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वृद्धाश्रम में गूंजा संवेदनाओं का उत्सव, अर्णव श्रीवास्तव ने बुजुर्गों संग मनाया 16वाँ जन्मदिन

वृद्धाश्रम में गूंजा संवेदनाओं का उत्सव, अर्णव श्रीवास्तव ने बुजुर्गों संग मनाया 16वाँ जन्मदिन

रायबरेली 24.05.2026!

आज के दौर में जहां युवा पीढ़ी आधुनिकता की चमक में रिश्तों और संस्कारों से दूर होती जा रही है, वहीं जनपद रायबरेली के युवा अर्णव श्रीवास्तव ने अपने 16वें जन्मदिन को एक नई सोच और मानवीय संवेदनाओं के साथ मनाकर समाज के सामने प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया। आईटीआई स्थित वृद्धजन आश्रम में बुजुर्गों के बीच पहुंचकर अर्णव ने उनका आशीर्वाद लिया, उनके साथ समय बिताया तथा सभी को रात्रि भोजन कराकर अपने जन्मदिन को सेवा और सम्मान का पर्व बना दिया।
शहर के प्रतिष्ठित एवं सामाजिक चेतना से जुड़े परिवार से ताल्लुक रखने वाले अर्णव श्रीवास्तव, वरिष्ठ समाजसेवी एवं प्रख्यात अधिवक्ता स्वर्गीय अमरेश चंद्र श्रीवास्तव के पौत्र हैं। स्व. अमरेश चंद्र श्रीवास्तव जनपद की राजनीति, समाजसेवा और विधि जगत का एक सम्मानित नाम रहे हैं। वहीं अर्णव के पिता अनिमेष श्रीवास्तव शिक्षाविद एवं वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान बनाए हुए हैं। परिवार से मिले संस्कारों और सामाजिक मूल्यों की झलक अर्णव के व्यक्तित्व में स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।
अर्णव ने अपने मित्रों आयुष दुबे, दिग्विजय सिंह, तन्मय गिरि, अथर्व गौतम, अभिजीत सिंह, अचिंत्य सिंह सहित अन्य साथियों के साथ वृद्धजनों के बीच आत्मीय क्षण बिताए। कार्यक्रम में पारिवारिक सदस्य भुवन सिंह की भी गरिमामयी उपस्थिति रही। आयोजन श्री रामबली सिंह की देखरेख एवं वृद्धजन आश्रम के प्रबंधक अनुज श्रीवास्तव के विशेष सहयोग से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
कम उम्र में ही वैश्विक कानून और अंतरराष्ट्रीय राजनीति में गहरी रुचि रखने वाले अर्णव मॉडल यूनाइटेड नेशन्स एवं युवा संसद जैसे राष्ट्रीय मंचों पर अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज करा चुके हैं। भविष्य में विधि शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने की उनकी इच्छा उनके गंभीर चिंतन और नेतृत्व क्षमता को दर्शाती है।
अर्णव का यह प्रयास केवल जन्मदिन का उत्सव नहीं, बल्कि समाज को यह संदेश भी है कि खुशियों का वास्तविक अर्थ दूसरों के चेहरे पर मुस्कान लाने में छिपा होता है। बुजुर्गों के बीच बिताए गए ये पल वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखों में सम्मान और स्नेह की चमक छोड़ गए।

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