शाकंभरी देवी की जयंती अपार श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई

शाकंभरी देवी की जयंती अपार श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई
विशेष रिपोर्ट -मो कलीम अंसारी
सहारनपुर मां भगवती राज राजेश्वरी मां शाकंभरी देवी की जयंती अपार श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई। मां को 56 भोग लगाए गए। जयकारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। बाद में विशाल भंडारे में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
शनिवार को मां जगदंबा कुटुंब एवं दिव्य ज्योतिष नक्षत्र दर्शन सेवा संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में पुरानी अनाज मंडी स्थित श्री राधा कृष्ण मंदिर में मां शांकभरी जयंती मनाई गई। मां के जयकारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। मां शाकंभरी को 56 भोग लगाए गए। गुरुदेव पं.कृष्ण कुमार कौशिक, आचार्य पं.प्रगीत महाराज न पावन वाणी से मां के प्राकट्य का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि मां शाकंभरी अन्नपूर्णा, दुर्गा एवं काली के रूप में विराजमान है मां भगवती सभी का कल्याण करती हैं और सभी का भरण पोषण करती है मां भगवती करुणामई है जो भी उनके दर पर अपने मन की इच्छा लेकर जाता है। मां भगवती उसे अवश्य पूर्ण करती हैं। इसके अलावा राधा विहार स्थित महाशक्ति पीठ वैष्णवी महाकाली मंदिर में मां शाकंभरी देवी जन्मोत्सव अवसर पर स्वामी कालेंद्रानंद महाराज ने कहा मां शाकंभरी जगत का कल्याण करने वाली है। श्री रामकृष्ण विवेकानंद संस्थान के तत्वाधान में आयोजित मां शाकुंभरी देवी जन्मोत्सव अवसर पर मां भगवती शाकंभरी देवी का विधिवत पूजन किया गया और मां भगवती को 56 भोग अर्पण किए गए और मां आदिशक्ति योग माया शाकुंभरी देवी को 1008 की सब्जियां अर्पण की गई , मां भगवती को भोग अर्पण कर महा आरती उतारी गई और विशाल भंडारे का आयोजन किया गया।



