अनाथ बच्चों के आंसू पोंछने पहुंचीं पूनम सिंह, दिखावटी समाजसेवा पर जताई नाराजगी

अनाथ बच्चों के आंसू पोंछने पहुंचीं पूनम सिंह, दिखावटी समाजसेवा पर जताई नाराजगी
रायबरेली। सदर विधानसभा क्षेत्र के राही ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत लोधवारी के ग्राम पूरे दुबे में कमला फाउंडेशन की अध्यक्ष पूनम सिंह एक बार फिर अनाथ बच्चों से मिलने पहुंचीं। उन्होंने बच्चों की स्थिति का जायजा लिया और उनका हालचाल पूछा।
ज्ञात हो कि गांव निवासी दिवंगत चिंतामणि रैदास का शव शिवरात्रि के समय नदी में मिला था, जिसके बाद उनके चार छोटे बच्चे—मनु, मांडवी, मनीष और संदीप—अनाथ हो गए। उस समय भी पूनम सिंह ने परिवार के घर पहुंचकर बच्चों को आर्थिक सहायता दी थी। सोमवार को एक बार फिर गांव पहुंचकर उन्होंने बच्चों से मुलाकात की और उन्हें हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।
पूनम सिंह ने बच्चों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि वे जीवन की इस कठिन परिस्थिति में खुद को अकेला न समझें। उन्होंने कहा कि वह हर कदम पर इन बच्चों के साथ खड़ी हैं। बच्चों के घर के बाहर अंधेरा दूर करने के लिए उनकी ओर से स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था भी कराई गई है, ताकि बच्चों का आंगन सुरक्षित और रोशन रह सके।
इस दौरान पूनम सिंह भावुक भी नजर आईं। उन्होंने कहा कि वह इन बच्चों का दर्द अच्छी तरह समझती हैं, क्योंकि उन्होंने भी कम उम्र में अपने पिता को गोलियों से छलनी हालत में देखा था। इसी वजह से वह ऐसे बच्चों की पीड़ा को करीब से महसूस कर पाती हैं।
वहीं, कुछ लोगों द्वारा मदद के नाम पर दिखावा करने पर उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कुछ लोग यहां आकर बच्चों के हाथ में थोड़े पैसे देकर फोटो खिंचवाते हैं और खुद को समाजसेवी बताने लगते हैं, जो बेहद शर्मनाक है। ऐसी कई शिकायतें भी सामने आई हैं, जो समाज को सोचने पर मजबूर करती हैं।
पूनम सिंह ने कहा कि समाज को इस बात पर गंभीरता से विचार करना होगा कि क्या गरीबों और असहाय बच्चों को सामान्य जीवन जीने के लिए पहले अपने पूरे परिवार को खोना पड़ेगा, तभी जाकर उनके रहने और खाने की व्यवस्था हो पाएगी। उन्होंने समाज से अपील की कि ऐसे बच्चों की मदद निस्वार्थ भाव से की जाए, न कि प्रचार के लिए।



