज में विशेष सम्मान दिलाता है।  इसके साथ ही विभिन्न चिकित्सालयों में भर्ती रोगियों के बीच फल वितरण, जरूरतमंद परिवारों को पंखा वितरण तथा धार्मिक स्थलों पर स्वच्छता एवं सेवा भावना को प्रोत्साहित करने हेतु मंदिरों, मस्जिदों, गुरुद्वारों, गिरजाघरों एवं साधु-संतों की पीठों में झाड़ू वितरण जैसे कार्य भी निरंतर किए जाते हैं। आश्रम द्वारा बिना किसी भेदभाव के सभी धर्मों और वर्गों के लोगों के बीच सेवा कार्य किए जाना सामाजिक समरसता और मानवता की एक अनूठी मिसाल के रूप में विख्यात हो चुका है।  आश्रम की मुख्य शाखा अवधूत भगवान राम कुष्ठ सेवा आश्रम एवं श्री सर्वेश्वरी समूह द्वारा किए जा रहे सेवा कार्यों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सम्मानित किया जा चुका है। संस्था को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड एवं लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स सहित अनेक प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा जा चुका है। यह सम्मान संस्था द्वारा वर्षों से किए जा रहे निःस्वार्थ सेवा कार्यों और मानव कल्याण के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का प्रमाण हैं।
     महान संत अवधूत भगवान राम ने मानवता, सेवा और करुणा के जिस मार्ग को समाज के समक्ष प्रस्तुत किया था, उसी सेवा परंपरा को आज पूज्य बाबा गुरूपद सम्भवराम निरंतर आगे बढ़ा रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में संस्था गरीबों, असहायों, रोगियों और जरूरतमंदों की सेवा में पूर्ण समर्पण के साथ कार्य कर रही है।
     शाखा रायबरेली के मंत्री चन्दापुर स्टेट के कुंवर हर्षेन्द्र सिंह ‘छोटे राजा’ ने कहा कि “प्यासे को पानी पिलाना सबसे बड़ा पुण्य कार्य माना गया है। इसी भावना के साथ वर्षों से यह प्याऊ संचालित किया जा रहा है। संस्था का उद्देश्य केवल पानी पिलाना नहीं, बल्कि समाज में सेवा, सहयोग, करुणा और मानवता की भावना को मजबूत करना है।”
      संयुक्त मंत्री अभिषेक विक्रम सिंह ने कहा कि “मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। औघड़ भगवान राम जी की शिक्षाओं से प्रेरणा लेकर आश्रम निरंतर जनसेवा के कार्यों में लगा हुआ है। भीषण गर्मी में राहगीरों को शीतल जल उपलब्ध कराना केवल सेवा नहीं, बल्कि मानवता के प्रति हमारी जिम्मेदारी भी है। आश्रम का प्रयास रहता है कि कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति निराश न लौटे। भविष्य में भी संस्था समाज हित के कार्यों को और व्यापक स्तर पर संचालित करती रहेगी।
     स्थानीय नागरिकों, अधिवक्ताओं एवं व्यापारियों ने आश्रम के इस सेवा कार्य की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए कहा कि वर्तमान समय में जहां अधिकांश लोग स्वार्थ की भावना में उलझे हुए हैं, वहीं औघड़ आश्रम निःस्वार्थ भाव से मानवता की सेवा कर समाज के सामने प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है। लोगों का मानना है कि यदि प्रत्येक व्यक्ति और संस्था इसी प्रकार समाज सेवा के कार्यों में आगे आए, तो जरूरतमंदों को काफी राहत मिल सकती है तथा समाज में आपसी सहयोग, भाईचारा और सद्भाव की भावना और अधिक मजबूत होगी।
     मानवता के इस पुनीत कार्य में आश्रम के व्यवस्थापक बृजेश सिंह, रमेश सिंह, शिवलखन सिंह, राघवेन्द्र मिश्र सहित अन्य भक्तगण तन-मन-धन से निःस्वार्थ सहयोग प्रदान कर रहे हैं। आश्रम से जुड़े लोगों का कहना है कि मानव सेवा की यह परंपरा भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगी और समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहायता पहुंचाने का प्रयास किया जाता रहेगा।

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