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महात्मा ज्योतिराव फूले तथा माता सावित्री बाई फूले को भारतरत्न देने की मांग

महात्मा ज्योतिराव फूले तथा माता सावित्री बाई फूले को भारतरत्न देने की मांग

विशेष रिपोर्ट  -मो कलीम अंसारी

सहारनपुर माता सावित्री बाई फूले की जयन्ती दिवस पर ऑल इण्डिया सैनी सेवा समाज द्वारा 3 जनवरी को महिला शिक्षिका दिवस घोषित करने एवं महात्मा ज्योतिराव फूले तथा माता सावित्री बाई फूले को भारतरत्न देने की मांग को लेकर नगर मजिस्ट्रेट को एक ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन मे कहा गया कि भारत देश को आजाद कराने में हमारे देश के कई देशभक्तों ने कुर्बानी दी। परन्तु आजादी पूर्व भी हमारा देश पुरानी रूटिवादिता, अशिक्षा और वर्ण व्यवस्था के चक्रव्यूह में फंसा होने के कारण अंधकार में डूबा हुआ था। ऐसे समय में ।। अप्रैल 1827 को महान समाजसुधारक, विचारक व डॉ० भीमराव अम्बेडकर के राजनैतिक गुरू महात्मा ज्योतिराव फूले ने महाराष्ट्र के सतारा जिले में जन्म लेकर छोटी-सी आयु से ही समाज मे फैली अधविश्वास व वर्णव्यवस्था के विरूद्ध आवाज उठाने का कार्य किया । उन्होने स्वयं तो समाज सुधार का कार्य जारी रखा ही, इसके साथ-साथ उन्होने अपनी पत्नी सावित्री बाई फूले को शिक्षित करते हुए भारत की प्रथम महिला शिक्षिका बनाकर अपने ही 18 विधालयों में बालिकाओं-महिलाओं को शिक्षा का अधिकार दिलाया। यहीं से भारत में नारी शिक्षा की नींव पडी । यह वह समय था जब समाज में नारी शिक्षा को अभिशाप समझा जाता था और माता सावित्री बाई फूले को इस दौरान अनेक यातनाओं को सहन करना पड़ा। परन्तु उन्होने हार ना मानते हुए शिक्षण कार्य जारी रखा और अपना सम्पूर्ण जीवन समाजसेवा में न्यौछावर कर दिया । वक्ताओं ने कहा कि बड़े खेद का विषय है कि एक ओर जंहा महिला शिक्षा के मार्ग पर चलते हुए भारत की महिलाएं राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, डॉक्टर, वकील जैसे प्रत्येक क्षेत्र में अपनी काबिलियत का लोहा मनवा रहीं है और भारत की तरक्की में अपनी हिस्सेदारी निभा रहीं है, वहीं दूसरी ओर भारत सरकार ने महिला शिक्षा की जनक क्रान्ति ज्योति माता सावित्री बाई फूले के बलिदान को भुला दिया है। भारत की प्रथम महिला प्रधानमंत्री स्व० श्रीमति इन्दिरा गांधी ने भी अपने सम्बोधन में कहा था कि यदि माता सावित्री बाई फूले ना होती तो मैं कभी इस देश की प्रधानमंत्री ना बन पाती। माता सावित्री बाई फूले ने शोषित दलित, आदिवासी व पिछडे वर्ग की बालिकाओं को शिक्षित किया होगा, उस विपरीत परिस्थिति में भी माता सावित्री बाई फूले ने सामाजिक अपमान सहकर भी बालिकाओं को शिक्षित करने का अभूतपूर्व कार्य किया, उसके लिए उनकी जयन्ती दिवस पर ऑल इण्डिया सैनी सेवा समाज मांग करता है कि माता सावित्री बाई फूले के जयन्ती दिवस 03 जनवरी को महिला शिक्षिका दिवस घोषित किया जाए एवं महात्मा ज्योतिराव फूले तथा माता सावित्री बाई फूले को भारतरत्न दिया जाए, जिसके वे हकदार हैं।

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