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गोमती दर्शन पदयात्रा को मिला प्रशासनिक संवेदनशीलता का सशक्त साथ, IAS डॉ. अपराजिता सिंह सिनसिनवार की भूमिका बनी प्रेरणा

पंकज कुमार सिंह

गोमती दर्शन पदयात्रा को मिला प्रशासनिक संवेदनशीलता का सशक्त साथ, IAS डॉ. अपराजिता सिंह सिनसिनवार की भूमिका बनी प्रेरणा

पीलीभीत से लखनऊ तक आयोजित “गोमती दर्शन पदयात्रा” केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि माँ गोमती के संरक्षण, स्वच्छता और जनजागरण का व्यापक अभियान बनकर उभरी। इस अभियान को सफल बनाने में जहाँ हजारों लोगों की सहभागिता रही, वहीं शाहजहाँपुर की तत्कालीन मुख्य विकास अधिकारी रहीं डा. अपराजिता सिंह सिनसिनवार का सहयोग विशेष रूप से चर्चा का विषय बना हुआ है। गोमती दर्शन समिति की अध्यक्ष श्वेता सिंह एवं संयोजक अनुराग पाण्डेय ने संयुक्त रूप से कहा कि डॉ. अपराजिता सिंह का सहयोग केवल प्रशासनिक औपचारिकता तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने पूरे अभियान को व्यक्तिगत संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ समर्थन दिया।

गौरतलब है कि “गोमती दर्शन पदयात्रा” 28 मार्च को पीलीभीत के माधव टांडा से प्रारंभ होकर 5 अप्रैल को कुड़ियाघाट पर सम्पन्न हुई। इसी क्रम में 29 मार्च को पदयात्रा शाहजहाँपुर जनपद की बंडा तहसील पहुँची, जहाँ 30 मार्च को स्वच्छता अभियान, हवन-पूजन एवं माँ गोमती के ऐतिहासिक और वर्तमान महत्व पर विशेष गोष्ठी आयोजित की गई।

आयोजकों के अनुसार बंडा में आयोजित कार्यक्रम की व्यवस्थाओं—पदयात्रियों के ठहरने, भोजन, स्वच्छता अभियान हेतु गमबूट्स, ग्लव्स तथा अन्य आवश्यक संसाधनों—में डॉ. अपराजिता सिंह सिनसिनवार ने अत्यंत सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने हर छोटी-बड़ी आवश्यकता पर व्यक्तिगत रूप से ध्यान दिया और निरंतर संवाद बनाकर व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखा।

अध्यक्ष श्वेता सिंह ने कहा कि “माँ गोमती और पर्यावरण संरक्षण के प्रति डॉ. अपराजिता सिंह की संवेदनशीलता उनके हर प्रयास में स्पष्ट दिखाई दी। मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप जिस प्रतिबद्धता से उन्होंने इस अभियान को सहयोग दिया, वह वास्तव में प्रशंसनीय है।” संयोजक अनुराग पाण्डेय ने कहा कि “गोमती दर्शन पदयात्रा को ऐसे संवेदनशील एवं समर्पित प्रशासनिक अधिकारियों का साथ मिलना हमारे लिए सौभाग्य की बात है। उनका सहयोग इस पूरे अभियान की सफलता में अत्यंत महत्वपूर्ण रहा।” गोमती संरक्षण को लेकर चल रहे इस अभियान में प्रशासन और समाज के बीच ऐसा समन्वय आने वाले समय में पर्यावरणीय जनआंदोलनों के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण माना जा रहा है।

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