पत्नी ने बिना तलाक रचाई दूसरी शादी, गहने-नकदी हड़पने और पुलिस से मिलीभगत के ऊपर आरोप—पीड़ित रवि कुमार ने जिलाधिकारी से की मांग कर मचाया हड़कंप

पत्नी ने बिना तलाक रचाई दूसरी शादी, गहने-नकदी हड़पने और पुलिस से मिलीभगत के ऊपर आरोप—पीड़ित रवि कुमार ने जिलाधिकारी से की मांग कर मचाया हड़कंप
विशेष रिपोर्ट -मो कलीम अंसारी
सहारनपुर से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने न सिर्फ पारिवारिक कानून, बल्कि पुलिस की कार्यप्रणाली और निष्पक्षता पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। ग्राम रामनगर, थाना कोतवाली देहात निवासी रवि कुमार पुत्र सुभाष चन्द ने जिलाधिकारी को दिए गए विस्तृत प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि उनकी पत्नी शोषन उर्फ राधिका ने बिना तलाक अवैध रूप से दूसरी शादी कर ली, जबकि वह आज भी कानूनन प्रार्थी की पत्नी है। रवि कुमार के अनुसार उनकी शादी दिनांक 02 जुलाई 2018 को हुई थी, लेकिन बाद में पारिवारिक विवाद उत्पन्न होने पर मामला न्यायालय तक पहुंचा, जहां माननीय न्यायालय ने विपक्षीया को प्रार्थी के घर आकर पत्नी धर्म निभाने का आदेश दिया था।
पीड़ित का कहना है कि इसके बावजूद उसकी पत्नी और ससुराल पक्ष ने उसे मानसिक व सामाजिक रूप से प्रताड़ित करना जारी रखा। प्रार्थी के खिलाफ विपक्षीया द्वारा दर्ज कराए गए धारा 498A IPC और घरेलू हिंसा अधिनियम के मुकदमे न्यायालय द्वारा उसके पक्ष में समाप्त हो चुके हैं, फिर भी पुलिस और विपक्षीगण की कथित मिलीभगत के चलते उसे लगातार परेशान किया जा रहा है। रवि कुमार ने आरोप लगाया है कि उसके सोने-चांदी के जेवरात, कीमती कपड़े और लगभग 50 हजार रुपये नकद आज भी विपक्षीगण के पास अवैध रूप से रखे हुए हैं, जिन्हें वापस नहीं किया गया।
मामले ने तब और गंभीर मोड़ ले लिया जब प्रार्थी ने आरोप लगाया कि अगस्त 2023 में विपक्षीगण ने साजिश के तहत उसकी पत्नी की बिना तलाक अवैध शादी दीपक पुत्र ब्रिजेश निवासी पाण्डोखेड़ी, थाना नानौता से करा दी। इतना ही नहीं, इस अवैध विवाह से एक बच्चा भी उत्पन्न हुआ है, जो कानूनन गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। पीड़ित का दावा है कि यह सब जानबूझकर किया गया ताकि उसे सामाजिक, मानसिक और कानूनी रूप से तोड़ा जा सके।
रवि कुमार ने अपने प्रार्थना पत्र में पुलिस अधिकारियों पर भी बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि चौकी प्रभारी रामनगर बलवीर सिंह और उपनिरीक्षक राम कुमार गौतम ने विपक्षीगण से साठगांठ कर फर्जी बयान और फर्जी हस्ताक्षर तैयार किए, जबकि उसने कोई बयान नहीं दिया। प्रार्थी के अनुसार पुलिस ने न तो उसका चोरी गया सामान बरामद किया और न ही निष्पक्ष जांच की, बल्कि पूरे मामले को दबाने और आरोपियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।
पीड़ित ने बताया कि उसके माता-पिता का देहांत हो चुका है और वह स्वयं गंभीर बीमारी (पेट में रसौली) से पीड़ित है। अकेलेपन और बीमारी के बावजूद उसे न्याय के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। उसने थाना कोतवाली देहात, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहारनपुर, डीआईजी सहारनपुर, एडीजी मेरठ जोन और जिलाधिकारी को कई बार प्रार्थना पत्र दिए, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। रवि कुमार का कहना है कि उसे विपक्षीगण से जान-माल का खतरा बना हुआ है और भविष्य में उसे झूठे मुकदमों में फंसाए जाने की आशंका भी है।
पुलिस पर विश्वास समाप्त होने की बात कहते हुए पीड़ित ने जिलाधिकारी से पूरे प्रकरण की CBI जांच, विपक्षीगण की गिरफ्तारी, चोरी गए सामान की बरामदगी और स्वयं की सुरक्षा की मांग की है। इस प्रकरण ने प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचा दी है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या पीड़ित को न्याय मिलेगा या फिर यह मामला भी प्रभाव, साठगांठ और लापरवाही की भेंट चढ़ जाएगा। जनपद की निगाहें अब जिला प्रशासन और उच्च पुलिस अधिकारियों के अगले कदम पर टिकी हैं।



