#SvasJsNewsउत्तर प्रदेशपुलिस विभागब्रेकिंग न्यूज़सहारनपुर

सहारनपुर में युवती ने दरोगा पर गंभीर आरोप लगाए।

सहारनपुर में युवती ने दरोगा पर गंभीर आरोप लगाए।

पीड़िता एसएसपी कार्यालय पहुंचकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की

विशेष रिपोर्ट  -मो कलीम अंसारी

सहारनपुर नकुड़ थाना क्षेत्र में एक युवती ने एक एसआई पर गंभीर आरोप लगाए हैं। युवती रीना ने एसएसपी को शिकायती पत्र सौंपकर बताया कि जमीन विवाद में उसे और उसके बुजुर्ग पिता को एससी-एसटी एक्ट के फर्जी मुकदमों में फंसाया जा रहा है। उसने दरोगा पर मानसिक उत्पीड़न और साजिश रचने का आरोप लगाया है।
पीड़िता रीना ने बताया कि उसके पास गांव साहबामाजरा में आबादी भूमि में एक घेर है, जिस पर वह लंबे समय से काबिज है। इस घेर को लेकर कुछ ग्रामीण विवाद कर रहे थे। मामला न्यायालय पहुंचा, जिसने 18 नवंबर 2025 को रीना के पक्ष में फैसला सुनाया। कोर्ट ने नकुड़ पुलिस को कब्जा दिलाने और निर्माण कार्य कराने का निर्देश दिया था, लेकिन विवाद जारी रहा। रीना का आरोप है कि थाना नकुड़ में तैनात उपनिरीक्षक दीपक सिंह इस मामले में लगातार उसका मानसिक उत्पीड़न कर रहे हैं। पीड़िता ने बताया कि दरोगा ने उससे कहा कि यदि उसे कब्जा चाहिए तो थाने के सामने आत्मदाह करना होगा। जब उसने इनकार किया, तो उसे धमकाया गया। रीना का यह भी आरोप है कि दरोगा ने भीम आर्मी से जुड़े स्थानीय नेता विकास कुमार निडर के साथ मिलकर उसके खिलाफ साजिश रची। पीड़िता के मुताबिक, बीते रविवार शाम दरोगा दीपक सिंह उसके घर पहुंचे और बताया कि साहबामाजरा निवासी भूपेंद्र पुत्र राजेंद्र ने उसके खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कराई है। यह सुनकर रीना के 70 वर्षीय पिता को गहरा सदमा लगा और सीने में दर्द के कारण उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। रीना ने बताया कि यह तीसरी बार है जब उस पर और उसके परिवार पर फर्जी तरीके से एससी-एसटी एक्ट के मुकदमे दर्ज किए गए हैं। उसने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, फर्जी मुकदमा हटाने और संबंधित दरोगा सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस मामले को लेकर पुलिस प्रशासन पर निष्पक्ष जांच का दबाव बढ़ गया है।

Related Articles

Back to top button