अमेरिका-ईरान तनाव के बीच मक्का में बड़ी रणनीतिक बैठक, ट्रंप की चेतावनी से बढ़ी दुनिया की चिंता
अंतरराष्ट्रीय डेस्क

अमेरिका-ईरान तनाव के बीच मक्का में बड़ी रणनीतिक बैठक, ट्रंप की चेतावनी से बढ़ी दुनिया की चिंता
अंतरराष्ट्रीय डेस्क। अमेरिका और ईरान के बीच लगातार बढ़ते तनाव ने एक बार फिर मध्य-पूर्व की स्थिति को गंभीर बना दिया है। सऊदी अरब पर हूती विद्रोहियों के हमलों के बीच पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये के वरिष्ठ अधिकारियों की मक्का में महत्वपूर्ण रणनीतिक बैठक पर दुनिया की नजरें टिकी हैं। माना जा रहा है कि बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा और तेजी से बदलते हालात पर चर्चा हो रही है। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि उसके सामने अब आसान या मुश्किल रास्ता चुनने का विकल्प है। ट्रंप ने संकेत दिया है कि अमेरिका ईरान को लेकर अपने अगले बड़े कदम पर विचार कर रहा है। उनके बयान के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।वहीं ईरान ने भी अपने रुख को स्पष्ट किया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची का कहना है कि विवाद का कोई सैन्य समाधान नहीं है, लेकिन यदि ईरान पर हमला किया गया तो उनका देश युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार है। ईरान की ओर से अमेरिका से मध्य-पूर्व से अपनी सैन्य मौजूदगी समाप्त करने की मांग भी उठाई गई है

ईरानी सांसदों ने परमाणु ठिकानों की सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के साथ सहयोग को लेकर भी सख्त रुख अपनाया है। दूसरी ओर, ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान ने परमाणु हथियार बनाने की योजना लगभग छोड़ दी है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके सत्ता में आने के बाद तेल की कीमतों में कमी आई है। इस बीच ईरानी संसद के स्पीकर ने दावा किया है कि अमेरिका की ओर से हाल ही में एक मध्यस्थ के जरिए प्रस्ताव भेजा गया था। हालांकि, ईरान का कहना है कि अब एकतरफा मांगों के आधार पर बातचीत का दौर स्वीकार नहीं किया जाएगा। फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव कूटनीतिक बातचीत से कम होगा या आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर रूप लेगी।



